सेंसेक्स 156 अंक चढ़कर 73,401 पर खुला, मीडिया और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने 29 अक्टूबर 2026 को गुरुवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ की। सुबह 9 बजकर 25 मिनट IST पर बीएसई सेंसेक्स 156 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,401 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 36 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,743 पर कारोबार कर रहा था। मीडिया और आईटी क्षेत्र की अगुवाई में यह तेजी लार्जकैप से मिडकैप और स्मॉलकैप तक फैली रही।
मुख्य सूचकांकों का हाल
शुरुआती कारोबार में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 60 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,695 पर था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 167 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ 57,441 पर कारोबार कर रहा था। व्यापक बाजार में भी सकारात्मक धारणा देखी गई, जो संकेत देती है कि खरीदारी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
गेनर्स और लूजर्स
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मीडिया, निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर बढ़त में थे। दूसरी तरफ, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग दबाव में रहे।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टीसीएस, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, इन्फोसिस, एचयूएल, बीईएल, टेक महिंद्रा, एसबीआई, सन फार्मा, इंडिगो, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक गेनर्स में शामिल थे। वहीं, ट्रेंट, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और इटरनल लूजर्स में थे।
वैश्विक बाजारों का मिलाजुला रुझान
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखा गया। शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे, जबकि टोक्यो हरे निशान में कारोबार कर रहा था। इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुए थे, जिससे घरेलू बाजार को कुछ सहारा मिला।
कच्चा तेल, सोना और चाँदी में कमजोरी
कमोडिटी बाजार में नरमी बनी रही। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 110.28 डॉलर प्रति बैरल पर था। कॉमेक्स पर सोना 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,047 डॉलर प्रति औंस और चाँदी 0.86 प्रतिशत टूटकर 53.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। कच्चे तेल में यह नरमी आयात बिल के लिहाज से घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात मानी जा सकती है।
आने वाले घंटों में वैश्विक संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधि बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।