सेंसेक्स 906 अंक उछला, निफ्टी 23,301 के पार; कच्चे तेल में गिरावट से दिवाली से पहले बाज़ार में जोश
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स ने 2 नवंबर 2026 को दिन के कारोबार में 906.53 अंक यानी 1.21 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 75,366.06 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 248.15 अंक यानी 1.07 प्रतिशत की बढ़त लेकर 23,301.25 तक पहुँचा। अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड लगभग 3 प्रतिशत टूटकर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर आने से निवेशकों की धारणा में स्पष्ट सुधार आया और सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाज़ार हरे निशान में खुला।
मुख्य घटनाक्रम
सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 74,459.53 के मुकाबले 75,178.24 पर खुला, जो शुरुआत में ही 718.71 अंक की छलाँग दर्शाता था। निफ्टी 50 ने अपने पिछले बंद स्तर 23,053.10 से 169.2 अंक ऊपर 23,222.30 पर कारोबार शुरू किया। व्यापक बाज़ारों में भी उत्साह रहा — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सबसे अधिक मज़बूती ऊर्जा क्षेत्र में रही, जहाँ निफ्टी ऑयल एंड गैस सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा। निफ्टी ऑटो 0.77 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ रहे। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.06 प्रतिशत की हल्की गिरावट में रहे, जो दर्शाता है कि तेज़ी समान नहीं थी।
वैश्विक और घरेलू संकेत
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर ब्रेंट क्रूड पिछले सप्ताह के 118 डॉलर प्रति बैरल के ऊँचे स्तर से गिरकर 110 डॉलर के करीब पहुँचा है। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड भी 4.93 प्रतिशत तक नीचे आई है, जिससे उभरते बाज़ारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह नैस्डैक में 2.8 प्रतिशत की गिरावट के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) थीम से दूर होते निवेशक भारत जैसे बाज़ारों की ओर रुख कर सकते हैं। घरेलू स्तर पर बैंकिंग क्षेत्र में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ और अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह ने भी बाज़ार की भावना को मज़बूती दी है।
तकनीकी विश्लेषण
तकनीकी नज़रिये से निफ्टी का RSI 53.50 पर पहुँच गया है, जो औसत रीडिंग 45.97 से ऊपर है और सकारात्मक रुझान का संकेत देता है। पुट-कॉल रेशियो (PCR) 1.24 पर है, जो डेरिवेटिव्स बाज़ार में बुलिश भावना दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,900–23,000 प्रमुख समर्थन क्षेत्र है, जबकि 23,200–23,250 निकटतम प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। यदि सूचकांक 50-दिवसीय EMA के ऊपर टिका रहा, तो तेज़ी और गहरी हो सकती है।
वैश्विक बाज़ारों का संदर्भ
यह तेज़ी ऐसे समय आई है जब एशियाई शेयर बाज़ारों में कमज़ोरी देखी जा रही थी। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट नकारात्मक दायरे में बंद हुआ था — Intel और Amazon के उम्मीद से कमज़ोर नतीजों और AI पर भारी खर्च को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण नैस्डैक में 5 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट आई थी। गौरतलब है कि बाज़ार में यह चर्चा भी है कि आगामी केंद्रीय बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव हो सकते हैं, और कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बाज़ार इन संभावनाओं को पहले से ही कीमतों में शामिल करना शुरू कर चुका है। दिवाली से ठीक पहले आई इस रैली ने खुदरा और संस्थागत दोनों निवेशकों में उत्साह भर दिया है, और आने वाले सत्रों में बाज़ार की दिशा तेल की कीमतों व अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों पर निर्भर करेगी।