2 नवंबर 2026
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अमिताभ बच्चन का मीडिया पर फूटा गुस्सा: 'जय कन्हैया लाल की' को गलत संदर्भ में पेश करने पर चेतावनी

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अमिताभ बच्चन का मीडिया पर फूटा गुस्सा: 'जय कन्हैया लाल की' को गलत संदर्भ में पेश करने पर चेतावनी

सारांश

अमिताभ बच्चन ने एक्स पर मीडिया के एक वर्ग पर सीधा निशाना साधा — भगवान कृष्ण की प्रार्थना को 'विरोधियों को ललकारने' के रूप में पेश करने पर भड़के। '5 करोड़ फॉलोअर्स हैं, सोच लो' — यह चेतावनी सेलेब्रिटी-मीडिया रिश्तों पर बड़ा सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने 2 नवंबर 2026 को एक्स पर मीडिया के खिलाफ सार्वजनिक रूप से नाराज़गी ज़ाहिर की।
उनकी 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' वाली भगवान कृष्ण-प्रार्थना को मीडिया ने कथित तौर पर 'विरोधियों को चुनौती' के रूप में पेश किया।
अमिताभ ने इसे धार्मिक भावनाओं का निरादर बताया और कहा कि उनका पोस्ट किसी राजनीतिक बयान का हिस्सा नहीं था।
उन्होंने चेतावनी दी कि उनके 5 करोड़ फॉलोअर्स में से 10% भी सक्रिय हुए तो 'भारी पड़ेगा'।
अमिताभ ने मीडिया की जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पब्लिक फिगर गलती पर माफी माँगते हैं, मीडिया नहीं।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने 2 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि उनके भगवान कृष्ण को समर्पित प्रार्थना-संदेश को तोड़-मरोड़कर 'विरोधियों को चुनौती' के रूप में पेश किया गया। मुंबई से साझा किए गए इस पोस्ट में उन्होंने मीडिया को सीधी चेतावनी दी कि उनके 5 करोड़ फॉलोअर्स का सहारा लेने से नहीं हिचकिचाएँगे।

मामला क्या है

दरअसल, अमिताभ बच्चन ने कुछ समय पहले एक पोस्ट और ब्लॉग लिखा था, जिसमें भगवान कृष्ण के लिए परंपरागत रूप से प्रचलित पंक्ति 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' का उपयोग प्रार्थना के रूप में किया गया था। उनके अनुसार यह एक आस्थापूर्ण अभिव्यक्ति थी, जो वे भगवान कृष्ण के उपलक्ष्य में अक्सर उच्चारित करते हैं।

उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में एक मीडिया रिपोर्ट की हेडलाइन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्हीं शब्दों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया जैसे वे किसी प्रतिद्वंद्वी को ललकार रहे हों।

अमिताभ ने क्या कहा

बच्चन ने अपने पोस्ट में लिखा, 'और मीडिया उसका निरादर करके, अपना प्रचार करने के लिए, छापता है, 'देखिए ये अमिताभ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है, की, 'ले आओ हाथी घोड़ा' हम अपने हथियारों से लड़ेंगे, डरेंगे नहीं !' एक तो घोर निंदा एक 'जय श्री कृष्ण' के उपलक्ष्य में, और दूसरा, शब्दों को पलट कर विरोधियों को चुनौती देने की बात कर रहे है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पोस्ट न तो किसी राजनीतिक बयान का हिस्सा था और न ही किसी पर कोई तंज। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं का निरादर भी करार दिया।

मीडिया को सीधी चेतावनी

इस पोस्ट से पहले अमिताभ ने एक अन्य पोस्ट में लिखा था, '(हम) लिखते हैं प्रार्थना और मीडिया उसके शब्दों का दुरुपयोग करके निरादर करता है! इतनी लाचारी??? अब मीडिया हमारे हाथ में भी है। सोच लो! भारी पड़ेगा।'

दिग्गज अभिनेता ने यह भी कहा कि यदि उनके 5 करोड़ फॉलोअर्स में से 10 प्रतिशत भी उनके समर्थन में सक्रिय हो जाएँ, तो मीडिया को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

जवाबदेही पर सवाल

अमिताभ ने तीखी आलोचना करते हुए यह भी लिखा, 'हमसे कोई गलती हो जाए — गलतियाँ हो जाती हैं, तो हम तुरंत क्षमा माँगते हैं, और सुधार करने का प्रयत्न करते हैं, पर यहाँ लगता है उनका (मीडिया) ये जन्मसिद्ध अधिकार है।'

उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी पब्लिक फिगर से गलती होती है, तो वे तुरंत माफी माँग लेते हैं — लेकिन उनके अनुसार मीडिया की ओर से ऐसी जवाबदेही आमतौर पर नहीं दिखती।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर सेलेब्रिटी-मीडिया टकराव लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सितारे ने एक्स पर मीडिया रिपोर्टिंग को सीधे चुनौती दी हो, लेकिन अमिताभ बच्चन की वैश्विक पहुँच और फॉलोअर-बेस इस विवाद को अलग आयाम देते हैं। आने वाले दिनों में देखना होगा कि संबंधित मीडिया संस्थान इस पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ प्रसिद्ध हस्तियाँ अपना खुद का मीडिया बन चुकी हैं। लेकिन यह तर्क दोधारी है — फॉलोअर-संख्या को दबाव के हथियार की तरह इस्तेमाल करना स्वयं जवाबदेही की उस माँग को कमज़ोर करता है, जो वे मीडिया से कर रहे हैं। असली मुद्दा यह है कि क्या किसी भी पक्ष — सेलेब्रिटी या मीडिया — में सार्वजनिक गलती सुधारने की संस्थागत व्यवस्था है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन और मीडिया के बीच विवाद किस बात पर है?
अमिताभ बच्चन का आरोप है कि उनकी भगवान कृष्ण को समर्पित प्रार्थना — 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' — को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर 'विरोधियों को ललकारने' के रूप में पेश किया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं का निरादर बताया और एक्स पर सार्वजनिक रूप से नाराज़गी ज़ाहिर की।
अमिताभ बच्चन ने मीडिया को क्या चेतावनी दी?
उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनके 5 करोड़ फॉलोअर्स हैं और यदि उनमें से 10 प्रतिशत भी समर्थन में आ गए तो मीडिया को इसका परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने लिखा, 'सोच लो! भारी पड़ेगा।'
अमिताभ बच्चन ने मीडिया की जवाबदेही पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर गलती होने पर तुरंत माफी माँगते हैं और सुधार का प्रयास करते हैं, लेकिन मीडिया की तरफ से आमतौर पर कोई माफी नहीं आती। उनके अनुसार मीडिया इसे अपना 'जन्मसिद्ध अधिकार' समझता है।
क्या अमिताभ बच्चन का पोस्ट किसी राजनीतिक बयान से जुड़ा था?
नहीं। अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट किया कि उनका पोस्ट पूरी तरह भगवान कृष्ण के लिए एक प्रार्थना था — इसका किसी राजनीतिक बयान या किसी विरोधी पर तंज से कोई संबंध नहीं था।
यह विवाद सेलेब्रिटी-मीडिया संबंधों पर क्या सवाल उठाता है?
यह घटना उस व्यापक बदलाव की ओर इशारा करती है जहाँ सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स रखने वाले सितारे अब पारंपरिक मीडिया की रिपोर्टिंग को सीधे चुनौती दे सकते हैं। यह प्रश्न उठता है कि मीडिया सुधार-तंत्र और सेलेब्रिटी की जवाबदेही में संतुलन कैसे स्थापित हो।
राष्ट्र प्रेस
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