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अमिताभ बच्चन का प्रेरक संदेश: 'एक छोटी सी प्रार्थना भी खोल देती है जिंदगी के दरवाज़े'

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अमिताभ बच्चन का प्रेरक संदेश: 'एक छोटी सी प्रार्थना भी खोल देती है जिंदगी के दरवाज़े'

सारांश

महानायक अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग के ज़रिए लिफ्ट के ऑटोमैटिक दरवाज़े की उपमा से जीवन में प्रार्थना और निरंतर प्रयास का गहरा पाठ दिया। उनका संदेश — 'बिना प्रार्थना कुछ मिले, नामुमकिन!' — करोड़ों प्रशंसकों के लिए प्रेरणा बन गया।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में जीवन की मुश्किलों को लिफ्ट के ऑटोमैटिक दरवाज़े की उपमा से समझाया।
उन्होंने कहा कि 'एक छोटी सी प्रार्थना भी जिंदगी का दरवाज़ा खोल देती है।' संदेश में निरंतर प्रयास और हार न मानने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बच्चन इन दिनों 'कौन बनेगा करोड़पति — 18वाँ सीज़न' की मेज़बानी कर रहे हैं।
यह शो पहली बार वर्ष 2000 में शुरू हुआ था और भारतीय टीवी की सबसे आइकॉनिक फ्रेंचाइज़ी में से एक है।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के ज़रिए जीवन में प्रार्थना और निरंतर प्रयास के महत्व पर एक गहरा और प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। 19 सितंबर 2026 को प्रकाशित इस ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने लिफ्ट के ऑटोमैटिक दरवाज़े की सरल उपमा से जीवन की कठिनाइयों को समझाने का अनोखा प्रयास किया। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

लिफ्ट के दरवाज़े से जीवन का सबक

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जिंदगी की मुश्किलें बिल्कुल लिफ्ट के उस ऑटोमैटिक दरवाज़े जैसी हैं जो अपने आप बंद होने लगता है। उन्होंने लिखा, 'कुछ बिना बोले होता है, कुछ बोलके होता है और कुछ ठोक-ठाक के होता है, लेकिन होता जरूर है।'

उन्होंने इस उपमा को और विस्तार देते हुए समझाया कि लिफ्ट का ऑटोमैटिक दरवाज़ा जब बंद होने लगता है और उस वक्त अगर एक छोटी सी उंगली भी उसके रास्ते में आ जाए, तो वह पुनः खुल जाता है और वापस अपनी जगह पर चला जाता है। यह उपमा बताती है कि कितना भी छोटा प्रयास हो, वह भी रास्ता खोल सकता है।

प्रार्थना और कोशिश का संदेश

महानायक ने अपने ब्लॉग में प्रार्थना को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा, 'जिंदगी में भी एक छोटा सा प्रार्थना दरवाजा खोल देता है, चाहे वो एक छोटी सी उंगली के बराबर ही क्यों न हो।' उनके इस कथन में यह भाव है कि ईश्वर से की गई छोटी-से-छोटी प्रार्थना भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

उन्होंने आगे लिखा, 'बिना प्रार्थना किए कुछ मिले — नामुमकिन! कोशिश करते रहो, चलते रहो, लगे रहो, किसी दिन, वो दरवाजा तंग आकर खुल जाएगा।' यह संदेश उन लोगों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो जीवन में निराशा के दौर से गुज़र रहे हैं।

KBC-18 के होस्ट के रूप में सक्रिय

अमिताभ बच्चन इन दिनों सोनी टीवी के चर्चित क्विज़ रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति — 18वाँ सीज़न' की मेज़बानी कर रहे हैं। यह शो पहली बार वर्ष 2000 में शुरू हुआ था और दो दशकों से अधिक समय में भारतीय टेलीविजन की सबसे आइकॉनिक फ्रेंचाइज़ी में से एक बन चुका है।

यह शो ब्रिटिश शो 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और जवाब पर संशय होने पर लाइफलाइन की सुविधा भी दी जाती है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन लंबे समय से अपने ब्लॉग के माध्यम से प्रशंसकों और समाज से सीधे जुड़ते रहे हैं। उनके इस तरह के प्रेरणादायक संदेश करोड़ों अनुयायियों को जीवन में आगे बढ़ने की ऊर्जा देते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को लेकर सार्वजनिक संवाद बढ़ रहा है, और एक लोकप्रिय हस्ती की ओर से इस तरह का सकारात्मक संदेश समाज में व्यापक प्रभाव डाल सकता है। उनका यह प्रयास आगे भी अपने अनुयायियों को प्रेरित करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असल बात यह है कि यह एक पीढ़ी के सामूहिक अनुभव को आवाज़ देती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने प्रार्थना के बारे में क्या कहा?
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जिंदगी में एक छोटी सी प्रार्थना भी दरवाज़ा खोल देती है, चाहे वो एक छोटी सी उंगली के बराबर ही क्यों न हो। उन्होंने कहा, 'बिना प्रार्थना किए कुछ मिले — नामुमकिन!'
अमिताभ बच्चन ने लिफ्ट के दरवाज़े की उपमा क्यों दी?
उन्होंने यह बताने के लिए यह उपमा दी कि जिस तरह लिफ्ट का ऑटोमैटिक दरवाज़ा बंद होते वक्त एक छोटी उंगली लगाने से खुल जाता है, उसी तरह जीवन में एक छोटी सी कोशिश भी बड़ी मुश्किलें दूर कर सकती है। यह उपमा निरंतर प्रयास और उम्मीद न छोड़ने का संदेश देती है।
अमिताभ बच्चन इन दिनों किस शो में हैं?
अमिताभ बच्चन इन दिनों 'कौन बनेगा करोड़पति — 18वाँ सीज़न' की मेज़बानी कर रहे हैं। यह शो पहली बार वर्ष 2000 में शुरू हुआ था और भारतीय टेलीविजन की सबसे आइकॉनिक फ्रेंचाइज़ी में से एक है।
कौन बनेगा करोड़पति किस विदेशी शो पर आधारित है?
कौन बनेगा करोड़पति ब्रिटिश शो 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है। इसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और जवाब पर संशय होने पर लाइफलाइन की सुविधा दी जाती है।
अमिताभ बच्चन का प्रेरणादायक संदेश किसके लिए उपयोगी है?
यह संदेश विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो जीवन में निराशा, असफलता या कठिन दौर से गुज़र रहे हैं। बच्चन ने स्पष्ट कहा कि कोशिश करते रहने और प्रार्थना करने से एक दिन रास्ता ज़रूर खुलता है।
राष्ट्र प्रेस
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