1 नवंबर 2026
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खड़गे का रामलीला मैदान में हमला: 'वोट चोरी से बनीं बिहार, यूपी, महाराष्ट्र सरकारें, मोदी को हटाना जरूरी'

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खड़गे का रामलीला मैदान में हमला: 'वोट चोरी से बनीं बिहार, यूपी, महाराष्ट्र सरकारें, मोदी को हटाना जरूरी'

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मोदी सरकार को 'वोट चोरी' का दोषी ठहराया, बिहार-यूपी-महाराष्ट्र सरकारों पर हमला बोला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग दोहराई — यह इंडिया गठबंधन की चुनावी प्रक्रिया पर अब तक की सबसे आक्रामक घेराबंदी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित किया।
खड़गे ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर 'वोट चोरी' से सत्ता में आने का आरोप लगाया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को खड़गे ने प्रमुखता से दोहराया।
ईडी, सीबीआई और पुलिस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इनसे नहीं डरेगा।
खड़गे ने कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इंडिया गठबंधन एकजुट रहेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश कर रही है और लोकतंत्र को बचाने के लिए इस सरकार को सत्ता से बाहर करना अनिवार्य है।

रैली का मुख्य संदेश

खड़गे ने कहा, 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च, एक ऐतिहासिक मीटिंग यहां हो रही है। इन्होंने युवाओं, महिलाओं और दलितों का वोट छीनने की कोशिश की है। हम इसके खिलाफ यहां इकट्ठे हुए हैं।' उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से इस संघर्ष में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि एकजुटता से ही जीत संभव है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को दोहराते हुए कहा, 'जब तक ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे, तब तक हम नहीं जाएंगे और लड़ते रहेंगे। ज्ञानेश कुमार को छिपाने की कोशिश की जा रही है, मगर वह नहीं छिपेंगे। हम कभी नहीं डरेंगे।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मतदाता सूची से नाम हटाने और वोट बाँटने की कोशिश में लगे हैं।

'वोट चोरी की सरकारें' — राज्यों पर आरोप

खड़गे ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे खुद तय करते हैं कि उन्हें कौन वोट देगा। जनता उन्हें नहीं चुनती। मौजूदा केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी वोट चोरी की सरकारें हैं। हमें इन चोरों को हटाना होगा।' यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं।

सरकारी एजेंसियों पर विपक्ष के आरोप

खड़गे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) और पुलिस का उल्लेख करते हुए कहा कि इन एजेंसियों का उपयोग विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की, 'हममें लड़ने की ताकत है और हम पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से डरने वाले नहीं हैं। इंडिया गठबंधन के नेता भी नहीं डरेंगे।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया हो — यह आरोप पिछले कई वर्षों से विपक्ष की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बना हुआ है।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान

अपने संबोधन के समापन पर खड़गे ने कहा, 'पीएम मोदी निश्चित रूप से जाएंगे। जब आप दृढ़ संकल्प और एकता के साथ लड़ेंगे, तो जीत हमारी होगी। हम सब मिलकर लड़ेंगे, मोदी को हटाएंगे, संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और अपने देश को बचाएंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन के सभी दल संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के साझा उद्देश्य से एकजुट होकर लड़ाई जारी रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संस्थागत विश्वसनीयता की कीमत पर। 'वोट चोरी' के आरोप बार-बार लगाए जाते हैं, पर उनकी पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य सामने नहीं आते — इससे आरोप की धार कमज़ोर पड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया गठबंधन सड़क पर उतरने की ऊर्जा को संगठनात्मक ज़मीन में बदल पाएगा, या यह रैलियाँ महज़ शोर बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खड़गे ने रामलीला मैदान की रैली में क्या मुख्य आरोप लगाए?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में कहा कि मोदी सरकार युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश कर रही है और महाराष्ट्र, बिहार तथा उत्तर प्रदेश की सरकारें 'वोट चोरी' से सत्ता में आई हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग भी दोहराई।
इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली किस उद्देश्य से बुलाई गई थी?
यह रैली विपक्षी एकता प्रदर्शित करने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। खड़गे ने संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने को इस गठबंधन का साझा लक्ष्य बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष क्यों हमलावर है?
कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। खड़गे ने कहा कि जब तक वे पद से नहीं हटते, विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।
खड़गे ने सरकारी एजेंसियों के बारे में क्या कहा?
खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और पुलिस जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता इन एजेंसियों से नहीं डरेंगे।
इंडिया गठबंधन की आगे की रणनीति क्या है?
रैली में खड़गे ने संकेत दिया कि गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेंगे। उनका फोकस मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर दबाव बनाना और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग को आगे बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
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