14 अक्टूबर 2026
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खड़गे का BJP पर हमला: 'वोट चोरी और विरोध के अधिकार की चोरी भाजपाई तानाशाही का सबूत'

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खड़गे का BJP पर हमला: 'वोट चोरी और विरोध के अधिकार की चोरी भाजपाई तानाशाही का सबूत'

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने एक्स पर BJP को 'तानाशाही' करार दिया — SIR प्रक्रिया में 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित करने और जंतर-मंतर पर विरोध का अधिकार छीनने के आरोप के साथ। जयराम रमेश ने गृह मंत्री से पूछा — 14 करोड़ मतदाता घुसपैठिए हैं या सरकार की विफलता?

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 14 अक्टूबर 2026 को एक्स पर BJP को 'तानाशाही' का आरोपी बताया।
खड़गे ने कहा कि SIR प्रक्रिया में बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित करना 'भारतीयता का अपमान' है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने को 'विरोध के अधिकार की चोरी' बताया गया।
जयराम रमेश ने गृह मंत्री से तीन सवाल पूछे — कितने घुसपैठिए चिन्हित हुए, कितने सूची से हटे, कितने निर्वासित किए गए।
कांग्रेस का आरोप है कि 100 करोड़ भारतीय SIR प्रक्रिया से गुज़रे और करीब 14 करोड़ का मताधिकार प्रभावित हुआ।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक तीखे पोस्ट के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' और उसके बाद 'विरोध करने के अधिकार की चोरी' — ये दोनों मिलकर 'भाजपाई तानाशाही' का प्रमाण हैं। खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे अब देश झुकने वाला नहीं है।

खड़गे का एक्स पर सीधा हमला

खड़गे ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित करना 'भारतीयता का अपमान' है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल से हटाया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी माँग की: 'ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद कीजिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल, युवाओं को लाठी-डंडे, जबरन हिरासत, बेटियों से पुलिसिया बर्बरता और आरएसएस के गुंडों को खुलेआम छूट' — यही मोदी-शाह की नीतियों की असलियत है।

जयराम रमेश के तीन तीखे सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए गृह मंत्री से तीन 'सरल और सीधे' सवाल पूछे। पहला — SIR प्रक्रिया में कितने घुसपैठियों की वास्तव में पहचान हुई? दूसरा — कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए? और तीसरा — कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?

रमेश ने तर्क दिया कि 100 करोड़ भारतीयों को SIR की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा है और उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के सूत्रधार बार-बार 'घुसपैठिए' का तर्क देकर असल मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि करीब 14 करोड़ भारतीयों का वोट देने का संवैधानिक अधिकार छिना गया है।

कांग्रेस का केंद्रीय आरोप

रमेश ने गृह मंत्री पर यह भी तंज कसा कि क्या वे खुद यह मानते हैं कि उनकी निगरानी में देश में घुसपैठियों की संख्या इतनी बड़े पैमाने पर बढ़ी? यह सवाल BJP के लिए राजनीतिक रूप से असहज करने वाला है, क्योंकि इसमें निहित तर्क यह है कि या तो आँकड़े ग़लत हैं या फिर गृह मंत्रालय की विफलता साबित होती है।

खड़गे ने अपने पोस्ट का समापन करते हुए कहा कि देश आवाज़ उठा रहा है और भाजपा से 'एक-एक बात का हिसाब' लिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब SIR मुद्दे पर विपक्षी दलों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस के साथ टकराव की ख़बरें सामने आई हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि SIR — Special Intensive Revision — मतदाता सूची की एक विशेष समीक्षा प्रक्रिया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के आरोप लगे हैं। विपक्ष का दावा है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों वास्तविक भारतीय नागरिकों के मताधिकार प्रभावित हुए हैं। BJP और केंद्र सरकार ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों मंचों पर और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या कांग्रेस ने स्वयं इन दावों का कोई दस्तावेज़ी आधार सार्वजनिक किया है? जंतर-मंतर पर प्रतिबंध अगर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध है, तो यह अदालत की अवमानना का मामला बनता है — जो BJP के लिए राजनीतिक रूप से कहीं अधिक गंभीर मुद्दा होगा। मुख्यधारा की कवरेज खड़गे के आक्रामक शब्दों पर टिकी है, जबकि असली खबर यह है कि विपक्ष मताधिकार मुद्दे को चुनावी नैरेटिव बनाने में कितना सफल हो पाता है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने BJP पर 'तानाशाही' का आरोप क्यों लगाया?
खड़गे ने SIR प्रक्रिया में करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए जाने और जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर रोक को 'वोट चोरी और विरोध के अधिकार की चोरी' बताते हुए इसे BJP की तानाशाही का प्रमाण कहा। उन्होंने यह बयान 14 अक्टूबर 2026 को एक्स पोस्ट के ज़रिए दिया।
SIR (Special Intensive Revision) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR मतदाता सूची की एक विशेष समीक्षा प्रक्रिया है जिसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इसमें 13.3 से 14 करोड़ वास्तविक भारतीय नागरिकों को 'घुसपैठिया' घोषित कर उनका मताधिकार छीना गया, जबकि सरकार इन आरोपों को राजनीतिक बताती है।
जयराम रमेश ने अमित शाह से कौन से तीन सवाल पूछे?
जयराम रमेश ने तीन सवाल पूछे: पहला — SIR में कितने घुसपैठियों की पहचान हुई? दूसरा — कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए? तीसरा — कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया? रमेश ने तर्क दिया कि 100 करोड़ भारतीय जो इस प्रक्रिया से गुज़रे, उन्हें नतीजे जानने का अधिकार है।
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर रोक को लेकर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस का आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के निर्धारित स्थल से हटाया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। खड़गे ने इसे 'विरोध करने के अधिकार की चोरी' कहा।
कांग्रेस इस मुद्दे पर आगे क्या करने की योजना बना रही है?
खड़गे ने संकेत दिया है कि देश आवाज़ उठा रहा है और BJP से 'एक-एक बात का हिसाब' लिया जाएगा। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों मंचों पर और तेज़ होने के संकेत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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