खड़गे का BJP सरकार पर प्रहार: '12 वर्षों में लोकतंत्र की जड़ें खोखली कीं, CEC को हटाया जाए'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने 12 वर्षों में 'षड्यंत्रकारी तरीके' से लोकतंत्र की नींव को कमज़ोर किया है और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर नागरिकों के मताधिकार को खतरे में डाला है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस महत्वपूर्ण CWC बैठक में सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और वर्किंग कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता खड़गे ने की।
खड़गे के प्रमुख आरोप
खड़गे ने कहा, 'साजिश के साथ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार की कठपुतली बन गया है।' उन्होंने डॉ. बी. आर. अंबेडकर के 15 जून 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि बाबासाहेब ने मताधिकार को लोकतंत्र की 'सर्वाधिक मौलिक चीज़' बताया था, किंतु आज उसका उल्लंघन हो रहा है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुपचाप फॉर्म-6 के नियमों में बदलाव करवा दिया, जिससे युवा मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने इसकी तुलना 2016 की नोटबंदी से करते हुए इसे 'वोटबंदी' की संज्ञा दी और कहा कि दोनों की सबसे अधिक मार गरीबों पर पड़ती है।
CEC को हटाने की माँग
खड़गे ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त की गतिविधियों को 'मनमाना और अनुचित' करार दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को 'तत्काल पद से हटाने' और प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की माँग की। उन्होंने यह भी पूछा कि SIR (Special Intensive Revision) का फैसला किसने लिया और दो चुनाव आयुक्तों को आंतरिक पोर्टल से बाहर क्यों रखा गया।
राहुल गांधी के उठाए सवालों का समर्थन
खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी ने महादेवपुरा, अलंद और हरियाणा-महाराष्ट्र के चुनावों में दस्तावेजों के आधार पर फर्जी मतदाताओं, एक ही पते पर बड़ी संख्या में दर्ज मतदाताओं और फॉर्म-6 से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, यदि चुनाव आयोग ने उस दिशा में थोड़ी भी गंभीरता दिखाई होती तो उसकी विश्वसनीयता बनी रहती।
कांग्रेस की पाँच माँगें और आगे का रास्ता
खड़गे ने CWC की ओर से पाँच स्पष्ट माँगें रखीं: मतदाता सूची में हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो; नाम हटाए गए मतदाताओं को सूचना और अपील का अवसर मिले; राजनीतिक दलों को डेटा सरल प्रारूप में समय पर उपलब्ध हो; गंभीर विसंगतियों पर स्वतंत्र व समयबद्ध जाँच हो; और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में पूरी पारदर्शिता हो।
उन्होंने CWC से संकल्प लेने का आह्वान किया कि कांग्रेस 'सड़क से संसद तक' लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में पाँच राज्यों के चुनाव निकट हैं और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पहले से ही मुखर है।