राहुल गांधी और खड़गे का आरोप: BJP सरकार लोकतांत्रिक अधिकार कर रही कमज़ोर, 300 सांसद राजघाट की ओर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुआई वाली केंद्र सरकार नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर कर रही है। 'इंडिया' ब्लॉक के सांसद कनॉट प्लेस से राजघाट की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे, जहाँ महात्मा गांधी की समाधि पर एकत्रित होकर विरोध-प्रदर्शन और प्रार्थना की योजना थी।
मार्च की पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
विपक्षी दल पिछले दो दिनों से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, बढ़ती महंगाई और युवा बेरोज़गारी समेत कई मुद्दों पर प्रदर्शन की अनुमति माँग रहे थे। राहुल गांधी के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 300 सांसद इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें पहले चुनाव आयोग के बाहर और फिर जंतर-मंतर पर रोका गया।
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम तब सामने आया जब विपक्षी नेता कनॉट प्लेस के एक रेस्टोरेंट में एकत्रित हुए और वहाँ से सामूहिक रूप से राजघाट की ओर कूच किया। यह लगातार तीसरा दिन था जब विपक्षी खेमे ने सार्वजनिक रूप से अपना असंतोष जताने की कोशिश की।
खड़गे के आरोप: आज़ादी छीनी जा रही है
पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक के सदस्य गांधी स्मारक पर इकट्ठा होकर सरकार से उन नीतियों पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेंगे जिन्हें उन्होंने जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा, 'हम 'इंडिया' ब्लॉक के सदस्य, शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने के लिए गांधी स्मारक जा रहे हैं। हम वहाँ बैठकर प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह समझने की समझ मिले कि उनके काम देशहित में नहीं हैं।'
खड़गे ने यह भी कहा, 'वे हमसे वह आज़ादी छीन रहे हैं जो हमने हासिल की थी — वह आज़ादी जो पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं ने हमारे लिए जीती थी, और वे इसे खत्म करने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने 'वोट की चोरी', महंगाई और युवाओं की समस्याओं को शासन की व्यापक विफलता का प्रमाण बताया।
राहुल गांधी के गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 'एक आपराधिक साजिश के ज़रिए भारत पर कब्ज़ा कर लिया है,' संविधान को नुकसान पहुँचाया है और वोट चुराए हैं। ये आरोप राहुल गांधी के हैं और सरकार की ओर से इन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राहुल गांधी ने कहा, 'हमें दो दिनों से विरोध करने से रोका जा रहा है। पहले दिन हमें चुनाव आयोग के बाहर रोका गया। इसके बाद, हमने जंतर-मंतर पर विरोध करने की इच्छा जताई और कल जैसा कि आपने देखा, हमें वहाँ भी रोका गया। हमारे लोगों के साथ मारपीट की गई।'
विपक्ष की आगे की रणनीति
राहुल गांधी ने समर्थकों को आश्वस्त किया कि विपक्ष यह लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा, 'हम, यानी विपक्ष, आपको भरोसा दिलाते हैं कि कार्रवाई की जाएगी। उन्हें सज़ा दिलाई जाएगी। यह हमारी गारंटी है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्षी एकता को परखा जा रहा है और 'इंडिया' ब्लॉक के घटक दलों के बीच समन्वय की परीक्षा भी हो रही है।
आने वाले दिनों में विपक्ष के सड़क पर उतरने की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया — दोनों पर देश की नज़र बनी रहेगी।