8 अक्टूबर 2026
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राजघाट पर विपक्ष का 'वोट चोरी' विरोध मार्च, राहुल गांधी-खड़गे की अगुवाई में तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी

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राजघाट पर विपक्ष का 'वोट चोरी' विरोध मार्च, राहुल गांधी-खड़गे की अगुवाई में तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी

सारांश

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का 'वोट चोरी' विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन राजघाट तक पहुँच गया। राहुल गांधी और खड़गे की अगुवाई में सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता जुटे और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान भी हुआ।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्ष का 'वोट चोरी' विरोध मार्च 8 अक्टूबर 2026 को राजघाट पहुँचा।
चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह लगातार तीसरे दिन का प्रदर्शन था।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने राजघाट पर इस्तीफे की माँग दोहराई और PM मोदी से जनता की आवाज सुनने की अपील की।
नवगठित संगठन कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने 8 अक्टूबर 2026 को राजघाट, नई दिल्ली पर कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ मार्च निकाला। चुनाव आयोग (ECI) के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कथित अनियमितताओं को लेकर यह प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार शाम सैकड़ों विपक्षी नेता और कार्यकर्ता राजघाट पहुँचे और केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। इससे पहले कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं ने कनॉट प्लेस में दोपहर भोजन के दौरान बैठक कर आंदोलन को और तेज करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।

प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के कई अन्य नेता पिछले दो दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन में शामिल हैं। गौरतलब है कि यह आंदोलन उस समय तेज हो रहा है जब मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

विपक्ष की माँगें और आरोप

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का आरोप है कि एसआईआर अभियान में अनियमितताएँ बरती गई हैं, जिससे लाखों मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने और मतदाताओं के वोट के अधिकार को छीनने का प्रयास किया गया है — हालाँकि इन आरोपों पर चुनाव आयोग या सरकार की ओर से फौरी प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।

नेताओं के बयान

राजघाट पर मीडिया से बातचीत में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों की आवाज सुनने की अपील की। लंच बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली आजादी को चुनाव आयोग द्वारा 'छीना' जा रहा है और लोगों के 'वोट देने के अधिकार' को खत्म किया जा रहा है।

नए संगठन का प्रदर्शन ऐलान

इस बीच, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बने नवगठित संगठन कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कथित 'वोट चोरी' और चुनावी अनियमितताओं के विरोध में यह कदम उठाने की बात कही है।

क्या होगा आगे

विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया है कि आंदोलन और व्यापक होगा। 10 अक्टूबर का जंतर-मंतर प्रदर्शन इस आंदोलन की अगली कड़ी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर पर यह विवाद आगामी चुनावी मौसम की रूपरेखा तय कर सकता है, क्योंकि मतदाता सूची की विश्वसनीयता सीधे तौर पर मतदाताओं के भरोसे से जुड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता पर सीधा सवाल उठा रहा है — जो भारतीय लोकतंत्र की नींव से जुड़ा मुद्दा है। गौरतलब है कि मतदाता सूची विवाद नया नहीं है, लेकिन राजघाट जैसे प्रतीकात्मक स्थल पर मार्च निकालकर विपक्ष इसे संविधान बचाने के आख्यान से जोड़ रहा है — जो 2024 के चुनावी नैरेटिव की याद दिलाता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष के पास एसआईआर में अनियमितताओं के ठोस और सत्यापन-योग्य साक्ष्य हैं, या यह आंदोलन मुख्यतः राजनीतिक दबाव की रणनीति है। चुनाव आयोग की चुप्पी इस विवाद को और लंबा खींच सकती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विपक्ष 'वोट चोरी' का आरोप किस आधार पर लगा रहा है?
कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में अनियमितताएँ बरती गई हैं, जिससे लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं या उनके वोट का अधिकार प्रभावित हो सकता है। विपक्ष इसे कथित 'वोट चोरी' की साजिश बता रहा है, हालाँकि चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों का खंडन अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं आया है।
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ कथित मिलीभगत से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने राजघाट पर यह माँग दोहराई। ये आरोप कथित हैं और चुनाव आयोग ने अभी इन पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राजघाट पर विपक्ष का प्रदर्शन कब से चल रहा है?
यह प्रदर्शन 8 अक्टूबर 2026 को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई अन्य नेता पिछले दो दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं।
10 अक्टूबर का जंतर-मंतर प्रदर्शन क्या है?
नवगठित संगठन कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी), जो छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिलकर बनी है, ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन कथित 'वोट चोरी' और चुनावी अनियमितताओं के विरोध में होगा।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान क्या होता है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों की जाँच की जाती है। विपक्ष का आरोप है कि इस बार की एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं, जिससे वैध मतदाताओं के अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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