29 सितंबर 2026
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सीईसी ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' कहना पड़ा महंगा, भाजपा बोली — संवैधानिक पद पर हमला बंद करे कांग्रेस

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सीईसी ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' कहना पड़ा महंगा, भाजपा बोली — संवैधानिक पद पर हमला बंद करे कांग्रेस

सारांश

CWC बैठक में खड़गे का 'कठपुतली' बयान और सीईसी के घर के बाहर 'चोर' लिखने के आरोपों ने कांग्रेस-BJP की जंग को नई ऊँचाई दी। BJP का सवाल — क्या हार के डर से कांग्रेस अब संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है?

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'कठपुतली' कहा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप — सीईसी के आवास के बाहर 'चोर' लिखा गया।
BJP प्रवक्ता अजय आलोक ने इसे 'संवैधानिक पद पर सीधा हमला' बताया।
BJP प्रवक्ता तुहिन ए.
सिन्हा ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी के बयानों को हिंदुओं को बाँटने की कोशिश करार दिया।
कांग्रेस 12 साल से सत्ता से बाहर है — BJP ने इसी को पार्टी की हताशा की वजह बताया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच 29 सितंबर 2026 को तीखी सियासी जंग छिड़ गई। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा सीईसी को 'कठपुतली' कहे जाने के बाद विवाद तेज़ हो गया। आरोप यह भी लगे हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीईसी के आवास के बाहर 'चोर' लिखा — जिसे BJP ने एक संवैधानिक पद पर सीधा हमला बताया।

भाजपा का पलटवार

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कड़े शब्दों में कहा कि 'पूरा देश कांग्रेस का यह ड्रामा देख रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस 'एक मूर्खता की वजह से खुद को बर्बाद कर रही है।' आलोक ने सवाल उठाया कि क्या हार के डर से पार्टी अब चुनाव आयोग को ही कठघरे में खड़ा करना चाहती है।

BJP प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा, 'आज उन्हें कोई और नहीं मिला तो उन्होंने एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ज्ञानेश कुमार, जो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, को टारगेट किया है। वे उनका घर ढूंढ रहे हैं और घर के बाहर अशब्द लिख रहे हैं।' उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन बताया।

रेवंत रेड्डी के बयान पर भी निशाना

सिन्हा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक हालिया बयान पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने कुछ समय पहले कहा था, 'कांग्रेस का मतलब मुसलमान है, और मुसलमान का मतलब कांग्रेस है।' BJP ने आरोप लगाया कि रेड्डी का भगवान शिव और भगवान राम की पूजा को लेकर दिया गया बयान हिंदुओं को बाँटने की कोशिश है। सिन्हा ने कहा, 'हर हिंदू हर देवी-देवता की पूजा करता है।'

आतंकवाद पर भारत की नीति स्पष्ट: अजय आलोक

भारत-अमेरिका संबंधों और आतंकवाद पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बयान के संदर्भ में BJP प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, 'आतंकवाद पर भारत सरकार की नीतियाँ साफ हैं। अच्छा आतंकवाद और बुरा आतंकवाद नहीं हो सकता। जो देश आतंकियों को पालता है, वह खुद आतंकियों से कम नहीं है।'

बोफोर्स की याद और '12 साल सत्ता से बाहर'

तुहिन ए. सिन्हा ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक कटाक्ष करते हुए कहा कि चार दशक पहले बोफोर्स कांड के समय 'हर गली में शोर है; उस समय का प्राइम मिनिस्टर चोर है' जैसे नारे लगे थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आज जो पार्टी 12 साल से सत्ता से बाहर है, वह 'पानी के बिना मछली' जैसी हालत में पहुँच गई है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ चरम पर हैं और चुनाव आयोग की भूमिका स्वाभाविक रूप से राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

आगे क्या

गौरतलब है कि संवैधानिक पदों पर राजनीतिक दलों के सार्वजनिक बयान एक संवेदनशील मसला है और इस पर न्यायिक या विधायी प्रतिक्रिया की भी संभावना बनती है। कांग्रेस ने अभी तक BJP के पलटवार पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद या अदालती गलियारों तक पहुँच सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक खतरनाक राजनीतिक प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है — जहाँ विपक्ष चुनावी हार की आशंका को संस्थागत अविश्वास में तब्दील करने लगता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है; 2019 और 2024 के चुनावों के दौरान भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे, लेकिन इस बार आरोपों की भाषा कहीं अधिक आक्रामक है। दूसरी तरफ, BJP का पलटवार भी पूरी तरह तथ्य-आधारित नहीं है — बोफोर्स और '12 साल सत्ता से बाहर' जैसे संदर्भ असली सवाल से ध्यान भटकाते हैं कि क्या चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर कोई वैध संस्थागत चिंता है। लोकतंत्र में संस्थाओं की आलोचना और उन पर निजी हमले के बीच की लकीर धुंधली होती जा रही है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीईसी ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' किसने कहा और क्यों?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CWC की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' कहा। यह बयान चुनाव आयोग की कथित निष्पक्षता पर कांग्रेस की आपत्ति के संदर्भ में आया।
भाजपा ने इस विवाद पर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता अजय आलोक और तुहिन ए. सिन्हा ने इसे एक संवैधानिक पद पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी 12 साल से सत्ता से बाहर रहने की हताशा में संस्थाओं को निशाना बना रही है।
सीईसी के घर के बाहर 'चोर' लिखने का आरोप किस पर है?
BJP ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर 'चोर' लिखा। कांग्रेस ने इस आरोप पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रेवंत रेड्डी का विवाद इस मामले से कैसे जुड़ा?
BJP प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयानों को भी इसी विवाद के साथ जोड़ा। उन्होंने रेड्डी पर हिंदुओं को बाँटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को हिंदुओं की आस्था पर टिप्पणी का अधिकार नहीं।
क्या संवैधानिक पदों पर इस तरह की टिप्पणियाँ कानूनी रूप से संवेदनशील हैं?
हाँ, संवैधानिक पदाधिकारियों के बारे में सार्वजनिक और अपमानजनक बयान कानूनी और संसदीय दोनों स्तरों पर विवाद का विषय बन सकते हैं। इस मामले में आगे न्यायिक या विधायी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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