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प्रियांक खड़गे का BJP पर तंज: 'चुनाव आयोग का अनौपचारिक प्रवक्ता बनना बंद करे भाजपा'

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प्रियांक खड़गे का BJP पर तंज: 'चुनाव आयोग का अनौपचारिक प्रवक्ता बनना बंद करे भाजपा'

सारांश

कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे का BJP पर तीखा तंज — 'चुनाव आयोग का अनौपचारिक प्रवक्ता क्यों बन रही है भाजपा?' बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बड़े प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

प्रियांक खड़गे ने एक्स पर BJP को चुनाव आयोग का 'अनौपचारिक प्रवक्ता' बताते हुए पारदर्शिता की माँग की।
26 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कर्नाटक कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया।
KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद , पूर्व CM सिद्दारमैया और वीरप्पा मोइली प्रदर्शन में शामिल हुए।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की; आरोप — योग्य मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए।
कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई ।
सोमवार से जिला मुख्यालयों पर आंदोलन तेज करने का ऐलान।

कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने 26 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि चुनाव आयोग के बचाव के लिए BJP इतनी बेचैन क्यों है, जबकि संस्था खुद अपना पक्ष रखने में सक्षम है। यह बयान बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कर्नाटक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में आया, जहाँ पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।

खड़गे की चेतावनी और एक्स पर पोस्ट

प्रियांक खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो चुनाव आयोग को सीधे सवालों का सामना करने देना चाहिए। उन्होंने BJP नेताओं को चुनाव आयोग के 'अनौपचारिक प्रवक्ता' की भूमिका से बाज आने की नसीहत दी।

खड़गे के अनुसार, चुनाव आयोग को देश के सामने आकर सभी सवालों के जवाब देने चाहिए, तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए और उठ रहे संदेहों को दूर करना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस देशभर में चुनावी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर आंदोलन चला रही है।

बेंगलुरु में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

शनिवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने किया। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके वीरप्पा मोइली, तथा AICC सचिव गोपीनाथ पलानियप्पन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

हरिप्रसाद ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चलाए जा रहे चुनावी अनियमितताओं के अभियान का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि यह संघर्ष देशव्यापी स्तर पर जारी रहेगा।

मतदाता सूची विवाद और कांग्रेस के आरोप

हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि 2024 में BJP के सत्ता में आने के बाद कई राज्यों में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा करते हुए हरियाणा और महाराष्ट्र को लेकर भी सवाल उठाए। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

हरिप्रसाद ने दावा किया कि कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए, जबकि लाखों प्रविष्टियों को कथित तौर पर फर्जी या अन्य श्रेणियों में रखा गया। हालाँकि, इन आँकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने युवा मतदाताओं से मतदान के अधिकार को लेकर सतर्क रहने की भी अपील की।

चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन सहित चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी फैसले निर्धारित वैधानिक ढाँचे के अनुसार लिए जाते हैं। संस्था ने कांग्रेस के आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे क्या होगा

कर्नाटक कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। हरिप्रसाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने का आह्वान किया है। गौरतलब है कि यह विवाद आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बड़े राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता पर राष्ट्रीय बहस का विस्तार है। खड़गे का 'अनौपचारिक प्रवक्ता' वाला तंज राजनीतिक रूप से धारदार है, मगर मुख्यधारा की कवरेज यह चूक जाती है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के दावे अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए — जो एक करोड़ के बड़े आँकड़े को राजनीतिक हथियार बनाता है, तथ्य नहीं। चुनाव आयोग की चुप्पी इस शून्य को और गहरा करती है। जब तक संस्था खुद तथ्यों के साथ सामने नहीं आती, संदेह का फायदा विपक्ष को मिलता रहेगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियांक खड़गे ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि BJP नेता चुनाव आयोग के 'अनौपचारिक प्रवक्ता' की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने माँग की कि चुनाव आयोग को खुद सामने आकर सभी सवालों के जवाब देने चाहिए।
बेंगलुरु में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर 26 सितंबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव आयोग पर संवैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग और योग्य मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाने का आरोप लगाया।
कर्नाटक में मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस का दावा क्या है?
KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने दावा किया कि कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए। हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन सहित सभी चुनावी प्रक्रियाएँ निर्धारित वैधानिक ढाँचे के तहत की जाती हैं। संस्था ने कांग्रेस के विशिष्ट आरोपों पर सीधा जवाब नहीं दिया है।
कर्नाटक कांग्रेस का आंदोलन आगे कैसे बढ़ेगा?
कर्नाटक कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने की घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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