26 सितंबर 2026
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कर्नाटक कांग्रेस का बेंगलुरु फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

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कर्नाटक कांग्रेस का बेंगलुरु फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी का दावा है कि कर्नाटक सहित कई राज्यों में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए — आरोप जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मुख्य बातें

केपीसीसी ने 26 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व केपीसीसी अध्यक्ष बी.के.
हरिप्रसाद ने किया; पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वीरप्पा मोइली भी शामिल हुए।
कांग्रेस का कथित दावा — कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटे; आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
पार्टी ने 2023 के CEC नियुक्ति कानून को निशाना बनाया, जिसमें चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाया गया।
चुनाव आयोग ने कहा, सभी निर्णय निर्धारित वैधानिक ढाँचे के अनुसार।
हरिप्रसाद ने सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने का आह्वान किया।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक बड़ा प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रदर्शन का नेतृत्व और प्रमुख चेहरे

इस विरोध-मार्च का नेतृत्व केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली, तथा एआईसीसी सचिव गोपीनाथ पलानियप्पन सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में कांग्रेस की राज्यव्यापी गोलबंदी का स्पष्ट संकेत था।

सभा को संबोधित करते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि यह आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में अभियान चला रहे हैं।

मतदाता सूची पर प्रमुख आरोप

हरिप्रसाद ने दावा किया कि 2024 के बाद से कई राज्यों में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया, जबकि हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई।

केपीसीसी अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और लाखों प्रविष्टियों को फर्जी या अन्य श्रेणियों में डाल दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इन आँकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2023 के नियुक्ति कानून पर सवाल

हरिप्रसाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाए जाने से संस्थागत संतुलन कमजोर हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल देशभर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं।

चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी निर्णय निर्धारित वैधानिक ढाँचे के अनुसार लिए जाते हैं। आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं।

आगे क्या होगा

केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने ऐलान किया कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक CEC ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने का भी आह्वान किया। हरिप्रसाद ने युवाओं, विशेषकर जेन-जी मतदाताओं से, अपने मतदान अधिकारों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से बाहर किया गया, उस समय भी विवादास्पद था और अब विपक्ष उसे संस्थागत कमज़ोरी का प्रमाण बता रहा है। दूसरी तरफ, एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटने के दावे अत्यंत गंभीर हैं — लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि के बिना ये आरोप राजनीतिक नैरेटिव से अधिक कुछ नहीं बनते। असली परीक्षा यह है कि क्या कांग्रेस इन दावों को सत्यापन-योग्य डेटा के साथ न्यायालय या चुनाव आयोग के समक्ष रखती है — या यह आंदोलन चुनावी मौसम से पहले महज जन-लामबंदी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँगा?
कर्नाटक कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है और पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि 2023 के नियुक्ति कानून के तहत मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाने से संस्थागत संतुलन कमज़ोर हुआ है।
फ्रीडम पार्क प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
प्रदर्शन का नेतृत्व केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने किया। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली, और एआईसीसी सचिव गोपीनाथ पलानियप्पन भी इसमें शामिल हुए।
कांग्रेस ने मतदाता सूची पर क्या आरोप लगाए हैं?
केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने दावा किया कि कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, और बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा व महाराष्ट्र में भी ऐसा हुआ। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी निर्णय निर्धारित वैधानिक ढाँचे के अनुसार लिए जाते हैं। आयोग ने कांग्रेस के किसी विशेष आरोप का सीधा खंडन नहीं किया है।
कांग्रेस का यह आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा?
केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने ऐलान किया है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने का आह्वान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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