चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम करता है, स्वतंत्र नहीं: हुसैन दलवई; AAP ने भी साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
विपक्षी दलों ने 16 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर तीखे सवाल उठाए। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमज़ोर कर रही है और उन्हें अपने हिसाब से संचालित कर रही है।
दलवई का चुनाव आयोग पर सीधा हमला
मुंबई में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने चुनाव आयोग की भूमिका पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "अब लोगों का चुनाव आयोग पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। चुनाव आयोग एक ऐसी संस्था की तरह काम करता है जो सरकार के हर आदेश के आगे सिर झुका देती है।" उन्होंने आगे कहा कि आयोग कोई भी फैसला स्वतंत्र रूप से नहीं लेता, बल्कि BJP के इशारे पर काम करता है। दलवई ने यह भी आरोप लगाया कि BJP सभी संवैधानिक संस्थाओं को समाप्त करने पर आमादा है।
AAP विधायक गोपाल राय की माँग
नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग दोहराई। उन्होंने कहा, "जनता की माँग है कि ज्ञानेश कुमार को हटाओ और पूरी सरकार उन्हें बचाने में जुटी हुई है। आखिर क्या मजबूरी है इस मोदी सरकार की?" राय ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इंडिया ब्लॉक की याचिका पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी किए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इस मामले में शीघ्र निर्णय आएगा।
सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया
गोपाल राय ने कहा कि देश न्याय की प्रतीक्षा में है और लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में अर्जियाँ लंबित पड़ी हैं। उन्होंने कहा, "काफी लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में अर्जियाँ लगती रही हैं, लेकिन उसकी तारीख पड़ती रही है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करके न्याय की गुहार पर तुरंत फैसला करेगा।" गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक बहस का हिस्सा है जो संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच लंबे समय से चली आ रही है।
राजनाथ सिंह के बयान पर पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर संवाद के लिए तैयार है, गोपाल राय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार बात तो संवाद की कर रही है और काम दमन का कर रही है।" राय ने माँग की कि जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए स्थान दिया जाए और सरकार वास्तविक संवाद के ज़रिए इस विवाद का समाधान निकाले।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं और सर्वोच्च न्यायालय में इंडिया ब्लॉक की याचिका पर सुनवाई होनी है। अदालत के आगामी फैसले और सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का यह विवाद किस दिशा में जाता है।