CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, चुनाव प्रणाली में नेक्सस बना: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद ने 6 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की माँग की। मसूद ने आरोप लगाया कि देश की चुनाव प्रणाली में एक 'नेक्सस' बनाकर काम हो रहा है और चुनाव आयोग ने अपनी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्था की छवि को क्षति पहुँचाई है।
मुख्य आरोप और माँग
इमरान मसूद ने कहा, 'सीईसी को इस्तीफा देना चाहिए। ज्ञानेश कुमार ने उस भरोसे को तोड़ दिया है जो चुनाव आयोग ने देश में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में कमाया था।' उन्होंने आगे कहा कि जब विपक्ष इस्तीफे की माँग करता है, तो भाजपा उसे सवाल उठाने के अवसर की तरह इस्तेमाल करती है। मसूद के अनुसार, 'ये जो नेक्सस बनकर देश में काम हो रहा है, इसके खिलाफ हम खड़े हैं।'
सुप्रीम कोर्ट का नोटिस और फॉर्म-6 विवाद
मसूद ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फॉर्म-6 में बदलाव के मामले में ज्ञानेश कुमार को नोटिस भेजे जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस मामले को 'गंभीर' करार दिया और कहा कि यह घटनाक्रम स्वयं इस बात का प्रमाण है कि चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाना जायज़ है।
इंडिया ब्लॉक की एकता पर सवाल
इंडिया ब्लॉक के घटक दलों — आम आदमी पार्टी (AAP), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और बीजू जनता दल (BJD) — के नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन से अनुपस्थित रहने पर मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जो राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, वही इस लड़ाई में दिखेंगे। बाकी या तो तूफान में बह जाएंगे या दूसरी तरफ रहकर बह जाएंगे।'
'आप' को दो टूक: कोई मिडिल पाथ नहीं
आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 अक्टूबर को अलग प्रदर्शन के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, 'कोई बीच का रास्ता नहीं है — या तो हमारे साथ आओ, या भाजपा के साथ जाओ।' यह बयान इंडिया ब्लॉक के भीतर बढ़ती दूरियों और रणनीतिक असहमति को उजागर करता है।
विपक्षी एकता की अपील
मसूद ने समस्त विपक्षी दलों से अपील की कि वे राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस आंदोलन में शामिल हों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर एकजुट आवाज़ उठाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के अंदर समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि गठबंधन के अन्य घटक दल इस मुद्दे पर किस रुख पर खड़े होते हैं।