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सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन पर इमरान मसूद: 'चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियाँ माफ नहीं करेंगी'

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सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन पर इमरान मसूद: 'चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियाँ माफ नहीं करेंगी'

सारांश

सीईसी के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन में हिरासत के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र पर सीधा हमला बोला — ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग, करोड़ों मतदाताओं को वंचित करने का आरोप, और चेतावनी कि चुप्पी साधी तो आने वाली पीढ़ियाँ माफ नहीं करेंगी।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 7 अक्टूबर 2026 को सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
विपक्षी नेताओं को सीईसी-विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया, बाद में रिहा किया गया।
मसूद का आरोप — सरकार ने 13 करोड़ लोगों को वोटर लिस्ट से प्रभावी रूप से मताधिकार-वंचित किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन का ऐलान।
भाजपा की 'सेवा ज्योति यात्रा' को मसूद ने 'खोई साख छुपाने की कोशिश' करार दिया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन के दौरान नेताओं की हिरासत और रिहाई के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे माफ नहीं करेंगी।

हिरासत और रिहाई पर मसूद की प्रतिक्रिया

मसूद ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी और वे रात 10 बजे वापस लौटे। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में गिरफ्तारी और प्रदर्शन जैसी चीजों का कोई बड़ा अर्थ नहीं होता, यह सब चलता रहता है। लेकिन जो लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया जा रहा है, वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। अगर आज हम चुप रहे तो कल आने वाली नस्लें हमें माफ नहीं करेंगी, क्योंकि इन्होंने तमाशा बना रखा है।'

सीईसी के इस्तीफे की माँग

कांग्रेस सांसद ने सीईसी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पूरी चुनाव आयोग की संस्था को तबाह कर दिया है। उनके अनुसार, जनता का भरोसा जो इस संस्था पर था, वह अब टूट चुका है और ऐसे में ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

वोट चोरी और मताधिकार के आरोप

भाजपा के उस दावे पर कि 13 करोड़ नाम केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चिन्हित किए गए थे और हटाए नहीं गए, मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया, 'आपने नाम हटाए नहीं, बल्कि उन्हें सूचीबद्ध कर दिया कि वे वोट नहीं डाल सकते। आपने उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया। जितने लोगों को आपने मताधिकार से वंचित किया, उससे भी कम वोटों से आपने सरकार बना ली — ऐसे में आपकी पूरी सरकार ही अवैध है।' यह आरोप कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर किए जा रहे सीधे हमले का हिस्सा है।

राहुल गांधी और विपक्षी एकता

मसूद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जो अलख जगाई है, वह अब 'तूफान और आंधी' का रूप ले चुकी है। उनके अनुसार यह आंदोलन गली-गली तक पहुँचेगा और पूरे देश में लोग सीईसी के खिलाफ नारे लगाते नज़र आएँगे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए देशव्यापी अभियान की बात कर रहा है।

सेवा ज्योति यात्रा और सांप्रदायिकता पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा निकाली जा रही 'सेवा ज्योति यात्रा' पर भी मसूद ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में देश ने 'खोया ही खोया है, पाया कुछ नहीं' — वैश्विक स्तर पर साख गिरी है और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता खत्म हुई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नफरत और सांप्रदायिकता की राह पर चलने से बर्बादी ही मिलती है, खुशहाली नहीं। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों जगह गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संवैधानिक है — और इसका जवाब सरकार ने अभी तक संख्याओं के स्तर पर नहीं दिया है। सांप्रदायिकता और पाकिस्तान की तुलना जैसे बयान भले ही विवादास्पद हों, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज असली सवाल चूक जाती है: क्या चुनाव आयोग में जनता का भरोसा वाकई गिरा है, और इसे नापने का कोई स्वतंत्र ढाँचा है? जवाबदेही बिना माप के सिर्फ शोर बनकर रह जाती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जो लोकतंत्र को खत्म करने का काम हो रहा है वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है और यदि आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियाँ माफ नहीं करेंगी। उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग भी की।
विपक्षी नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस ने 13 करोड़ नामों के मुद्दे पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने 13 करोड़ लोगों को वोटर लिस्ट में सूचीबद्ध करके उन्हें मताधिकार से प्रभावी रूप से वंचित कर दिया। भाजपा का कहना है कि ये नाम केवल ड्राफ्ट लिस्ट में चिन्हित थे और हटाए नहीं गए थे।
सेवा ज्योति यात्रा पर इमरान मसूद की क्या प्रतिक्रिया है?
मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर आयोजित 'सेवा ज्योति यात्रा' को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में देश ने खोया ही खोया है। उनके अनुसार वैश्विक साख गिरी है और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता समाप्त हुई है।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
इमरान मसूद ने संकेत दिया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा और गली-गली तक पहुँचेगा। हालाँकि किसी विशेष तारीख या कार्यक्रम की घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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