सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन पर इमरान मसूद: 'चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियाँ माफ नहीं करेंगी'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन के दौरान नेताओं की हिरासत और रिहाई के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे माफ नहीं करेंगी।
हिरासत और रिहाई पर मसूद की प्रतिक्रिया
मसूद ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी और वे रात 10 बजे वापस लौटे। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में गिरफ्तारी और प्रदर्शन जैसी चीजों का कोई बड़ा अर्थ नहीं होता, यह सब चलता रहता है। लेकिन जो लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया जा रहा है, वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। अगर आज हम चुप रहे तो कल आने वाली नस्लें हमें माफ नहीं करेंगी, क्योंकि इन्होंने तमाशा बना रखा है।'
सीईसी के इस्तीफे की माँग
कांग्रेस सांसद ने सीईसी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पूरी चुनाव आयोग की संस्था को तबाह कर दिया है। उनके अनुसार, जनता का भरोसा जो इस संस्था पर था, वह अब टूट चुका है और ऐसे में ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
वोट चोरी और मताधिकार के आरोप
भाजपा के उस दावे पर कि 13 करोड़ नाम केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चिन्हित किए गए थे और हटाए नहीं गए, मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया, 'आपने नाम हटाए नहीं, बल्कि उन्हें सूचीबद्ध कर दिया कि वे वोट नहीं डाल सकते। आपने उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया। जितने लोगों को आपने मताधिकार से वंचित किया, उससे भी कम वोटों से आपने सरकार बना ली — ऐसे में आपकी पूरी सरकार ही अवैध है।' यह आरोप कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर किए जा रहे सीधे हमले का हिस्सा है।
राहुल गांधी और विपक्षी एकता
मसूद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जो अलख जगाई है, वह अब 'तूफान और आंधी' का रूप ले चुकी है। उनके अनुसार यह आंदोलन गली-गली तक पहुँचेगा और पूरे देश में लोग सीईसी के खिलाफ नारे लगाते नज़र आएँगे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए देशव्यापी अभियान की बात कर रहा है।
सेवा ज्योति यात्रा और सांप्रदायिकता पर निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा निकाली जा रही 'सेवा ज्योति यात्रा' पर भी मसूद ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में देश ने 'खोया ही खोया है, पाया कुछ नहीं' — वैश्विक स्तर पर साख गिरी है और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता खत्म हुई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नफरत और सांप्रदायिकता की राह पर चलने से बर्बादी ही मिलती है, खुशहाली नहीं। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों जगह गूँजने की संभावना है।