27 सितंबर 2026
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भाजपा नेता जय भगवान गोयल की माँग: CEC ज्ञानेश कुमार को मिले 'भारत रत्न', विपक्ष पर साधा निशाना

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भाजपा नेता जय भगवान गोयल की माँग: CEC ज्ञानेश कुमार को मिले 'भारत रत्न', विपक्ष पर साधा निशाना

सारांश

BJP नेता जय भगवान गोयल ने CEC ज्ञानेश कुमार को 'भारत रत्न' देने की अभूतपूर्व माँग की है और विपक्ष पर आरोप लगाया है कि वह जनसमर्थन की कमी के चलते चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर सीधे निशाना साधते हुए गोयल ने चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया का भी बचाव किया।

मुख्य बातें

BJP नेता जय भगवान गोयल ने 27 सितंबर 2026 को CEC ज्ञानेश कुमार को 'भारत रत्न' देने की माँग की।
गोयल का आरोप — विपक्ष के पास जनसमर्थन नहीं, इसलिए वह चुनाव आयोग (ECI) को निशाना बना रहा है।
राहुल गांधी , अखिलेश यादव और ममता बनर्जी का नाम लेकर विपक्षी नेताओं पर सीधा हमला।
चुनाव आयोग के अन्य आयुक्तों द्वारा केंद्र सरकार को CEC के खिलाफ शिकायत भेजे जाने का भी उल्लेख।
गोयल ने स्पष्ट किया कि ECI तीन सदस्यीय निकाय है और निर्णय बहुमत के आधार पर होते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता जय भगवान गोयल ने 27 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली की खुलकर सराहना की और माँग की कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़ा जाए। गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता का विश्वास खो चुके हैं, इसलिए वे चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।

मुख्य आरोप और बयान

गोयल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके कारण कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी को चुनावी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष इस हार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर थोपने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा, 'विपक्ष के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है।' गोयल के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता चुनावी परिणामों के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं।

शिकायत और आंतरिक विवाद

गोयल ने यह भी उल्लेख किया कि चुनाव आयोग के अन्य आयुक्तों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर शिकायत की है। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमर्जी से फैसले लेते हैं। हालाँकि, गोयल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष-प्रेरित नकारात्मक अभियान का हिस्सा बताया।

चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया

चुनाव आयोग (ECI) तीन सदस्यों वाला संवैधानिक निकाय है। गोयल ने स्पष्ट किया कि इसके निर्णय सहमति अथवा बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। यदि दो आयुक्त एक राय रखते हैं और एक अलग, तो बहुमत का फैसला मान्य होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक प्रक्रियाओं और तथ्यों के आधार पर ही आयोग पर टिप्पणी करनी चाहिए।

मतदाता सूची पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण

गोयल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया मतदाता सूची को स्वच्छ और प्रामाणिक बनाने के लिए ज़रूरी थी, और इस पर सवाल उठाना संवैधानिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव सार्वजनिक रूप से उभरकर सामने आ चुका है।

आगे क्या

गोयल की 'भारत रत्न' की माँग राजनीतिक रूप से विवादास्पद मानी जा रही है, क्योंकि यह सम्मान परंपरागत रूप से किसी सेवारत संवैधानिक पदाधिकारी को नहीं दिया जाता। विपक्ष की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की स्वायत्तता और उसके आंतरिक विवाद को लेकर बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन वास्तविक संस्थागत सवालों को नहीं टालता जो आयोग के भीतर से ही उठ रहे हैं — जब एक आयुक्त दूसरे के खिलाफ सरकार को पत्र लिखें, तो यह संस्था की आंतरिक सुदृढ़ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। मुख्यधारा की कवरेज BJP के बयान बनाम विपक्ष की प्रतिक्रिया तक सिमट जाती है — असली कहानी यह है कि क्या चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक स्वायत्तता को राजनीतिक बहस से बाहर रख पाएगा।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय भगवान गोयल ने ज्ञानेश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की माँग क्यों की?
BJP नेता जय भगवान गोयल ने CEC ज्ञानेश कुमार की मतदाता सूची से अवैध प्रविष्टियाँ हटाने जैसे कदमों की सराहना करते हुए उन्हें 'भारत रत्न' देने की माँग की। गोयल का तर्क है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विपक्ष चुनाव आयोग पर किस तरह के सवाल उठा रहा है?
राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता चुनावी परिणामों के संदर्भ में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार मनमर्जी से फैसले लेते हैं, जिसे BJP ने सिरे से खारिज किया है।
चुनाव आयोग के भीतर जो शिकायत हुई, वह क्या थी?
गोयल के अनुसार, चुनाव आयोग के अन्य आयुक्तों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर CEC ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर शिकायत दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे अपनी मनमर्जी से निर्णय लेते हैं। गोयल ने इसे चुनाव आयोग के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश बताया।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की गहन जाँच कर अयोग्य या फर्जी नामों को हटाया जाता है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है, जबकि BJP और गोयल ने इसे चुनावी स्वच्छता के लिए ज़रूरी बताया।
क्या कोई सेवारत मुख्य चुनाव आयुक्त 'भारत रत्न' पा सकता है?
'भारत रत्न' परंपरागत रूप से सेवारत संवैधानिक पदाधिकारियों को नहीं दिया जाता, हालाँकि इस पर कोई कानूनी रोक नहीं है। गोयल की माँग को राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है, न कि किसी औपचारिक प्रस्ताव के रूप में।
राष्ट्र प्रेस
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