भाजपा नेता जय भगवान गोयल की माँग: CEC ज्ञानेश कुमार को मिले 'भारत रत्न', विपक्ष पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता जय भगवान गोयल ने 27 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली की खुलकर सराहना की और माँग की कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़ा जाए। गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता का विश्वास खो चुके हैं, इसलिए वे चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।
मुख्य आरोप और बयान
गोयल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके कारण कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी को चुनावी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष इस हार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर थोपने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'विपक्ष के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है।' गोयल के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता चुनावी परिणामों के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं।
शिकायत और आंतरिक विवाद
गोयल ने यह भी उल्लेख किया कि चुनाव आयोग के अन्य आयुक्तों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर शिकायत की है। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमर्जी से फैसले लेते हैं। हालाँकि, गोयल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष-प्रेरित नकारात्मक अभियान का हिस्सा बताया।
चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया
चुनाव आयोग (ECI) तीन सदस्यों वाला संवैधानिक निकाय है। गोयल ने स्पष्ट किया कि इसके निर्णय सहमति अथवा बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। यदि दो आयुक्त एक राय रखते हैं और एक अलग, तो बहुमत का फैसला मान्य होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक प्रक्रियाओं और तथ्यों के आधार पर ही आयोग पर टिप्पणी करनी चाहिए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण
गोयल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया मतदाता सूची को स्वच्छ और प्रामाणिक बनाने के लिए ज़रूरी थी, और इस पर सवाल उठाना संवैधानिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव सार्वजनिक रूप से उभरकर सामने आ चुका है।
आगे क्या
गोयल की 'भारत रत्न' की माँग राजनीतिक रूप से विवादास्पद मानी जा रही है, क्योंकि यह सम्मान परंपरागत रूप से किसी सेवारत संवैधानिक पदाधिकारी को नहीं दिया जाता। विपक्ष की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की स्वायत्तता और उसके आंतरिक विवाद को लेकर बहस और तेज़ होने की संभावना है।