4 नवंबर 2026
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खरगे का मोदी पर हमला: 'दिमागी नक्सल' बयान दोहरा रहे PM, वोट चोरी पर कोई जवाब नहीं

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खरगे का मोदी पर हमला: 'दिमागी नक्सल' बयान दोहरा रहे PM, वोट चोरी पर कोई जवाब नहीं

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान को 'फ्लॉप' करार देते हुए वोट चोरी, चुनाव आयोग के पाँच यू-टर्न और 3 करोड़ मतदाताओं पर अमित शाह से जवाब माँगा — यह सब राहुल गांधी की खुली बहस चुनौती के ठीक एक दिन बाद।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 नवंबर 2026 को एक्स पर PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान को 'फ्लॉप' बताया।
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार के पास वोट चोरी और विदेशी ताकतों को भारतीय हित गिरवी रखने के सवालों का कोई जवाब नहीं।
गृह मंत्री अमित शाह के तीन करोड़ मतदाताओं को घुसपैठिया बताने के बयान पर खरगे ने उनकी 'अक्षमता' पर बर्खास्तगी की माँग की।
चुनाव आयोग पर आरोप: एसआईआर को लेकर पाँच बार रुख बदला, फॉर्म-6 बदलाव को साथी आयुक्तों ने 'अवैध' बताया।
पिछले संसद सत्र का 83 दिनों बाद भी सत्रावसान नहीं; विशेष सत्र बुलाने की तैयारी पर सवाल।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी से संसद में बहस में भाग लेने को कहा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान को 'फ्लॉप' करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार के पास वोट चोरी तथा विदेशी ताकतों के समक्ष भारतीय हितों को गिरवी रखने से संबंधित सवालों का कोई जवाब नहीं है। उनकी यह प्रतिक्रिया लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती दिए जाने के ठीक एक दिन बाद आई।

खरगे का सीधा आरोप

खरगे ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी अपने फ्लॉप हो चुके 'दिमागी नक्सल' वाले बयान को बार-बार दोहरा रहे हैं। उनके पास वोट चोरी और राहुल गांधी की उस खुली चुनौती का कोई जवाब नहीं है, जिसमें पूछा गया है कि उन्होंने भारतीय हितों को विदेशी ताकतों के सामने कैसे गिरवी रखा।' उन्होंने प्रधानमंत्री से संसद में उपस्थित होकर सवालों का सामना करने और खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की माँग भी की।

अमित शाह पर निशाना

खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी तीखा सवाल उठाया, जिसमें शाह ने कथित तौर पर तीन करोड़ मतदाताओं को घुसपैठिया बताया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा कि शाह इतने वर्षों तक गृह मंत्री के पद पर रहते हुए इन लोगों को भारत में प्रवेश करने से रोकने में क्यों विफल रहे। उन्होंने कहा, 'शाह हमें बता रहे हैं कि तीन करोड़ मतदाता घुसपैठिए हैं। वह इतने वर्षों तक गृह मंत्री रहते हुए क्या कर रहे थे? उन्होंने अवैध लोगों को भारत में प्रवेश करने दिया? उन्हें अपनी अक्षमता के लिए बर्खास्त कर देना चाहिए।'

चुनाव आयोग पर सवाल

खरगे ने चुनाव आयोग को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग ने पाँच बार अपना रुख बदला है। उनका कहना था, 'एसआईआर पर चुनाव आयोग ने पाँच बार यू-टर्न लिया है। इसमें फॉर्म-6 में पूरी तरह बदलाव भी शामिल है, जिसे साथी चुनाव आयुक्तों ने ही 'अवैध' बताया था।' गौरतलब है कि खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग की पहल और रामलीला मैदान में हुई 'वोट बचाओ' रैली का भी उल्लेख किया।

संसद सत्र और विशेष सत्र का विवाद

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र को 83 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है, और अब विपक्ष की हालिया गतिविधियों के बाद सरकार विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे विरोधाभासी बताते हुए सवाल किया कि यह विशेष सत्र किस उद्देश्य से बुलाया जा रहा है।

सरकार का पलटवार

दूसरी ओर, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय राहुल गांधी को संसद में बहस में हिस्सा लेना चाहिए। सीतारमण ने गृह मंत्री अमित शाह की उस पेशकश का भी उल्लेख किया, जिसमें एसआईआर और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात कही गई थी। यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र निकट है और विपक्ष की रणनीति तेज़ होती दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भावनात्मक ध्रुवीकरण की राह पर हैं। असली सवाल यह है कि एसआईआर जैसी प्रक्रिया में बार-बार बदलाव क्यों हुआ और साथी चुनाव आयुक्तों ने खुद इसे 'अवैध' क्यों बताया — इस पर न तो सरकार और न ही विपक्ष ने पर्याप्त स्पष्टता दी है। खुली बहस की चुनौती एक्स पर देना और संसद में उपस्थिति से बचना, दोनों पक्षों की जवाबदेही से पलायन की प्रवृत्ति को उजागर करता है। मतदाता सूची की विश्वसनीयता का सवाल किसी एक दल की राजनीति से बड़ा है — यह लोकतंत्र की नींव का सवाल है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरगे ने PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान को 'फ्लॉप' करार दिया और कहा कि मोदी इसे बार-बार दोहरा रहे हैं। उनका आरोप था कि सरकार वोट चोरी और विदेशी ताकतों के सामने भारतीय हित गिरवी रखने के सवालों का जवाब देने में असमर्थ है।
खरगे ने अमित शाह के 'तीन करोड़ घुसपैठिए' बयान पर क्या आपत्ति जताई?
खरगे ने सवाल किया कि अगर तीन करोड़ मतदाता घुसपैठिए हैं, तो इतने वर्षों तक गृह मंत्री के पद पर रहते हुए अमित शाह उन्हें रोकने में क्यों विफल रहे। उन्होंने शाह को 'अक्षमता' के आधार पर बर्खास्त करने की माँग की।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है और इस पर खरगे ने क्या आरोप लगाया?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया पर पाँच बार अपना रुख बदला और फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को स्वयं साथी चुनाव आयुक्तों ने 'अवैध' बताया।
खुली बहस की चुनौती को लेकर दोनों पक्षों का क्या रुख है?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को PM मोदी को खुली बहस की चुनौती दी और कहा कि वह बहस के लिए कोई भी जगह चुन सकते हैं। बुधवार को खरगे ने इसे दोहराया। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल से संसद में बहस में भाग लेने को कहा और सोशल मीडिया पर चुनौती देने पर सवाल उठाया।
संसद विशेष सत्र बुलाने के विवाद पर खरगे ने क्या कहा?
खरगे ने कहा कि पिछले संसद सत्र का 83 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सत्रावसान नहीं हुआ है। उनका आरोप था कि विपक्ष की 'वोट बचाओ' रैली और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की पहल से घबराकर सरकार अब विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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