क्या राहुल गांधी के पास 'वोट चोरी' के पर्याप्त सबूत हैं? मंत्री प्रियांक खड़गे

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क्या राहुल गांधी के पास 'वोट चोरी' के पर्याप्त सबूत हैं? मंत्री प्रियांक खड़गे

सारांश

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राहुल गांधी का समर्थन किया है, जो वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर सबूत प्रस्तुत कर रहे हैं। क्या ये सबूत सच में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं? जानें इस मुद्दे की गहराई।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप लगाए हैं।
  • प्रियांक खड़गे ने उनके समर्थन में सबूत पेश किए हैं।
  • चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  • भाजपा की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
  • लोकतंत्र में मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा आवश्यक है।

बेंगलुरु, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को 'वोट चोरी' के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन किया।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी के मामले में जो कुछ भी कहा है, वह सबूतों के साथ है। उनके बयान में कोई भी झूठ नहीं है। उनका बयान पूरी तरह से विश्वसनीयता से प्रेरित है, जिसे किसी भी तरह से नकारा नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति के पास 10 बूथों पर 2 से अधिक वोट कैसे हो सकते हैं। यह अपने आप में एक उचित सवाल है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि चुनाव आयोग क्या कर रहा है? क्या चुनाव आयोग केंद्र सरकार का हिस्सा बन गया है, जिसके तहत यह सब हो रहा है? लोकतंत्र में मतदान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महादेवपुरा, महाराष्ट्र, हरियाणा सहित कई राज्यों में इस तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि भाजपा को अपने राजनीतिक मोर्चे पर मजबूत नहीं समझना चाहिए; वास्तव में, वे उतने मजबूत नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में राजनीतिक स्थिति को अपने अनुकूल करने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपना रही है, लेकिन अब इस स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यही नहीं, ये लोग संवैधानिक स्थिति को भी अपने अनुसार मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है। किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, और सभी राजनीतिक दलों को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप क्यों लगाए?
राहुल गांधी का कहना है कि उन्हें सबूत मिले हैं, जो दिखाते हैं कि कुछ स्थानों पर वोटिंग में धांधली हुई है।
प्रियांक खड़गे ने क्या कहा?
प्रियांक खड़गे ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि उनके पास वोट चोरी के मुद्दे पर ठोस सबूत हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वे चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखें।
क्या भाजपा को कमजोर माना जा रहा है?
प्रियांक खड़गे ने कहा कि भाजपा राजनीतिक मोर्चे पर उतनी मजबूत नहीं है, जितना वे दिखाना चाहती हैं।
क्या वोटिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो रहा है?
आरोप है कि कुछ राज्यों में वोटिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो रहा है, जिस पर चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए।
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