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रामलीला मैदान रैली 1 नवंबर: भूपेश बघेल बोले — तीन मांगों पर होगी ऐतिहासिक हुंकार

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रामलीला मैदान रैली 1 नवंबर: भूपेश बघेल बोले — तीन मांगों पर होगी ऐतिहासिक हुंकार

सारांश

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली महज़ एक जनसभा नहीं — यह तीन बड़ी चुनावी माँगों का सार्वजनिक ऐलान है। मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी, 13 करोड़ काटे गए वोटों की बहाली और बैलेट पेपर की वापसी — विपक्ष इसे लोकतंत्र की लड़ाई बता रहा है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक की रैली 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन मांगें रखीं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी, 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की बहाली, और बैलेट पेपर से चुनाव।
बघेल ने छत्तीसगढ़ में SIR के तहत काटे गए लगभग 25 लाख नामों पर सवाल उठाया और दावा किया कि सरकार तीन विधानसभा सत्रों में जवाब देने में विफल रही।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने रैली में 'लाखों की तादाद' और राहुल गांधी की उपस्थिति का दावा किया।
कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई राज्यों के पूर्व सीएम भी रैली में शामिल होंगे।

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर 2026 की रामलीला मैदान, नई दिल्ली रैली को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने 31 अक्टूबर को रायपुर में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि यह रैली 'ऐतिहासिक' होगी और इस पर 'देश-दुनिया की निगाहें' रहेंगी। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कई राज्यों के पूर्व सीएम भी इस जनसभा में शामिल होंगे।

तीन प्रमुख मांगें

बघेल ने स्पष्ट किया कि रैली के माध्यम से इंडिया ब्लॉक केंद्र सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखेगा। पहली मांग — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। दूसरी मांग — विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के तहत काटे गए 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की प्रक्रिया निरस्त की जाए। तीसरी मांग — देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि ये मांगें केवल चुनावी सुधार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के मतदान अधिकार और सरकारी योजनाओं के लाभ से भी जुड़ी हैं।

SIR पर तीखा सवाल

बघेल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बांग्लादेशी घुसपैठियों संबंधी बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि छत्तीसगढ़ में SIR के दौरान काटे गए लगभग 25 लाख नामों में कितने बांग्लादेशी नागरिक थे और उनमें से कितनों को डिपोर्ट किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने यह सवाल तीन अलग-अलग विधानसभा सत्रों में उठाया, लेकिन सरकार आज तक जवाब नहीं दे पाई।

गौरतलब है कि SIR को लेकर विपक्ष पहले से ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाता रहा है। बघेल का तर्क है कि 'घुसपैठिए' की आड़ में असली नागरिकों के वोट काटे जा रहे हैं, जिसका असर भविष्य में सरकारी योजनाओं के लाभ और नागरिकता-संबंधी अधिकारों पर भी पड़ सकता है।

रैली में भागीदारी के दावे

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि रैली में 'लाखों की तादाद' में लोग शामिल होंगे और राहुल गांधी के साथ लोग सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा होगी जहाँ इंडिया ब्लॉक अपनी माँगें मज़बूती से उठाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब आगामी महीनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव संभावित हैं और विपक्ष एकजुटता का संदेश देने की कोशिश में है।

आगे क्या होगा

रैली की सफलता और उपस्थिति इंडिया ब्लॉक की आंतरिक एकता की परीक्षा भी होगी। यदि तीनों मांगें व्यापक जनसमर्थन जुटाने में सफल रहीं, तो विपक्ष इन्हें आगामी संसद सत्र में भी उठाने की योजना बना सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, SIR और EVM जैसे मुद्दे 2027-28 के चुनावी एजेंडे में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही इसका सत्यापन भी ज़रूरी है — क्योंकि बिना विश्वसनीय आँकड़ों के यह आंदोलन नैरेटिव से आगे नहीं जा सकता। रैली की भीड़ और एकता ही बताएगी कि इंडिया ब्लॉक में 2024 के बाद भी दम बचा है या नहीं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली कब और कहाँ होगी?
यह रैली 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होगी। इसमें कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, कई राज्यों के पूर्व सीएम और राहुल गांधी की उपस्थिति बताई जा रही है।
भूपेश बघेल ने रैली में किन तीन मांगों का ऐलान किया है?
बघेल ने तीन मांगें रखी हैं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, SIR के तहत काटे गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करना, और देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराना। उनका कहना है कि ये मांगें नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ी हैं।
SIR क्या है और विपक्ष इसपर क्यों सवाल उठा रहा है?
SIR यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा की जाती है। बघेल का आरोप है कि इस प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ में लगभग 25 लाख वास्तविक नागरिकों के नाम काटे गए और सरकार तीन विधानसभा सत्रों में इसका जवाब नहीं दे पाई।
क्या रैली में राहुल गांधी भी शामिल होंगे?
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया है कि राहुल गांधी के साथ लाखों लोग रामलीला मैदान पहुँचेंगे। हालाँकि कांग्रेस की ओर से आधिकारिक पुष्टि स्रोत में उपलब्ध नहीं है।
जेपी नड्डा के बांग्लादेशी घुसपैठिए वाले बयान पर बघेल ने क्या कहा?
बघेल ने तंज कसते हुए पूछा कि SIR में काटे गए लाखों नामों में से कितने वास्तव में बांग्लादेशी नागरिक निकले और कितनों को डिपोर्ट किया गया। उनका कहना है कि 'घुसपैठिए' के नाम पर असली भारतीय नागरिकों के वोट काटे जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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