6 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक का मकर द्वार पर प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR रद्द करने और बैलेट पेपर चुनाव की माँग

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इंडिया ब्लॉक का मकर द्वार पर प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR रद्द करने और बैलेट पेपर चुनाव की माँग

सारांश

इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को मकर द्वार पर एकजुट होकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की माँग की। गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची से वैध वोट हटाए जा रहे हैं और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर अपनाना अनिवार्य है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने 6 अक्टूबर 2026 को मकर द्वार, नई दिल्ली पर संयुक्त प्रदर्शन किया।
गठबंधन की प्रमुख माँग: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया रद्द और बैलेट पेपर से चुनाव।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि 'निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं।' कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से सूची से हटाए गए।
विपक्ष ने चेतावनी दी कि 'आने वाले समय में यह प्रदर्शन विकराल रूप लेगा।' चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इंडिया ब्लॉक की सभी सहयोगी पार्टियों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मकर द्वार पर संयुक्त प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने तथा भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर पद्धति अपनाने की माँग रखी। गठबंधन का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में मतदाता सूची से वैध वोट हटाए जा रहे हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव की संभावना कमज़ोर हो रही है।

प्रदर्शन की प्रमुख माँगें

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने प्रदर्शन स्थल पर बताया, 'इस प्रदर्शन के पीछे मकसद पहला है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और एसआईआर रद्द हो। उसके बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं क्योंकि निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की 'पूरी चोरी पकड़ी गई है' और सरकार का गठन अनुचित तरीकों से हुआ है — हालाँकि ये आरोप विपक्ष के राजनीतिक दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भगत ने आगे कहा, 'हम संविधान और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास करते हैं। लोकतांत्रिक तरीके से हम अपनी बातों को रख रहे हैं। आने वाले समय में यह बहुत विकराल रूप से प्रदर्शन होगा।'

मतदाता सूची पर चुनाव आयोग से सवाल

कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी संवैधानिक पदों पर बैठकर मनमानी कर रहे हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वे न केवल अपने पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं, बल्कि बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा भारत के लोकतंत्र और संविधान के तहत लोगों को दिया गया वोट का अधिकार छीन लिया गया है।'

बौद्ध ने आगे दावा किया कि देशभर में लोगों के वैध वोट 'गलत तरीके से' मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि अपात्र नामों को बनाए रखा गया। उन्होंने कहा कि 'कई राज्यों में चुनाव आयोग की जवाबदेही स्पष्ट नहीं हुई है' और SIR के नाम पर मतदाताओं के साथ हो रहा व्यवहार 'गलत' है। यह आरोप विपक्षी नेताओं की ओर से है; चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

SIR प्रक्रिया विवाद का केंद्र क्यों

विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की समीक्षा कर अपात्र नाम हटाता और नए नाम जोड़ता है। विपक्ष का आरोप है कि हाल के SIR दौरों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कथित प्रभाव में बड़े पैमाने पर विपक्ष के मतदाताओं के नाम काटे गए। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब देश में कई राज्यों में चुनाव निकट हैं।

इंडिया ब्लॉक की रणनीति और आगे की राह

इंडिया ब्लॉक ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन एक शुरुआत है और आने वाले समय में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। गठबंधन की तीन मुख्य माँगें हैं — CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द करना, और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराना। इन माँगों पर सरकार या चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विपक्ष की यह माँगें संसदीय दबाव की रणनीति का हिस्सा हैं, लेकिन बैलेट पेपर की ओर वापसी तकनीकी और प्रशासनिक रूप से एक जटिल कदम होगा, जिस पर गंभीर बहस की ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'बैलेट पेपर से चुनाव' की माँग एक व्यावहारिक संकट खड़ा करती है — भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में बैलेट पेपर की वापसी लॉजिस्टिक और पारदर्शिता दोनों मोर्चों पर एक जटिल कदम होगी। SIR विवाद असली मुद्दा है, लेकिन विपक्ष इसे ईवीएम के व्यापक संदेह से जोड़कर प्रस्तुत कर रहा है, जो वास्तविक मतदाता सूची समस्याओं को आंशिक रूप से धुंधला कर सकता है। चुनाव आयोग की खामोशी इन आरोपों को और प्रतिध्वनित होने देती है — पारदर्शी जवाब की ज़रूरत संस्थागत विश्वसनीयता के लिए अनिवार्य है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। गठबंधन का मानना है कि यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) क्या होता है और इसपर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की समीक्षा कर अपात्र नाम हटाता और नए नाम जोड़ता है। विपक्ष का आरोप है कि इस बार इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर विशेष वर्ग के वैध मतदाताओं के नाम काटे गए।
इंडिया ब्लॉक बैलेट पेपर से चुनाव क्यों चाहता है?
गठबंधन का तर्क है कि ईवीएम आधारित मतदान में पारदर्शिता की कमी है और चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता संदिग्ध हो गई है। इसलिए वे बैलेट पेपर को अधिक जवाबदेह विकल्प मानते हैं, हालाँकि चुनाव आयोग और सरकार ईवीएम को सुरक्षित बता चुके हैं।
मकर द्वार पर प्रदर्शन में कौन-कौन सी पार्टियाँ शामिल थीं?
6 अक्टूबर 2026 को मकर द्वार पर इंडिया ब्लॉक की सभी सहयोगी पार्टियाँ एकजुट हुईं। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत और करमवीर सिंह बौद्ध प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन और इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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