8 अक्टूबर 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा: कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध

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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा: कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध

सारांश

कांग्रेस का चुनाव आयोग विरोध अब सीधी माँग पर आ गया है — CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। कर्मवीर बौद्ध ने इसे डॉ. अंबेडकर की विरासत और हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा का सवाल बताया। इंडी गठबंधन का ब्लॉक-बूथ स्तर तक धरना और राहुल गांधी को 'घसीटने' के आरोप ने इस टकराव को नया मोड़ दे दिया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध ने 8 अक्टूबर 2026 को कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने इस विरोध को डॉ.
भीमराव अंबेडकर द्वारा दिलाए गए मताधिकार की रक्षा की लड़ाई बताया।
इंडी गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक ब्लॉक और बूथ स्तर तक धरने का आह्वान किया था।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सड़क पर घसीटा गया और सांसदों को जबरन बसों में बिठाया गया।
कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग की है।

कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का आंदोलन देशभर में बिना रुके जारी रहेगा। उन्होंने इस संघर्ष को 'लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा की लड़ाई' बताया।

मताधिकार पर खतरे का दावा

कर्मवीर बौद्ध ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों में अथक परिश्रम कर देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाया था। उनके अनुसार, अब इस अधिकार के छिनने का खतरा उत्पन्न हो गया है और कांग्रेस इसी अधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का विरोध किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा की माँग है। कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की भी माँग की है।

धरने की रणनीति और इंडी गठबंधन

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडी गठबंधन के सांसदों को कनॉट प्लेस में लंच पर बुलाया था, जो पहले से निर्धारित कार्यक्रम था। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेताओं ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देश के विभिन्न हिस्सों में ब्लॉक और बूथ स्तर तक धरना देने की घोषणा की थी।

मनोज कुमार ने कहा कि लंच के बाद आगे की रणनीति पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी। गौरतलब है कि यह आंदोलन भारत निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता और कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

पुलिस व्यवहार पर गंभीर आरोप

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सड़क पर घसीटा जा रहा है और सांसदों को जबरन बसों में बिठाया जा रहा है। मनोज कुमार के अनुसार, पुलिस का यह व्यवहार पूरा देश प्रत्यक्ष देख रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार यह तर्क दे रहा है कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस या केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल

मनोज कुमार ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उठी 'सच्चाई की चिंगारी' के बीच चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इसके व्यापक राजनीतिक परिणाम देखने को मिलेंगे।

कांग्रेस का यह विरोध-प्रदर्शन उस वृहत्तर बहस का हिस्सा है जिसमें विपक्षी दल चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं। फिलहाल, पार्टी ने संकेत दिया है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर बड़े चुनाव के बाद उठती है और फिर ठंडी पड़ जाती है। डॉ. अंबेडकर की विरासत को ढाल बनाना राजनीतिक दृष्टि से चतुर है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल चूक जाती है कि क्या कांग्रेस के पास CEC की कार्यप्रणाली पर कोई ठोस दस्तावेज़ी शिकायत है या यह विरोध-प्रदर्शन का राजनीतिक प्रदर्शन मात्र है। राहुल गांधी को 'घसीटने' के आरोप गंभीर हैं — लेकिन जब तक स्वतंत्र सत्यापन नहीं होता, दोनों पक्षों के बयान सतर्कता से रिपोर्ट किए जाने चाहिए।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है, जिससे मतदाताओं के अधिकार खतरे में हैं। पार्टी का कहना है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते, तब तक देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
इंडी गठबंधन का धरना कार्यक्रम क्या था?
विपक्षी नेताओं ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लॉक और बूथ स्तर तक धरना देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडी गठबंधन के सांसदों को कनॉट प्लेस में लंच पर बुलाया, जहाँ आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी।
राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सड़क पर घसीटा गया और सांसदों को जबरन बसों में बिठाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह कथित व्यवहार पूरा देश देख रहा है, हालाँकि दिल्ली पुलिस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।
कर्मवीर बौद्ध ने डॉ. अंबेडकर का ज़िक्र क्यों किया?
कर्मवीर बौद्ध ने तर्क दिया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर देश के हर नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाया था। उनके अनुसार, चुनाव आयोग को लेकर मौजूदा विवाद इसी अधिकार के लिए खतरा है और कांग्रेस उसी विरासत की रक्षा के लिए लड़ रही है।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर विपक्ष का क्या कहना है?
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से चुनाव आयोग के अधिकारियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और आने वाले समय में इसका असर दिखेगा। पार्टी ने आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग को दोहराया है।
राष्ट्र प्रेस
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