मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगे INDIA ब्लॉक, सीपीआईएम महासचिव एमए बेबी ने संसद मार्च का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने 5 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए संसद से निर्वाचन सदन तक INDIA ब्लॉक के सांसदों के संयुक्त मार्च का ऐलान किया। मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने और कथित 'वोट चोरी' को लेकर चुनाव आयोग एवं विपक्ष के बीच टकराव अब खुले आंदोलन का रूप लेने की तैयारी में है।
मुख्य घटनाक्रम
बेबी ने 30 सितंबर 2026 को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक का हवाला देते हुए कहा, "INDIA ब्लॉक से संबंधित सभी सदस्य, और यदि अन्य विपक्षी दल भी इच्छुक हों तो उनके सांसद भी, हम सभी को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग करते हुए निर्वाचन सदन के सामने एक साथ मार्च करना चाहिए, जो 'वोट चोरी' की गतिविधियों में रंगे हाथों पाए गए हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो विपक्ष संघर्ष के ज़रिए उन्हें ऐसा करने पर मजबूर करेगा।
मतदाता सूची से नाम हटाने का विवाद
बेबी के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर 13 करोड़ (130 मिलियन) लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो उनके शब्दों में "सर्वथा अस्वीकार्य" है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावों की संभावना को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं।
गौरतलब है कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन रहा है। बेबी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने न्यायालय में हुई चर्चा को इस तरह प्रस्तुत किया जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने पूरी कार्रवाई को अनुमति दे दी हो। उन्होंने कहा कि स्वयं भारत के मुख्य न्यायाधीश ने इस भ्रम को स्पष्ट किया है, जो यह दर्शाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का आचरण "अवैध और गैर जिम्मेदाराना" रहा है।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर समर्थन
एक सवाल के जवाब में बेबी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जो अवलोकन किया है, वह "बिल्कुल सही" है और INDIA ब्लॉक के सभी घटक दल उसी स्थिति में खड़े हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता की प्रतिक्रिया को "बेतुका दावा" करार देते हुए खारिज किया।
चुनाव आयुक्तों की कानूनी सुरक्षा पर सवाल
बेबी ने चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया को "अत्यधिक पक्षपाती" बताते हुए कहा कि मौजूदा कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को पद पर रहते हुए सिविल या आपराधिक अभियोजन से असाधारण सुरक्षा प्रदान की गई है। आलोचकों का कहना है कि यह प्रावधान जवाबदेही को कमज़ोर करता है।
आगे क्या होगा
INDIA ब्लॉक के सांसदों के मार्च की तारीख अभी औपचारिक रूप से घोषित नहीं की गई है, लेकिन विपक्षी दलों के बीच समन्वय जारी बताया जा रहा है। यह आंदोलन संसद सत्र के इर्द गिर्द निर्धारित होने की संभावना है। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।