17 अक्टूबर 2026
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डीएमके सांसदों ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, SIR रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की

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डीएमके सांसदों ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, SIR रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की

सारांश

DMK सांसदों ने चेन्नई में एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में चार अहम प्रस्ताव पास किए — CEC ज्ञानेश कुमार को हटाओ, SIR रद्द करो, EVM की जगह बैलेट पेपर लाओ और राष्ट्रपति को याचिका सौंपो। चुनावी प्रशासन पर पार्टी का सीधा टकराव अब संवैधानिक मुखिया तक पहुँचने की राह पर है।

मुख्य बातें

DMK सांसदों ने 17 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में चार प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग की।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को पूरी तरह रद्द करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग भी प्रस्तावों में शामिल।
पार्टी राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर चुनावी अनियमितताओं पर कार्रवाई की माँग करेगी।
कांग्रेस और TVK पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की गई।
बैठक की अध्यक्षता DMK अध्यक्ष एम.के.
स्टालिन ने पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में की।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के सांसदों ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग की। यह माँगें चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पारित चार प्रस्तावों के ज़रिए सामने आईं।

बैठक का विवरण और प्रस्ताव

DMK अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में यह बैठक सुबह 11 बजे मुरासोली मारन बैठक हॉल में आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के सांसदों ने चुनावी प्रशासन को लेकर अपनी गहरी असहमति दर्ज कराई। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार कुल चार प्रस्ताव पास किए गए।

पहले प्रस्ताव में CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग की गई। हालाँकि, पार्टी की ओर से जारी संक्षिप्त विवरण में उन्हें हटाने के लिए कोई विशिष्ट आधार या कथित अनियमितताओं के ठोस उदाहरण सार्वजनिक नहीं किए गए।

SIR और EVM पर विरोध

चौथे प्रस्ताव में पार्टी ने SIR को पूरी तरह रद्द करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग दोहराई। गौरतलब है कि EVM और SIR को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ नई नहीं हैं — यह ऐसे समय में आई हैं जब कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं। DMK का कहना है कि SIR प्रक्रिया से मतदाता सूचियों में अनियमितताएँ हो सकती हैं, हालाँकि पार्टी ने इस संदर्भ में विशिष्ट मामलों का उल्लेख नहीं किया।

राष्ट्रपति को याचिका और छात्र आंदोलन को समर्थन

बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपेगी, जिसमें चुनावी अनियमितताओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की माँग की जाएगी। ज्ञापन का विस्तृत मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

दूसरे प्रस्ताव में छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया। हालाँकि, पार्टी ने इन छात्र संगठनों के नाम, उनकी विशिष्ट माँगें या प्रदर्शन स्थलों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया।

कांग्रेस और TVK पर निशाना

तीसरे प्रस्ताव में DMK ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) दोनों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। हालाँकि, पार्टी ने इस आलोचना के पीछे के बयानों या घटनाओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किन विशेष मुद्दों पर यह टकराव है।

आगे क्या होगा

DMK संसदीय दल अब राष्ट्रपति को याचिका सौंपने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। इन प्रस्तावों के ज़रिए पार्टी ने चुनाव आयोग के प्रति अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इन माँगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग क्यों की?
DMK ने चुनावी प्रशासन को लेकर आपत्तियाँ जताते हुए CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग की। हालाँकि पार्टी ने अपने प्रस्तावों के संक्षिप्त विवरण में उन्हें हटाने के लिए कोई विशिष्ट आधार या कथित अनियमितताओं के ठोस उदाहरण सार्वजनिक नहीं किए।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और DMK इसका विरोध क्यों कर रही है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूचियों की व्यापक समीक्षा की एक प्रक्रिया है। DMK का आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूचियों में अनियमितताएँ हो सकती हैं, हालाँकि पार्टी ने विशिष्ट मामलों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया।
DMK EVM की जगह बैलेट पेपर क्यों चाहती है?
DMK ने EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग की है। यह माँग कई विपक्षी दलों की साझा आपत्तियों का हिस्सा है, हालाँकि चुनाव आयोग EVM की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर अपना बचाव करता रहा है।
DMK राष्ट्रपति को किस बारे में याचिका सौंपेगी?
DMK राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपेगी जिसमें SIR रद्द करने, EVM की जगह बैलेट पेपर लाने और कथित चुनावी अनियमितताओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की माँग की जाएगी। ज्ञापन का विस्तृत मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
DMK ने कांग्रेस और TVK की आलोचना क्यों की?
DMK ने अपने तीसरे प्रस्ताव में कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। हालाँकि पार्टी ने इस आलोचना के पीछे के विशिष्ट बयानों या घटनाओं का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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