31 अक्टूबर 2026
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नरेंद्र कश्यप का अखिलेश पर पलटवार: 'सपा पहले अपने 5 साल का हिसाब दे, फिर गृह मंत्री को सलाह दे'

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नरेंद्र कश्यप का अखिलेश पर पलटवार: 'सपा पहले अपने 5 साल का हिसाब दे, फिर गृह मंत्री को सलाह दे'

सारांश

यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव के हर बयान पर तीखा जवाब दिया — सपा के पाँच साल के शासन से लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोपों तक। साथ ही BJP ने 2027 में 'प्रचंड बहुमत' का दावा दोहराया।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने 31 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव की कानून-व्यवस्था, चुनाव आयोग और BJP संबंधी टिप्पणियों पर कड़ा पलटवार किया।
कश्यप ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में मुजफ्फरनगर दंगे , गुंडाराज और महिला असुरक्षा जैसी घटनाएँ हुईं।
BJP ने दावा किया कि 2027 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में फिर से प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी।
केजीएमयू धर्मांतरण मामले को कश्यप ने 'गंभीर और खतरनाक' बताया; संबंधितों पर कार्रवाई की पुष्टि की।
सपा नेता एसटी हसन के राम जन्मभूमि बयान पर कश्यप ने कड़ी आपत्ति जताई, 2027 चुनाव में जनादेश का हवाला दिया।
1 नवंबर की विपक्षी रैली को लेकर कश्यप ने कहा कि NCR के व्यापारी परेशान हैं और कारोबार को नुकसान की आशंका है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की कानून-व्यवस्था, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर की गई टिप्पणियों पर कड़ा पलटवार किया। कश्यप ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सपा की किसी सलाह की आवश्यकता नहीं है।

सपा शासनकाल पर कश्यप के आरोप

अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। इस पर मंत्री कश्यप ने पलटकर कहा कि सपा को दूसरों को सलाह देने से पहले अपने पाँच वर्षों के शासनकाल का आत्म-मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में मुजफ्फरनगर जैसी दंगों की घटनाएँ हुईं, सड़कों पर गुंडाराज चला और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया।

कश्यप ने कहा कि जब तक सपा अपने कार्यकाल के इन हालात पर जवाब नहीं देती, उसे गृह मंत्री को सलाह देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

2027 चुनाव पर BJP का दावा

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि 'पहले प्रदेश और फिर देश से भाजपा को हटाया जाएगा', कश्यप ने इसे 'ख्याली पुलाव' करार दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश कार्यसमिति में पूरे आत्मविश्वास के साथ स्पष्ट किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में फिर से प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। कश्यप ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि शाह के राजनीतिक आकलन बार-बार सटीक साबित हुए हैं।

चुनाव आयोग पर अखिलेश के आरोपों को नकारा

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग (ECI) केवल भाजपा समर्थकों को भारतीय नागरिक मानता है। इस पर कश्यप ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग के लिए किसी मतदाता की राजनीतिक पहचान जान पाना तकनीकी रूप से असंभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मतदाता भाजपा के अपने हैं, और यदि सपा कुछ मतदाताओं को अपना नहीं मानती, तो वह उसकी अपनी सोच है।

केजीएमयू धर्मांतरण मामला और राम जन्मभूमि विवाद

कश्यप ने केजीएमयू (King George's Medical University) में सामने आए कथित धर्मांतरण के मामले को 'गंभीर और खतरनाक' बताया। उन्होंने कहा कि जिन डॉक्टरों का कर्तव्य समाज सेवा है, उन पर धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोप आना चिंताजनक है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि योगी आदित्यनाथ सरकार के रहते प्रदेश में धर्मांतरण की गतिविधियों को आगे जारी रखना आसान नहीं होगा।

सपा नेता एसटी हसन के राम जन्मभूमि संबंधी बयान पर कश्यप ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद भी इस तरह के बयान दिए जाना सपा की 'तुष्टिकरण की राजनीति' को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में सनातन धर्म में आस्था रखने वाले मतदाता सपा को इसका जवाब देंगे।

1 नवंबर की विपक्षी रैली पर आपत्ति

1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित विपक्षी रैली को लेकर कश्यप ने कहा कि गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और बागपत के व्यापारियों में इससे नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी लगातार सड़क जाम और अफरातफरी का माहौल बनाते हैं, जिससे व्यापारियों के कारोबार को नुकसान पहुँचता है। कश्यप ने विपक्षी दलों की संसदीय गतिविधियों पर भी सवाल उठाया — उनके अनुसार, जब संसद चलती है तब विपक्ष बाहर प्रदर्शन करता है और जब नहीं चलती तब 'संसद चलाने का नाटक' किया जाता है।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अभी के बयानों से नहीं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
यूपी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सपा सरकार के पाँच वर्षों में मुजफ्फरनगर दंगे हुए, गुंडाराज चला और महिला सुरक्षा से समझौता किया गया। उनका कहना था कि अखिलेश यादव को गृह मंत्री को सलाह देने से पहले अपने कार्यकाल का जवाब देना चाहिए।
BJP ने 2027 यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
मंत्री कश्यप ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश कार्यसमिति में इस विश्वास को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है।
केजीएमयू धर्मांतरण मामला क्या है?
केजीएमयू (King George's Medical University), लखनऊ में कुछ डॉक्टरों पर धर्म परिवर्तन कराने से जुड़े आरोप सामने आए हैं। मंत्री कश्यप ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और योगी सरकार इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
चुनाव आयोग पर अखिलेश के आरोप पर BJP का क्या जवाब है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग BJP समर्थकों को ही भारतीय नागरिक मानता है। कश्यप ने इसे तर्कहीन बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग के लिए किसी मतदाता की पार्टी पहचान जानना असंभव है और ऐसे आरोप गठबंधन की 'अस्वाभाविक मानसिकता' को दर्शाते हैं।
1 नवंबर की विपक्षी रैली पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
मंत्री कश्यप ने कहा कि 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली से गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और बागपत के व्यापारी परेशान हैं। उनके अनुसार, इस तरह की गतिविधियाँ सड़क जाम का माहौल बनाती हैं जिससे कारोबार को नुकसान होता है।
राष्ट्र प्रेस
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