ओम प्रकाश राजभर का दावा: पीएम मोदी और सीएम योगी के हाथों में संविधान सुरक्षित, अखिलेश पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के संविधान संबंधी बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संविधान पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का चुनाव जीतने का सपना महज़ एक सपना बनकर रह जाएगा।
राजभर का अखिलेश पर हमला
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'पूरा देश जानता है कि अखिलेश यादव केवल अपनी जाति को आगे बढ़ाते हैं। मैं अनुभव के साथ कह सकता हूँ कि उन्हें दूसरी जातियों से कुछ भी लेना-देना नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख 2012 से संविधान की बात करते आ रहे हैं, लेकिन उनके दावों का कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं निकला।
राजभर ने यह भी कहा कि देश में मुसलमान से लेकर अति पिछड़ा समाज तक, कोई भी अखिलेश यादव के 'झूठे दावों' में नहीं आने वाला। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि यदि वे संविधान को मानते हैं, तो एसआईआर (SIR) — जो संविधान के तहत ही हो रहा है — पर सवाल क्यों खड़े करते हैं।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल की प्रतिक्रिया
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी एक परिवार का समूह है, जहाँ संसद, विधानसभा और पार्टी में एक ही परिवार के लोग दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज और प्रजापति समाज को यह पार्टी कभी मौका देने वाली नहीं है।
अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि जब आज़म खान जेल गए, तो सपा नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार खत्म करने का काम किया गया और जनता तीसरी बार भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को आशीर्वाद देगी।
भाजपा नेता मनमीत सिंह का बयान
भाजपा नेता मनमीत सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव संविधान बचाने की बात करते हैं, जबकि एसआईआर संविधान के दायरे में ही हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश को दर्द इसलिए है क्योंकि फर्जी मतदाता अब उन्हें वोट नहीं दे पाएंगे, जिनकी बदौलत वे कुछ सीटें जीतते थे। मनमीत सिंह ने दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा 60 सीट भी पार नहीं कर पाएगी।
मंत्री अनिल राजभर का पिछड़ा समाज पर जोर
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को केवल अपनी बिरादरी और एक विशेष समाज के लोग दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा समाज अब अखिलेश के 'धोखे' में नहीं आने वाला और पीएम मोदी तथा सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ पूरी तरह खड़ा है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है और सभी दल पिछड़े व अति पिछड़े समाज को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटे हैं। गौरतलब है कि यूपी की राजनीति में ओबीसी और अति पिछड़ी जातियाँ निर्णायक भूमिका निभाती हैं, और इन्हें लेकर भाजपा और सपा के बीच वर्चस्व की लड़ाई नई नहीं है।