27 अक्टूबर 2026
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ओम प्रकाश राजभर का दावा: पीएम मोदी और सीएम योगी के हाथों में संविधान सुरक्षित, अखिलेश पर तीखा हमला

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ओम प्रकाश राजभर का दावा: पीएम मोदी और सीएम योगी के हाथों में संविधान सुरक्षित, अखिलेश पर तीखा हमला

सारांश

यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के संविधान संबंधी बयान को सिरे से नकारते हुए कहा कि संविधान पीएम मोदी और सीएम योगी के हाथों में सुरक्षित है। साथ ही मंत्री कपिल देव अग्रवाल और अनिल राजभर ने सपा पर परिवारवाद और पिछड़े समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया — यूपी की चुनावी बिसात पर ओबीसी वोट को लेकर छिड़ी जंग का नया मोर्चा।

मुख्य बातें

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संविधान पूर्णतः सुरक्षित है।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल अपनी जाति को आगे बढ़ाते हैं और दूसरी जातियों से उन्हें कोई सरोकार नहीं।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सपा को 'परिवार का समूह' बताया और कश्यप व प्रजापति समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया।
भाजपा नेता मनमीत सिंह ने दावा किया कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में सपा 60 सीट भी पार नहीं कर पाएगी।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पिछड़ा समाज अब पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ है, अखिलेश के 'धोखे' में नहीं आएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के संविधान संबंधी बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संविधान पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का चुनाव जीतने का सपना महज़ एक सपना बनकर रह जाएगा।

राजभर का अखिलेश पर हमला

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'पूरा देश जानता है कि अखिलेश यादव केवल अपनी जाति को आगे बढ़ाते हैं। मैं अनुभव के साथ कह सकता हूँ कि उन्हें दूसरी जातियों से कुछ भी लेना-देना नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख 2012 से संविधान की बात करते आ रहे हैं, लेकिन उनके दावों का कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं निकला।

राजभर ने यह भी कहा कि देश में मुसलमान से लेकर अति पिछड़ा समाज तक, कोई भी अखिलेश यादव के 'झूठे दावों' में नहीं आने वाला। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि यदि वे संविधान को मानते हैं, तो एसआईआर (SIR) — जो संविधान के तहत ही हो रहा है — पर सवाल क्यों खड़े करते हैं।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल की प्रतिक्रिया

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी एक परिवार का समूह है, जहाँ संसद, विधानसभा और पार्टी में एक ही परिवार के लोग दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज और प्रजापति समाज को यह पार्टी कभी मौका देने वाली नहीं है।

अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि जब आज़म खान जेल गए, तो सपा नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार खत्म करने का काम किया गया और जनता तीसरी बार भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को आशीर्वाद देगी।

भाजपा नेता मनमीत सिंह का बयान

भाजपा नेता मनमीत सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव संविधान बचाने की बात करते हैं, जबकि एसआईआर संविधान के दायरे में ही हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश को दर्द इसलिए है क्योंकि फर्जी मतदाता अब उन्हें वोट नहीं दे पाएंगे, जिनकी बदौलत वे कुछ सीटें जीतते थे। मनमीत सिंह ने दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा 60 सीट भी पार नहीं कर पाएगी।

मंत्री अनिल राजभर का पिछड़ा समाज पर जोर

मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को केवल अपनी बिरादरी और एक विशेष समाज के लोग दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा समाज अब अखिलेश के 'धोखे' में नहीं आने वाला और पीएम मोदी तथा सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ पूरी तरह खड़ा है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है और सभी दल पिछड़े व अति पिछड़े समाज को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटे हैं। गौरतलब है कि यूपी की राजनीति में ओबीसी और अति पिछड़ी जातियाँ निर्णायक भूमिका निभाती हैं, और इन्हें लेकर भाजपा और सपा के बीच वर्चस्व की लड़ाई नई नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उत्तर प्रदेश के ओबीसी और अति पिछड़े मतदाताओं को लेकर भाजपा और सपा के बीच चल रही गहरी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है। राजभर जैसे नेताओं का सपा पर 'जातिवाद' का आरोप नया नहीं — लेकिन यह उल्लेखनीय है कि खुद ओम प्रकाश राजभर अतीत में सपा के साथ गठबंधन में रह चुके हैं, जो इस बयान को और जटिल बनाता है। एसआईआर का मुद्दा चुनावी नामावली की शुद्धता बनाम मतदाता अधिकारों की उस बड़ी बहस से जुड़ा है जो आगामी चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को महज़ 'पार्टी लाइन' मानकर छोड़ देती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या इन दावों को ज़मीनी समर्थन हासिल है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव केवल अपनी जाति को आगे बढ़ाते हैं और दूसरी जातियों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश का चुनाव जीतने का सपना महज़ सपना बनकर रह जाएगा।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है जिसपर भाजपा और सपा आमने-सामने हैं?
भाजपा नेताओं के अनुसार एसआईआर संविधान के दायरे में हुई प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची से फर्ज़ी नाम हटाना है। सपा इस पर सवाल उठा रही है, जिसे भाजपा नेता मनमीत सिंह ने 'फर्ज़ी मतदाताओं' के हटने की आशंका से जोड़ा है।
भाजपा ने सपा पर परिवारवाद का आरोप क्यों लगाया?
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सपा में संसद, विधानसभा और पार्टी अध्यक्ष पद पर एक ही परिवार के लोग दिखाई देते हैं। उनका तर्क है कि कश्यप समाज और प्रजापति समाज जैसे अति पिछड़े वर्गों को सपा कभी प्रतिनिधित्व नहीं देती।
यूपी विधानसभा चुनाव में सपा के प्रदर्शन पर भाजपा का क्या अनुमान है?
भाजपा नेता मनमीत सिंह ने दावा किया है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा 60 सीट भी पार नहीं कर पाएगी। यह दावा सपा के किसी आधिकारिक बयान पर आधारित नहीं है और भाजपा का अपना राजनीतिक आकलन है।
पिछड़े समाज को लेकर भाजपा और सपा में क्या खींचतान है?
मंत्री अनिल राजभर ने दावा किया कि पिछड़ा समाज पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ खड़ा है और अखिलेश यादव के 'धोखे' में नहीं आएगा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओबीसी और अति पिछड़ी जातियाँ परंपरागत रूप से निर्णायक भूमिका निभाती हैं, जिन्हें दोनों प्रमुख दल अपने पाले में करने की कोशिश में रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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