21 अक्टूबर 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला: सनातन विरोधियों को सम्मान देकर खुद को सनातनी कैसे कहेंगे?

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ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला: सनातन विरोधियों को सम्मान देकर खुद को सनातनी कैसे कहेंगे?

सारांश

यूपी चुनाव से पहले मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर चौतरफा हमला बोला — सनातन विरोधी को सम्मान, आजम खान की कथित अनदेखी और मुस्लिम समुदाय की CM पद की माँग तीनों मुद्दों पर सपा को कटघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव के बयानों को 'चौंकाने वाला' बताया।
सपा सदस्य राजकुमार भाटी पर सनातन धर्म और जाट-गुर्जर महिलाओं के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप।
राजभर का दावा — अखिलेश के कारनामों से आजम खान जेल में हैं, फिर भी सपा प्रमुख उनसे मिलने नहीं गए।
मुस्लिम समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी की माँग उठाने का राजभर ने समर्थन किया।
ABVP की छात्र संघ चुनावों में जीत का हवाला देते हुए Gen-Z के NDA-विरोधी होने के दावे को खारिज किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के बयान अक्सर चौंकाने वाले होते हैं और वे ऐसे व्यक्तियों को सम्मान देते हैं जो सनातन धर्म का विरोध करते हैं। यह बयान यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गरमाई सियासी बयानबाजी के बीच आया है।

सनातन धर्म और राजकुमार भाटी विवाद

राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सदस्य राजकुमार भाटी ने भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और सनातन धर्म को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाट और गुर्जर महिलाओं के बारे में अपमानजनक बातें कही गईं। इसके बावजूद अखिलेश यादव ने ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित कर सम्मान दिया।

राजभर ने सवाल उठाया, 'सनातन धर्म का विरोध करने वाले को सम्मान देने के बाद अखिलेश यादव खुद को सनातनी कैसे कह सकते हैं?' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे उठकर पहले 'अली-अली' कहते हैं, फिर नहा-धोकर बजरंगबली का नाम जपते हैं — और इस दुविधा में न अली मिले, न बजरंगबली।

आजम खान और सपा पर आरोप

राजभर ने आजम खान के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उनका आरोप है कि जब सपा को सत्ता में आने के लिए आजम खान के समर्थन की जरूरत थी, तब उन्होंने साथ दिया और पार्टी ने उस दौर में खूब संपत्ति बनाई। लेकिन सत्ता से बाहर होते ही अखिलेश यादव ने आजम खान को नजरअंदाज कर दिया।

राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव के कारनामों की वजह से आजम खान आज जेल में हैं, परंतु सपा प्रमुख उनसे मिलने तक नहीं गए। उन्होंने यह भी कहा कि अब जब मुस्लिम समुदाय का समर्थन सपा से खिसकता दिख रहा है, तब आजम खान के नाम का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए किया जा रहा है — जो एक चुनावी जुमला मात्र है।

मुस्लिम समुदाय और मुख्यमंत्री पद की माँग

राजभर ने मुस्लिम मतदाताओं के संदर्भ में कहा कि मुसलमान अब केवल सपा के लिए दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने तर्क दिया कि यादव समाज से चार बार मुख्यमंत्री बनाया जा चुका है, इसलिए मुस्लिम समुदाय की ओर से भी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी की माँग उठ रही है।

उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय उनके साथ बना रहे, तो उन्हें यह घोषणा करनी चाहिए कि अब मुस्लिम समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा। गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती मुस्लिम राजनीति को राजभर ने अखिलेश यादव की परेशानी का कारण भी बताया।

युवा और ABVP का मुद्दा

राजभर ने जेन-जी (Gen-Z) का जिक्र करते हुए कहा कि यदि एनडीए से युवा नाराज होते तो देशभर के छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जीत नहीं रही होती। उनके अनुसार, जेन-जी अपने मुद्दों के लिए लड़ती है — अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुद्दों के लिए नहीं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्षी सपा को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश में है। आने वाले हफ्तों में इस राजनीतिक बयानबाजी के और तीखे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुस्लिम राजनीति और आजम खान तीनों मोर्चों पर सपा को घेरने की कोशिश। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि राजभर खुद एनडीए गठबंधन में हैं और उनके अपने समीकरण बनाने की जरूरत है — मुस्लिम CM की माँग उठाना इसी का हिस्सा लगता है। आजम खान को लेकर आरोप गंभीर हैं, पर वे सत्यापन की माँग करते हैं। जेन-जी और ABVP का तर्क सतही है — छात्र संघ जीत समग्र युवा मत का पर्याय नहीं होती।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने सनातन धर्म पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सपा सदस्य राजकुमार भाटी को सम्मान दिया, जो उनके सनातनी होने के दावे से विरोधाभासी है। उन्होंने आजम खान की अनदेखी और मुस्लिम मतदाताओं का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए।
राजकुमार भाटी विवाद क्या है?
ओपी राजभर के अनुसार, सपा सदस्य राजकुमार भाटी ने भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और सनातन धर्म को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। इसके अलावा जाट और गुर्जर महिलाओं के बारे में भी अपमानजनक बातें कहने का आरोप है।
आजम खान और अखिलेश यादव के बीच विवाद क्या है?
राजभर का आरोप है कि आजम खान के समर्थन से सपा सत्ता में आई, लेकिन सत्ता जाने के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। राजभर ने दावा किया कि अखिलेश के कारनामों की वजह से आजम खान जेल में हैं और सपा प्रमुख उनसे मिलने तक नहीं गए।
मुस्लिम समुदाय की मुख्यमंत्री पद की माँग क्यों उठ रही है?
राजभर ने तर्क दिया कि यादव समाज से चार बार मुख्यमंत्री बन चुका है, इसलिए मुस्लिम समुदाय भी अब CM पद पर दावेदारी चाहता है। उन्होंने अखिलेश यादव से इस संबंध में स्पष्ट घोषणा करने की माँग की।
ABVP की जीत और Gen-Z का मुद्दा राजभर ने क्यों उठाया?
राजभर ने ABVP की छात्र संघ चुनावों में जीत का हवाला देते हुए उस दावे को खारिज किया कि युवा NDA से नाराज हैं। उनके अनुसार जेन-जी अपने मुद्दों के लिए लड़ती है, न कि अखिलेश यादव या राहुल गांधी के एजेंडे के लिए।
राष्ट्र प्रेस
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