ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला: सनातन विरोधियों को सम्मान देकर खुद को सनातनी कैसे कहेंगे?
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के बयान अक्सर चौंकाने वाले होते हैं और वे ऐसे व्यक्तियों को सम्मान देते हैं जो सनातन धर्म का विरोध करते हैं। यह बयान यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गरमाई सियासी बयानबाजी के बीच आया है।
सनातन धर्म और राजकुमार भाटी विवाद
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सदस्य राजकुमार भाटी ने भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और सनातन धर्म को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाट और गुर्जर महिलाओं के बारे में अपमानजनक बातें कही गईं। इसके बावजूद अखिलेश यादव ने ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित कर सम्मान दिया।
राजभर ने सवाल उठाया, 'सनातन धर्म का विरोध करने वाले को सम्मान देने के बाद अखिलेश यादव खुद को सनातनी कैसे कह सकते हैं?' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे उठकर पहले 'अली-अली' कहते हैं, फिर नहा-धोकर बजरंगबली का नाम जपते हैं — और इस दुविधा में न अली मिले, न बजरंगबली।
आजम खान और सपा पर आरोप
राजभर ने आजम खान के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उनका आरोप है कि जब सपा को सत्ता में आने के लिए आजम खान के समर्थन की जरूरत थी, तब उन्होंने साथ दिया और पार्टी ने उस दौर में खूब संपत्ति बनाई। लेकिन सत्ता से बाहर होते ही अखिलेश यादव ने आजम खान को नजरअंदाज कर दिया।
राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव के कारनामों की वजह से आजम खान आज जेल में हैं, परंतु सपा प्रमुख उनसे मिलने तक नहीं गए। उन्होंने यह भी कहा कि अब जब मुस्लिम समुदाय का समर्थन सपा से खिसकता दिख रहा है, तब आजम खान के नाम का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए किया जा रहा है — जो एक चुनावी जुमला मात्र है।
मुस्लिम समुदाय और मुख्यमंत्री पद की माँग
राजभर ने मुस्लिम मतदाताओं के संदर्भ में कहा कि मुसलमान अब केवल सपा के लिए दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने तर्क दिया कि यादव समाज से चार बार मुख्यमंत्री बनाया जा चुका है, इसलिए मुस्लिम समुदाय की ओर से भी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी की माँग उठ रही है।
उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय उनके साथ बना रहे, तो उन्हें यह घोषणा करनी चाहिए कि अब मुस्लिम समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा। गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती मुस्लिम राजनीति को राजभर ने अखिलेश यादव की परेशानी का कारण भी बताया।
युवा और ABVP का मुद्दा
राजभर ने जेन-जी (Gen-Z) का जिक्र करते हुए कहा कि यदि एनडीए से युवा नाराज होते तो देशभर के छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जीत नहीं रही होती। उनके अनुसार, जेन-जी अपने मुद्दों के लिए लड़ती है — अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुद्दों के लिए नहीं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्षी सपा को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश में है। आने वाले हफ्तों में इस राजनीतिक बयानबाजी के और तीखे होने की संभावना है।