1 नवंबर 2026
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आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार: ओपी राजभर का सपा पर तीखा हमला

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आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार: ओपी राजभर का सपा पर तीखा हमला

सारांश

यूपी मंत्री ओपी राजभर ने अंबेडकरनगर में आजम खान की ईडी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सीधे अखिलेश यादव पर डाली और सवाल उठाया कि उसी मामले में अखिलेश बाहर क्यों हैं। 2027 चुनाव से पहले यूपी में सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ गया है।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने 1 नवंबर 2026 को अंबेडकरनगर में कहा कि आजम खान की ईडी गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में राजभर ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकारी भूमि पर बने भवन गिराए जा रहे हैं।
राजभर ने सवाल उठाया — जिस केस में आजम खान और गायत्री प्रजापति जेल में हैं, उसी में अखिलेश यादव बाहर क्यों हैं?
केजीएमयू धर्मांतरण प्रकरण पर राजभर ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग का समर्थन किया।
हसन के भगवान राम के जन्मस्थान पर दिए बयान को राजभर ने अज्ञानता करार दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 1 नवंबर 2026 को अंबेडकरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता आजम खान की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्वयं जिम्मेदार हैं, क्योंकि सपा सरकार के कार्यकाल में कथित अनियमितताएँ हुईं।

आजम खान की गिरफ्तारी पर राजभर का बयान

राजभर ने कहा, 'समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनके खिलाफ तमाम काम किए गए थे। इसी की वे सजा पा रहे हैं।' उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस सरकारी ज़मीन पर भवन बनाया गया, उसके वित्तीय लेखे-जोखे की जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की थी। उनके अनुसार, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें ज़मीन विद्यालय के नाम करवा लेनी चाहिए थी।

राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकारी संपत्ति पर बने भवनों को गिराने की कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा, 'इसमें सरकार का क्या दोष है?'

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर और तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, 'आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया होगा। सत्ता में रहने के दौरान अखिलेश यादव और इन लोगों ने जो लूटपाट की है, वही लोग पकड़े जाएंगे।'

उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल किया, 'अखिलेश यादव रात में अगर नेताओं से मिलना छोड़ दें तो ये लोग भी जेल चले जाएंगे। जिस केस में आजम खान और गायत्री प्रजापति जेल में हैं, उसी केस में अखिलेश यादव क्यों बाहर हैं?' यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

केजीएमयू धर्मांतरण मामले पर प्रतिक्रिया

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) धर्मांतरण प्रकरण पर राजभर ने कहा कि अगर लोग ऐसे कामों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अपराधी कहीं से भी निकल सकता है — चाहे गाँव हो, शहर हो या कोई संस्था।'

एस.टी. हसन के राम-जन्मस्थान बयान पर पलटवार

सपा नेता एस.टी. हसन द्वारा भगवान राम के जन्मस्थान पर उठाए गए सवालों पर राजभर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'आरोप लगाने के लिए एस.टी. हसन को ज्ञान होना चाहिए। पूरा देश जान चुका है; अगर वे पढ़े-लिखे नहीं हैं तो उन्हें फिर से पढ़ाई करनी चाहिए।' राजभर का यह बयान सपा-भाजपा के बीच जारी वाक्-युद्ध की ताज़ा कड़ी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार तेज हो रहा है। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म करने वाला माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा गठबंधन की रणनीतिक चाल है — सपा के मुस्लिम-यादव वोट आधार में दरार डालना। आजम खान को अखिलेश की 'विरासत' से जोड़ना और गायत्री प्रजापति का नाम उछालना, यह संदेश है कि जाँच एजेंसियाँ दल नहीं देखतीं। हालाँकि, यह भी विचारणीय है कि ईडी की कार्रवाई का समय और लक्ष्य-चयन सत्ताधारी दल के लिए सदा राजनीतिक आलोचना का विषय रहा है। एस.टी. हसन पर राजभर की भाषा की तीखेपन पर ध्यान देना ज़रूरी है — इस तरह के बयान विमर्श को धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर ले जाने का जोखिम उठाते हैं, जो यूपी की जटिल सामाजिक बुनावट के लिए नाज़ुक है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव को जिम्मेदार क्यों ठहराया?
राजभर का कहना है कि सपा सरकार के कार्यकाल में आजम खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग जैसे काम हुए, जिनकी सजा अब मिल रही है। उनके अनुसार, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समय रहते जमीन विद्यालय के नाम नहीं कराई, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
जौहर यूनिवर्सिटी भूमि विवाद क्या है?
जौहर यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसका निर्माण सरकारी भूमि पर किया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरकारी संपत्ति पर बने भवनों को गिराने का आदेश दिया है, जिसके तहत कार्रवाई जारी है। राजभर ने कहा कि यह न्यायालय के निर्देश पर हो रहा है, इसमें राज्य सरकार की कोई मनमर्जी नहीं है।
सपा नेता एस.टी. हसन के भगवान राम पर दिए बयान पर विवाद क्यों हुआ?
सपा नेता एस.टी. हसन ने भगवान राम के जन्मस्थान पर सवाल उठाने वाली टिप्पणी की, जिसे भाजपा नेताओं ने हिंदू आस्था पर हमला बताया। राजभर ने इसे अज्ञानता करार देते हुए हसन को दोबारा पढ़ाई करने की सलाह दी।
केजीएमयू धर्मांतरण मामला क्या है और राजभर की क्या राय है?
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण गतिविधियों का एक मामला सामने आया है। राजभर ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए, चाहे संलिप्त व्यक्ति किसी भी पृष्ठभूमि का हो।
राजभर के इन बयानों का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजभर के ये बयान भाजपा गठबंधन और सपा के बीच जारी तीखे आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी हैं। आजम खान और अखिलेश यादव को एक ही फ्रेम में रखकर राजभर ने सपा के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ाने की कोशिश की है।
राष्ट्र प्रेस
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