आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार: ओपी राजभर का सपा पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 1 नवंबर 2026 को अंबेडकरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता आजम खान की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्वयं जिम्मेदार हैं, क्योंकि सपा सरकार के कार्यकाल में कथित अनियमितताएँ हुईं।
आजम खान की गिरफ्तारी पर राजभर का बयान
राजभर ने कहा, 'समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनके खिलाफ तमाम काम किए गए थे। इसी की वे सजा पा रहे हैं।' उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस सरकारी ज़मीन पर भवन बनाया गया, उसके वित्तीय लेखे-जोखे की जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की थी। उनके अनुसार, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें ज़मीन विद्यालय के नाम करवा लेनी चाहिए थी।
राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकारी संपत्ति पर बने भवनों को गिराने की कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा, 'इसमें सरकार का क्या दोष है?'
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर और तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, 'आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया होगा। सत्ता में रहने के दौरान अखिलेश यादव और इन लोगों ने जो लूटपाट की है, वही लोग पकड़े जाएंगे।'
उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल किया, 'अखिलेश यादव रात में अगर नेताओं से मिलना छोड़ दें तो ये लोग भी जेल चले जाएंगे। जिस केस में आजम खान और गायत्री प्रजापति जेल में हैं, उसी केस में अखिलेश यादव क्यों बाहर हैं?' यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
केजीएमयू धर्मांतरण मामले पर प्रतिक्रिया
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) धर्मांतरण प्रकरण पर राजभर ने कहा कि अगर लोग ऐसे कामों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अपराधी कहीं से भी निकल सकता है — चाहे गाँव हो, शहर हो या कोई संस्था।'
एस.टी. हसन के राम-जन्मस्थान बयान पर पलटवार
सपा नेता एस.टी. हसन द्वारा भगवान राम के जन्मस्थान पर उठाए गए सवालों पर राजभर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'आरोप लगाने के लिए एस.टी. हसन को ज्ञान होना चाहिए। पूरा देश जान चुका है; अगर वे पढ़े-लिखे नहीं हैं तो उन्हें फिर से पढ़ाई करनी चाहिए।' राजभर का यह बयान सपा-भाजपा के बीच जारी वाक्-युद्ध की ताज़ा कड़ी है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार तेज हो रहा है। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म करने वाला माना जा रहा है।