बरेली में मुठभेड़ के बाद ₹25,000 इनामी गो-तस्कर गिरफ्तार; कानपुर में ड्रोन छापेमारी में 11 किलो गांजा जब्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 1 नवंबर 2026 को एक साथ दो बड़ी कार्रवाइयाँ अंजाम दीं — बरेली के आंवला क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद ₹25,000 के इनामी गो-तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि कानपुर के किदवई नगर इलाके में ड्रोन की मदद से की गई संयुक्त छापेमारी में 11 किलो गांजा बरामद कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। ये दोनों घटनाएँ राज्य में अपराध और नशे के नेटवर्क के खिलाफ जारी पुलिस अभियान का हिस्सा हैं।
बरेली मुठभेड़: कैसे हुई गिरफ्तारी
रविवार सुबह आंवला थाना क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को रुकने का संकेत दिया। पुलिस के बयान के अनुसार, संदिग्ध ने रुकने से इनकार करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू कर गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र के रेवाड़ी खुर्द निवासी छोटा उर्फ रिजवान के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और तीन कारतूस बरामद किए।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
आंवला के सीओ हेमंत उपाध्याय ने बताया कि छोटा उर्फ रिजवान एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित था। 8-9 अगस्त की रात हुई पशु तस्करी की घटना से जुड़े मुकदमे में भी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में गो-तस्करी के मामलों पर पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है और इनामी अपराधियों की सूची के आधार पर नियमित रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं।
कानपुर में ड्रोन से निगरानी, 135 पुलिसकर्मियों का संयुक्त अभियान
कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र स्थित कंजड़नपुरवा में रविवार तड़के लगभग 5 बजे डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के नेतृत्व में बड़ा अभियान चलाया गया। नशे के कारोबार की सूचना के आधार पर किदवई नगर, बाबूपुरवा, जूही और गोविंद नगर — चार थानों की पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। इस अभियान में कुल 135 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और ड्रोन कैमरों की सहायता से संदिग्ध ठिकानों पर नज़र रखते हुए तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी में 11 किलो गांजा जब्त किया गया और अरमान, सागर तथा अंजलि नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्यभर में नशे के तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ तकनीक-आधारित निगरानी को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है। ड्रोन के उपयोग से घनी बस्तियों में छापेमारी की प्रभावशीलता बढ़ी है।