बागपत मुठभेड़: तीन कथित गो-तस्कर गिरफ्तार, तीन तमंचे व जिंदा बैल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 28 जुलाई 2026 को पुलिस और कथित गो-तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी। थाना सिंघावली अहीर पुलिस ने तीनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से तीन तमंचे, छह कारतूस, गोवध उपकरण और एक जिंदा बैल बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
क्षेत्राधिकारी (सीओ) सुकन्या शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि गोवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित कुछ आरोपी गांव रामनगर में मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। जब पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, तो उन्होंने जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
आरोपियों की पहचान
पूछताछ में आरोपियों की पहचान शब्बीर पुत्र सिद्दीक (निवासी थाना सिंघावली अहीर, बागपत), महबूब पुत्र फारूक और नवाजिश पुत्र महबूब (दोनों निवासी थाना सरूरपुर, मेरठ) के रूप में हुई। सीओ शर्मा के अनुसार, तीनों पर ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित था और इनके खिलाफ गोवध व अन्य आपराधिक मामलों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, छह कारतूस, गोवध में इस्तेमाल होने वाले फावड़े सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए। इसके अलावा मौके से एक जिंदा बैल को सकुशल मुक्त कराया गया। दोघट थाने में भी इन आरोपियों के खिलाफ गोवध से संबंधित मामले पंजीकृत होने की बात पुलिस ने कही है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल तीनों आरोपियों का इलाज जारी है। थाना सिंघावली अहीर पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में गोवध निवारण कानून के तहत प्रवर्तन अभियान लगातार तेज किए जा रहे हैं।