डिब्रूगढ़ में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 966 ग्राम गांजा सहित कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, ₹1.44 लाख नकद ज़ब्त
सारांश
मुख्य बातें
असम के डिब्रूगढ़ जिले में 24 अगस्त को पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात आदतन ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया। बरबरुआ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत जोकाई छब्बीस घरिया गांव में देर रात चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा और ₹1,44,270 नकद बरामद किए, जो कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन माना जा रहा है।
ऑपरेशन का नेतृत्व और बरामदगी
यह पूरी कार्रवाई खोवांग के सीडीएसपी अमित रंजन बर्मन के नेतृत्व में की गई। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा के अलावा एक मोबाइल फोन, एक डिजिटल वजन मशीन, जिप-लॉक पैकेजिंग सामग्री और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएँ भी ज़ब्त कीं। ये सामग्री संगठित वितरण नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
आरोपी के नेटवर्क पर असर
पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से आरोपी के पूरे वितरण तंत्र को बड़ा झटका लगा है। ₹1,44,270 नकद की बरामदगी यह दर्शाती है कि आरोपी स्थानीय स्तर पर सक्रिय नशे के कारोबार का हिस्सा था। गौरतलब है कि डिब्रूगढ़ क्षेत्र म्यांमार सीमा से निकटता के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।
मणिपुर में भी सुरक्षा बलों को सफलता
इससे एक दिन पूर्व, 23 अगस्त को असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित संगठन 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (पीएलए) के एक वांछित उग्रवादी को गिरफ्तार किया। रक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, 28 वर्षीय थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन — जो खुद को पीएलए का कैप्टन बताता था — को शनिवार रात थौबल जिले के उशोइपोकपी से पकड़ा गया।
₹4 लाख के इनामी उग्रवादी की गिरफ्तारी
बालिन पर ₹4 लाख का इनाम घोषित था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उसकी तलाश में थी। वह 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर जिले में हुए उस घातक हमले का मुख्य आरोपी बताया जाता है, जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और कई जवानों की मौत हो गई थी। यह ऑपरेशन असम राइफल्स की सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया, जिससे बिष्णुपुर जिले में उग्रवादी की मौजूदगी का पता चला था।
क्या होगा आगे
डिब्रूगढ़ मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके आपूर्ति नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। मणिपुर में गिरफ्तार बालिन को एनआईए को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ये दोनों कार्रवाइयाँ पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता को रेखांकित करती हैं।