24 अगस्त 2026
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डिब्रूगढ़ में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 966 ग्राम गांजा सहित कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, ₹1.44 लाख नकद ज़ब्त

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डिब्रूगढ़ में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 966 ग्राम गांजा सहित कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, ₹1.44 लाख नकद ज़ब्त

सारांश

डिब्रूगढ़ में देर रात के ऑपरेशन में 966 ग्राम गांजा और ₹1.44 लाख नकद के साथ एक कुख्यात तस्कर गिरफ्तार। अगले दिन मणिपुर में असम राइफल्स और पुलिस ने ₹4 लाख इनामी पीएलए उग्रवादी थियाम बोयचा सिंह को दबोचा — जो 2021 के कर्नल त्रिपाठी हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।

मुख्य बातें

डिब्रूगढ़ के जोकाई छब्बीस घरिया गांव में 24 अगस्त को देर रात ऑपरेशन में एक कुख्यात ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार।
आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा और ₹1,44,270 नकद बरामद; मोबाइल, डिजिटल वजन मशीन व पैकेजिंग सामग्री भी ज़ब्त।
ऑपरेशन का नेतृत्व सीडीएसपी अमित रंजन बर्मन ने किया।
23 अगस्त को असम राइफल्स व मणिपुर पुलिस ने ₹4 लाख इनामी पीएलए उग्रवादी थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन को थौबल से गिरफ्तार किया।
बालिन 13 नवंबर 2021 के चुराचांदपुर हमले का मुख्य आरोपी है, जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी और उनके परिजन शहीद हुए थे।
एनआईए बालिन की तलाश में थी; उसे एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना।

असम के डिब्रूगढ़ जिले में 24 अगस्त को पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात आदतन ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया। बरबरुआ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत जोकाई छब्बीस घरिया गांव में देर रात चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा और ₹1,44,270 नकद बरामद किए, जो कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन माना जा रहा है।

ऑपरेशन का नेतृत्व और बरामदगी

यह पूरी कार्रवाई खोवांग के सीडीएसपी अमित रंजन बर्मन के नेतृत्व में की गई। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा के अलावा एक मोबाइल फोन, एक डिजिटल वजन मशीन, जिप-लॉक पैकेजिंग सामग्री और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएँ भी ज़ब्त कीं। ये सामग्री संगठित वितरण नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

आरोपी के नेटवर्क पर असर

पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से आरोपी के पूरे वितरण तंत्र को बड़ा झटका लगा है। ₹1,44,270 नकद की बरामदगी यह दर्शाती है कि आरोपी स्थानीय स्तर पर सक्रिय नशे के कारोबार का हिस्सा था। गौरतलब है कि डिब्रूगढ़ क्षेत्र म्यांमार सीमा से निकटता के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।

मणिपुर में भी सुरक्षा बलों को सफलता

इससे एक दिन पूर्व, 23 अगस्त को असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित संगठन 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (पीएलए) के एक वांछित उग्रवादी को गिरफ्तार किया। रक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, 28 वर्षीय थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन — जो खुद को पीएलए का कैप्टन बताता था — को शनिवार रात थौबल जिले के उशोइपोकपी से पकड़ा गया।

₹4 लाख के इनामी उग्रवादी की गिरफ्तारी

बालिन पर ₹4 लाख का इनाम घोषित था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उसकी तलाश में थी। वह 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर जिले में हुए उस घातक हमले का मुख्य आरोपी बताया जाता है, जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और कई जवानों की मौत हो गई थी। यह ऑपरेशन असम राइफल्स की सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया, जिससे बिष्णुपुर जिले में उग्रवादी की मौजूदगी का पता चला था।

क्या होगा आगे

डिब्रूगढ़ मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके आपूर्ति नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। मणिपुर में गिरफ्तार बालिन को एनआईए को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ये दोनों कार्रवाइयाँ पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता को रेखांकित करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

संगठित वितरण था। मणिपुर में उसी सप्ताह ₹4 लाख इनामी पीएलए उग्रवादी की गिरफ्तारी यह रेखांकित करती है कि उग्रवाद और नशे का कारोबार इस क्षेत्र में अक्सर समानांतर चलते हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ती हैं या केवल निचले स्तर के कड़ियों को हटाती हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिब्रूगढ़ में गिरफ्तार ड्रग्स तस्कर के पास क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के पास से 966 ग्राम संदिग्ध गांजा, ₹1,44,270 नकद, एक मोबाइल फोन, एक डिजिटल वजन मशीन और जिप-लॉक पैकेजिंग सामग्री बरामद की। नकद राशि को कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित माना जा रहा है।
डिब्रूगढ़ ड्रग्स ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
यह ऑपरेशन खोवांग के सीडीएसपी अमित रंजन बर्मन के नेतृत्व में बरबरुआ पुलिस स्टेशन की टीम ने चलाया। कार्रवाई जोकाई छब्बीस घरिया गांव में देर रात की गई।
थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का सदस्य है, जो खुद को कैप्टन बताता था। वह 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर में हुए उस हमले का मुख्य आरोपी है जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी और उनके परिजन मारे गए थे। उस पर ₹4 लाख का इनाम था और एनआईए उसकी तलाश में थी।
मणिपुर में पीएलए उग्रवादी को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बालिन को 23 अगस्त की रात थौबल जिले के उशोइपोकपी से गिरफ्तार किया गया। यह ऑपरेशन बिष्णुपुर जिले में उसकी मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था।
इन गिरफ्तारियों का पूर्वोत्तर की सुरक्षा स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
डिब्रूगढ़ में तस्कर की गिरफ्तारी से उसके स्थानीय वितरण नेटवर्क को झटका लगा है, जबकि मणिपुर में बालिन की गिरफ्तारी एनआईए की जाँच को नई दिशा दे सकती है। हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर में नशे और उग्रवाद की जड़ें गहरी हैं और इन्हें समाप्त करने के लिए निरंतर अभियान जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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