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मणिपुर में 6 उग्रवादी और 4 तस्कर गिरफ्तार, 239 किलो गांजा व भारी हथियार जब्त

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मणिपुर में 6 उग्रवादी और 4 तस्कर गिरफ्तार, 239 किलो गांजा व भारी हथियार जब्त

सारांश

मणिपुर में एक ही दिन में दोहरी कार्रवाई — KCP और UNLF के 6 उग्रवादी जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार, 4 तस्करों से 239 किलो गांजा बरामद, और कांगपोकपी में म्यांमार सीमा के पास INSAS राइफल समेत 24 हथियार जब्त। राज्य में 114 चेकपॉइंट के साथ सुरक्षा अभियान जारी।

मुख्य बातें

6 उग्रवादी प्रतिबंधित KCP और UNLF संगठनों से जुड़े, इंफाल पूर्वी जिले से गिरफ्तार।
उग्रवादी कथित तौर पर ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों और व्यापारियों से जबरन वसूली में शामिल थे।
अलग अभियान में 4 तस्कर गिरफ्तार, 239 किलोग्राम गांजा जब्त।
कांगपोकपी जिले में 1 INSAS राइफल और 24 SBBL बंदूकें सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद।
मणिपुर में घाटी और पहाड़ी जिलों में 114 नाके और चेकपॉइंट सक्रिय।
NH-37 (इंफाल-जिरिबाम) पर आवश्यक वस्तुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए काफिला सुरक्षा जारी।

सुरक्षा बलों ने सोमवार, 6 जुलाई को बताया कि मणिपुर में पिछले 24 घंटों के भीतर दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े 6 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, और एक अलग अभियान में 239 किलोग्राम गांजे के साथ 4 नशीले पदार्थों के तस्करों को भी हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही कांगपोकपी जिले में तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए।

गिरफ्तार उग्रवादी कौन हैं

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 6 उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) से जुड़े थे। इन्हें इंफाल पूर्वी जिले के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया।

अधिकारी ने बताया कि ये उग्रवादी कथित तौर पर ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन वसूली में सक्रिय थे। गौरतलब है कि KCP और UNLF दोनों संगठन भारत सरकार द्वारा वर्षों से प्रतिबंधित हैं और मणिपुर में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

नशा तस्करी पर कार्रवाई

एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले के विभिन्न स्थानों से 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 239 किलोग्राम गांजा जब्त किया। यह जब्ती राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, और नशे की तस्करी राज्य की सुरक्षा के लिए एक समानांतर खतरा बनी हुई है।

हथियार बरामदगी: क्या मिला

भारत-म्यांमार सीमा से लगे कांगपोकपी जिले में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। बरामद शस्त्रागार में शामिल हैं:

एक 5.56 मिमी INSAS राइफल, एक मैगजीन, 24 स्थानीय रूप से निर्मित सिंगल बैरल ब्रीच लोडिंग (SBBL) बंदूकें, तथा भारी मात्रा में गोला-बारूद। म्यांमार सीमा से सटे इस क्षेत्र से हथियारों की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही है।

सुरक्षा व्यवस्था और चेकपॉइंट

केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल मणिपुर भर में उग्रवादी समूहों के खिलाफ व्यापक अभियान जारी रखे हुए हैं। घाटी और पहाड़ी जिलों में 114 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अवैध हथियारों, विस्फोटकों और प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन को रोकना है।

राज्य के प्रमुख आपूर्ति मार्ग इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर काफिले की सुरक्षा के विशेष उपाय लागू हैं।

आगे क्या

गिरफ्तार उग्रवादियों और तस्करों से पूछताछ जारी है। सुरक्षा बलों ने संकेत दिया है कि सीमांत, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

नशा तस्करी पर कार्रवाई और हथियार बरामदगी — तीनों एक साथ — यह दर्शाता है कि मणिपुर में सुरक्षा चुनौती बहुआयामी है और केवल जातीय संघर्ष तक सीमित नहीं। KCP और UNLF द्वारा जबरन वसूली की कथित गतिविधियाँ बताती हैं कि उग्रवादी संगठन अपनी आर्थिक नींव बनाए रखने में अब भी सक्षम हैं। म्यांमार सीमा से हथियारों की निरंतर आवक एक संरचनात्मक समस्या है जिसे केवल स्थानीय गश्त से नहीं सुलझाया जा सकता — इसके लिए द्विपक्षीय सीमा प्रबंधन की ज़रूरत है। 114 चेकपॉइंट और काफिला सुरक्षा राहत देती है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता के लिए राजनीतिक समाधान अनिवार्य है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में गिरफ्तार 6 उग्रवादी किन संगठनों से जुड़े थे?
गिरफ्तार 6 उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) से जुड़े थे। इन्हें इंफाल पूर्वी जिले के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया और ये कथित तौर पर जबरन वसूली में शामिल थे।
मणिपुर में 239 किलो गांजा किस अभियान में जब्त हुआ?
इंफाल पूर्वी जिले में एक अलग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 4 तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 239 किलोग्राम गांजा जब्त किया। यह कार्रवाई उसी 24 घंटे की अवधि में हुई जिसमें उग्रवादियों की गिरफ्तारी हुई।
कांगपोकपी जिले में कौन-से हथियार बरामद हुए?
भारत-म्यांमार सीमा से लगे कांगपोकपी जिले में तलाशी के दौरान एक 5.56 मिमी INSAS राइफल, एक मैगजीन, 24 स्थानीय रूप से निर्मित SBBL बंदूकें और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुए।
मणिपुर में सुरक्षा के लिए कितने चेकपॉइंट लगाए गए हैं?
मणिपुर के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 114 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य अवैध हथियारों, विस्फोटकों और प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन को रोकना है।
NH-37 पर सुरक्षा व्यवस्था क्यों बढ़ाई गई है?
इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) मणिपुर का प्रमुख आपूर्ति मार्ग है, जिस पर आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक चलते हैं। संवेदनशील हिस्सों पर उग्रवादी गतिविधियों के मद्देनज़र सुरक्षा बल काफिला सुरक्षा और कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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