मणिपुर में 6 उग्रवादी और 4 तस्कर गिरफ्तार, 239 किलो गांजा व भारी हथियार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
सुरक्षा बलों ने सोमवार, 6 जुलाई को बताया कि मणिपुर में पिछले 24 घंटों के भीतर दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े 6 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, और एक अलग अभियान में 239 किलोग्राम गांजे के साथ 4 नशीले पदार्थों के तस्करों को भी हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही कांगपोकपी जिले में तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए।
गिरफ्तार उग्रवादी कौन हैं
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 6 उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) से जुड़े थे। इन्हें इंफाल पूर्वी जिले के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि ये उग्रवादी कथित तौर पर ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन वसूली में सक्रिय थे। गौरतलब है कि KCP और UNLF दोनों संगठन भारत सरकार द्वारा वर्षों से प्रतिबंधित हैं और मणिपुर में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
नशा तस्करी पर कार्रवाई
एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले के विभिन्न स्थानों से 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 239 किलोग्राम गांजा जब्त किया। यह जब्ती राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, और नशे की तस्करी राज्य की सुरक्षा के लिए एक समानांतर खतरा बनी हुई है।
हथियार बरामदगी: क्या मिला
भारत-म्यांमार सीमा से लगे कांगपोकपी जिले में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। बरामद शस्त्रागार में शामिल हैं:
एक 5.56 मिमी INSAS राइफल, एक मैगजीन, 24 स्थानीय रूप से निर्मित सिंगल बैरल ब्रीच लोडिंग (SBBL) बंदूकें, तथा भारी मात्रा में गोला-बारूद। म्यांमार सीमा से सटे इस क्षेत्र से हथियारों की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और चेकपॉइंट
केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल मणिपुर भर में उग्रवादी समूहों के खिलाफ व्यापक अभियान जारी रखे हुए हैं। घाटी और पहाड़ी जिलों में 114 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अवैध हथियारों, विस्फोटकों और प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन को रोकना है।
राज्य के प्रमुख आपूर्ति मार्ग इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर काफिले की सुरक्षा के विशेष उपाय लागू हैं।
आगे क्या
गिरफ्तार उग्रवादियों और तस्करों से पूछताछ जारी है। सुरक्षा बलों ने संकेत दिया है कि सीमांत, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।