मणिपुर: सुरक्षा बलों ने चार विद्रोहियों को गिरफ्तार किया, कार्रवाई जारी
सारांश
Key Takeaways
- चार विद्रोही गिरफ्तार किए गए हैं।
- गिरफ्तारी तेंगनौपाल जिले में हुई।
- विद्रोहियों का संबंध प्रतिबंधित संगठनों से है।
- सुरक्षा बलों ने 117 चेकपॉइंट्स स्थापित किए हैं।
- सोशल मीडिया पर अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
इंफाल, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले से घाटी के चार खतरनाक विद्रोहियों को गिरफ्तार किया है। इस जिले की सीमा म्यांमार से बिना बाड़ के जुड़ी हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये चार उग्रवादी टेंग्नौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन के तहत यांगौबुंग गांव से पकड़े गए हैं। ये सभी विद्रोही नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, और कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी से संबंधित हैं, जो देश में प्रतिबंधित संगठन माने जाते हैं।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान की गई है: 25 वर्षीय केइशम सुमंता मेइतेई, जो इंफाल पश्चिम जिले का रहने वाला है; 32 वर्षीय अंगोम सोमोरजीत सिंह उर्फ नोंगसाबा, काकचिंग जिले का निवासी; 26 वर्षीय युमनाम नाओबा सिंह उर्फ शिनसंगम्बा, जो इंफाल ईस्ट जिले से है; और 25 वर्षीय खुंद्रकपम श्यामसन मेइतेई उर्फ मंगनलेइबा, थौबल जिले का निवासी।
अधिकारियों के अनुसार, ये सभी लोग व्यापारियों, ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों, और आम नागरिकों का अपहरण करने तथा जबरन पैसे वसूलने की गतिविधियों में संलग्न थे।
केंद्र और राज्य की एजेंसियों ने मिलिटेंट समूहों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया है। कई जिलों में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन ड्राइव चलाए जा रहे हैं। मणिपुर के घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में कुल 117 चेकपॉइंट्स स्थापित किए गए हैं ताकि एंटी-सोशल तत्वों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
इसके अतिरिक्त, सुरक्षा बल इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर आवश्यक सामान ले जाने वाली गाड़ियों को एस्कॉर्ट प्रदान कर रहे हैं। गाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और फेक वीडियो से सावधान रहें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना सत्यापित कंटेंट को अपलोड करने या प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि लूटे गए हथियार, गोला-बारूद या विस्फोटक सामग्री को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा बलों को सौंप दें।