मणिपुर में असम राइफल्स का बड़ा ऑपरेशन: हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने 20 अप्रैल को खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के कामजोंग जिले में एक महत्वपूर्ण सर्च ऑपरेशन का आयोजन किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य भारत-म्यांमार सीमा के निकट छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों का पता लगाना था। जानकारी मिली थी कि इन वस्तुओं को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही थी।
यह कार्रवाई 11 और 12 अप्रैल 2026 की रात के बीच की गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने मेटल डिटेक्टर और एक विशेष प्रशिक्षित कुत्ते का सहारा लिया। इस दौरान एक संदिग्ध स्थान की पहचान की गई, जहां जमीन के नीचे छिपे हुए हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। इसमें विभिन्न प्रकार के हथियार, गोलियां, विस्फोटक और अन्य सैन्य सामग्री शामिल थी। बरामद सभी सामान को आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
इसके बाद, असम राइफल्स ने राज्य पुलिस कमांडो और टेरिटोरियल आर्मी के साथ मिलकर एक और संयुक्त कार्रवाई की। यह ऑपरेशन 16 से 19 अप्रैल 2026 के बीच थौबल, तेंगनौपाल और काकचिंग जिलों में किया गया। इस दौरान तीन उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का संबंध प्रतिबंधित संगठनों प्रीपैक (प्रो) और केवाईकेएल (सोरेपा) से बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि इन लोगों ने म्यांमार में प्रशिक्षण लिया था। उनके पास से मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई। गिरफ्तार व्यक्तियों को उनके सामान के साथ पुलिस के हवाले कर दिया गया, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस बीच, मिजोरम में भी एक अलग कार्रवाई की गई। असम राइफल्स ने कस्टम विभाग, आइजोल के साथ मिलकर जेमाबावक इलाके में एक संयुक्त ऑपरेशन किया। इस दौरान विदेशी सिगरेट की बड़ी खेप पकड़ी गई।
कुल 99 केस विदेशी सिगरेट जब्त किए गए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 2.37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री और आरोपी को आगे की जांच के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है।