मणिपुर में 50 किलो अफीम और हथियारों का जखीरा बरामद, प्रेपाक उग्रवादी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 14 जुलाई 2026 को अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध अफीम बरामद की, जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत ₹3 करोड़ से अधिक आँकी गई है। इसके साथ ही प्रतिबंधित संगठन पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (प्रेपाक) के एक सक्रिय उग्रवादी को भी हिरासत में लिया गया है।
चुराचांदपुर में हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मणिपुर पुलिस और 19 गढ़वाल राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर जिले के के. थेनजांग गाँव के जंगली इलाके में तलाशी अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक और युद्ध सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। यह क्षेत्र म्यांमार और मिजोरम की सीमाओं से सटा हुआ है, जो इसे तस्करी के लिहाज से संवेदनशील बनाता है।
अधिकारी ने बताया कि बरामद सामग्री में आधुनिक हथियार भी शामिल हैं और इनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस इलाके में इस तरह की बरामदगी यह संकेत देती है कि सीमा पार से हथियारों की आपूर्ति का सिलसिला अभी थमा नहीं है।
प्रेपाक उग्रवादी गिरफ्तार, 8 हैंड ग्रेनेड बरामद
एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने इम्फाल ईस्ट जिले के योराबुंग पंथोइबी लीकाई इलाके से प्रेपाक के एक सक्रिय उग्रवादी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इम्फाल ईस्ट जिले के निवासी निंगोमबम अमूथोई मेइतेई (30 वर्ष) के रूप में हुई है।
उसके कब्जे से आठ शक्तिशाली हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए। प्रेपाक भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन है और मणिपुर में लंबे समय से सक्रिय रहा है।
इम्फाल-दीमापुर हाईवे पर ₹3 करोड़ की अफीम जब्त
मणिपुर पुलिस ने इम्फाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर हेंगबुंग बैपटिस्ट चर्च के पास खड़ी एक लावारिस कार से 49 पैकेट संदिग्ध अफीम बरामद की, जिनका कुल वजन लगभग 50 किलोग्राम था।
पुलिस के अनुसार, यह गाड़ी पहले सेनापति जिले के टी. खुलेन नाका चेकिंग पॉइंट से बचकर तेज़ रफ्तार में भाग निकली थी। लावारिस वाहन से उखरुल जिले के निवासी जेड. रीथिंगम (52 वर्ष) के दस्तावेज़ बरामद हुए और मामले की जाँच जारी है।
शुरुआती जाँच के अनुसार, यह अवैध खेप म्यांमार से आई थी। गौरतलब है कि मणिपुर की म्यांमार के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। म्यांमार दुनिया के प्रमुख अफीम उत्पादक देशों में से एक है, विशेष रूप से उसके काचिन और शान राज्य।
व्यापक सुरक्षा अभियान जारी
केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं। राज्यभर में घाटी और पहाड़ी — दोनों जिलों में कुल 111 नाके/चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान की जा रही है।
यह ताज़ा कार्रवाई पिछले कई महीनों से चल रहे म्यांमार से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध सिलसिलेवार अभियान की एक कड़ी है।
पुलिस की अपील
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर भरोसा न करें तथा सोशल मीडिया पर फैल रहे फ़र्ज़ी वीडियो और भ्रामक सामग्री से सावधान रहें। आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज़ होने की संभावना है।