14 जुलाई 2026
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मणिपुर में 50 किलो अफीम और हथियारों का जखीरा बरामद, प्रेपाक उग्रवादी गिरफ्तार

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मणिपुर में 50 किलो अफीम और हथियारों का जखीरा बरामद, प्रेपाक उग्रवादी गिरफ्तार

सारांश

मणिपुर में 14 जुलाई को सुरक्षा बलों की तिहरी कार्रवाई — चुराचांदपुर में हथियारों का जखीरा, इम्फाल ईस्ट में प्रेपाक उग्रवादी की गिरफ्तारी और हाईवे पर ₹3 करोड़ से अधिक की 50 किलो अफीम की बरामदगी। खेप म्यांमार से आई बताई जा रही है।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस और 19 गढ़वाल राइफल्स ने 14 जुलाई 2026 को चुराचांदपुर जिले के के.
थेनजांग गाँव के जंगल में हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया।
प्रतिबंधित संगठन प्रेपाक के उग्रवादी निंगोमबम अमूथोई मेइतेई (30) को इम्फाल ईस्ट से गिरफ्तार किया गया; उसके पास से 8 हैंड ग्रेनेड बरामद।
इम्फाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर लावारिस कार से 49 पैकेट , लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध अफीम जब्त; अवैध बाज़ार में कीमत ₹3 करोड़ से अधिक ।
शुरुआती जाँच के अनुसार अफीम की खेप म्यांमार से आई; मणिपुर की म्यांमार के साथ लगभग 400 किलोमीटर बिना बाड़ वाली सीमा है।
राज्य में 111 नाके/चेकपोस्ट सक्रिय; एनएच-37 पर वाहनों को एस्कॉर्ट जारी।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 14 जुलाई 2026 को अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध अफीम बरामद की, जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत ₹3 करोड़ से अधिक आँकी गई है। इसके साथ ही प्रतिबंधित संगठन पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (प्रेपाक) के एक सक्रिय उग्रवादी को भी हिरासत में लिया गया है।

चुराचांदपुर में हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मणिपुर पुलिस और 19 गढ़वाल राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर जिले के के. थेनजांग गाँव के जंगली इलाके में तलाशी अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक और युद्ध सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। यह क्षेत्र म्यांमार और मिजोरम की सीमाओं से सटा हुआ है, जो इसे तस्करी के लिहाज से संवेदनशील बनाता है।

अधिकारी ने बताया कि बरामद सामग्री में आधुनिक हथियार भी शामिल हैं और इनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस इलाके में इस तरह की बरामदगी यह संकेत देती है कि सीमा पार से हथियारों की आपूर्ति का सिलसिला अभी थमा नहीं है।

प्रेपाक उग्रवादी गिरफ्तार, 8 हैंड ग्रेनेड बरामद

एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने इम्फाल ईस्ट जिले के योराबुंग पंथोइबी लीकाई इलाके से प्रेपाक के एक सक्रिय उग्रवादी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इम्फाल ईस्ट जिले के निवासी निंगोमबम अमूथोई मेइतेई (30 वर्ष) के रूप में हुई है।

उसके कब्जे से आठ शक्तिशाली हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए। प्रेपाक भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन है और मणिपुर में लंबे समय से सक्रिय रहा है।

इम्फाल-दीमापुर हाईवे पर ₹3 करोड़ की अफीम जब्त

मणिपुर पुलिस ने इम्फाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर हेंगबुंग बैपटिस्ट चर्च के पास खड़ी एक लावारिस कार से 49 पैकेट संदिग्ध अफीम बरामद की, जिनका कुल वजन लगभग 50 किलोग्राम था।

पुलिस के अनुसार, यह गाड़ी पहले सेनापति जिले के टी. खुलेन नाका चेकिंग पॉइंट से बचकर तेज़ रफ्तार में भाग निकली थी। लावारिस वाहन से उखरुल जिले के निवासी जेड. रीथिंगम (52 वर्ष) के दस्तावेज़ बरामद हुए और मामले की जाँच जारी है।

शुरुआती जाँच के अनुसार, यह अवैध खेप म्यांमार से आई थी। गौरतलब है कि मणिपुर की म्यांमार के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। म्यांमार दुनिया के प्रमुख अफीम उत्पादक देशों में से एक है, विशेष रूप से उसके काचिन और शान राज्य

व्यापक सुरक्षा अभियान जारी

केंद्र और राज्य के सुरक्षा बल मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं। राज्यभर में घाटी और पहाड़ी — दोनों जिलों में कुल 111 नाके/चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान की जा रही है।

यह ताज़ा कार्रवाई पिछले कई महीनों से चल रहे म्यांमार से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध सिलसिलेवार अभियान की एक कड़ी है।

पुलिस की अपील

मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर भरोसा न करें तथा सोशल मीडिया पर फैल रहे फ़र्ज़ी वीडियो और भ्रामक सामग्री से सावधान रहें। आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बरामदगी यह सवाल उठाती है कि जो पकड़ा गया वह असल तस्करी का कितना छोटा हिस्सा है। जब तक सीमा प्रबंधन और म्यांमार के साथ खुफिया सहयोग में ठोस सुधार नहीं होता, ये कार्रवाइयाँ नेटवर्क को तोड़ने के बजाय केवल सतह को खरोंचती रहेंगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 14 जुलाई को क्या बरामद हुआ?
14 जुलाई 2026 को मणिपुर में सुरक्षा बलों ने तीन अलग अभियानों में चुराचांदपुर जिले से हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा, इम्फाल ईस्ट से प्रेपाक उग्रवादी और इम्फाल-दीमापुर हाईवे पर एक लावारिस कार से लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध अफीम बरामद की। अफीम की कीमत अवैध बाज़ार में ₹3 करोड़ से अधिक आँकी गई है।
गिरफ्तार उग्रवादी कौन है और उस पर क्या आरोप है?
गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान इम्फाल ईस्ट जिले के निवासी निंगोमबम अमूथोई मेइतेई (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित संगठन प्रेपाक का सदस्य बताया जा रहा है। उसके पास से आठ शक्तिशाली हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।
मणिपुर में अफीम की तस्करी म्यांमार से कैसे होती है?
मणिपुर की म्यांमार के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है, जो तस्करों के लिए आसान रास्ता बनती है। म्यांमार के काचिन और शान राज्य दुनिया के प्रमुख अफीम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं और शुरुआती जाँच के अनुसार यह खेप वहीं से आई थी।
मणिपुर में सुरक्षा बलों की तैनाती की क्या स्थिति है?
राज्यभर में घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 111 नाके और चेकपोस्ट सक्रिय हैं। इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट दी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में 'एरिया डोमिनेशन' गश्त जारी है।
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से क्या अपील की है?
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अफवाहों और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रहे फ़र्ज़ी वीडियो और भ्रामक सामग्री से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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