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मणिपुर में 13 उग्रवादी गिरफ्तार: PLA, UPPK समेत कई संगठनों के सदस्य, भारी हथियार जखीरा बरामद

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मणिपुर में 13 उग्रवादी गिरफ्तार: PLA, UPPK समेत कई संगठनों के सदस्य, भारी हथियार जखीरा बरामद

सारांश

मणिपुर में 24 घंटों के भीतर पाँच जिलों में समन्वित संयुक्त अभियान — 13 उग्रवादी गिरफ्तार, PLA से UPPK तक कई प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य पकड़े गए। म्यांमार सीमा से सटे चंदेल से भारी हथियार जखीरा बरामद; तापहोउ में CRPF जवान घायल, दो घरों में आगजनी के बाद NH-2 जाम।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और केंद्रीय बलों ने 26 अगस्त 2026 को 24 घंटों में 13 उग्रवादी गिरफ्तार किए।
गिरफ्तार उग्रवादी PLA , RPF , UPPK और पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक सहित कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं; UPPK के 6 सदस्य शामिल।
बरामदगी में विदेशी MP-09 राइफल , 7 पिस्तौलें , 14 12-बोर बंदूकें , 2 लैंड माइन , 2 हैंड ग्रेनेड , 1 मोर्टार बम और बड़ी मात्रा में कारतूस शामिल।
सेनापति जिले के तापहोउ गांव में 3 अवैध बंकर ध्वस्त; CRPF का एक जवान गोलीबारी में घायल।
तापहोउ में 2 घरों में आगजनी के बाद नेशनल हाईवे-2 पर जाम; नागा-कुकी तनाव के बीच स्थिति संवेदनशील।
म्यांमार से सटी चंदेल की खुली सीमा हथियार तस्करी का प्रमुख मार्ग बनी हुई है।

मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने 26 अगस्त 2026 को राज्य के पाँच जिलों में समन्वित संयुक्त अभियान चलाकर पिछले 24 घंटों में 13 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं और इनके पास से हथियारों तथा गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, बिष्णुपुर, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, चंदेल और काकचिंग जिलों में एक साथ चलाए गए इन अभियानों में 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इनमें यूनाइटेड पीपल्स पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (UPPK) के छह सदस्य शामिल हैं।

गिरफ्तार उग्रवादी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसके राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (RPF), सोशलिस्ट रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक, UPPK तथा पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक से जुड़े बताए जा रहे हैं।

बरामद हथियारों का जखीरा

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से जो हथियार और गोला-बारूद मिले हैं, वे इस प्रकार हैं: एक विदेशी निर्मित MP-09 राइफल, एक मैगज़ीन सहित CMG, एक मैगज़ीन सहित मॉडिफाइड .303 राइफल, एक मैगज़ीन सहित एक अन्य राइफल, सात पिस्तौलें (विभिन्न कैलिबर), आठ सिंगल-बैरल बंदूकें, 14 12-बोर बंदूकें, एक डबल-बैरल बंदूक, एक पॉम्पी गन, एक रॉकेट, दो हैंड ग्रेनेड, एक मोर्टार बम, दो लैंड माइन, एक इम्प्रोवाइज्ड फ्रैगमेंटेशन माइन, चार डेटोनेटर और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस।

इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज, गुप्त कागज़ात, चंदे की रसीदें, कुछ कारें और कई दोपहिया वाहन भी ज़ब्त किए गए हैं। चंदेल जिले की म्यांमार से लगती खुली सीमा को देखते हुए इस क्षेत्र से हथियारों की बरामदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तापहोउ गांव में नई हिंसा और विरोध-प्रदर्शन

सुरक्षा बलों ने सेनापति जिले के तापहोउ कुकी और तापहोउ लियांगमाई गांवों में अवैध रूप से बनाए गए तीन बंकर भी ध्वस्त कर दिए। इसी क्षेत्र में सोमवार को दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में CRPF का एक जवान घायल हो गया।

गोलीबारी के बाद उसी गांव में कम से कम दो घरों में आग लगाए जाने की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे-2 पर जाम लग गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच तापहोउ क्षेत्र में यह नई हिंसा चिंताजनक है।

सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और मणिपुर पुलिस की टुकड़ियाँ राज्य के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हुए हैं। सुरक्षा बल रणनीतिक दृष्टि से अहम इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे पर ज़रूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को सुरक्षा कवर भी मुहैया करा रहे हैं।

गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियों के बीच इस तरह के संयुक्त अभियान पिछले कई महीनों से लगातार जारी हैं। म्यांमार से सटी खुली सीमा के ज़रिए हथियारों की तस्करी इस क्षेत्र की एक बड़ी सुरक्षा चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर नीति-निर्माता वर्षों से बहस करते आए हैं। तापहोउ में नागा-कुकी तनाव के बीच आगजनी और CRPF जवान का घायल होना यह संकेत देता है कि जातीय संघर्ष और संगठित उग्रवाद के बीच की रेखा तेज़ी से धुंधली हो रही है — और इसे केवल गिरफ्तारियों से नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद से भी सुलझाना होगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में गिरफ्तार 13 उग्रवादी किन संगठनों से जुड़े हैं?
गिरफ्तार उग्रवादी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (RPF), सोशलिस्ट रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (UPPK) और पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक से जुड़े हैं — ये सभी प्रतिबंधित संगठन हैं। इनमें UPPK के छह सदस्य शामिल हैं।
मणिपुर में बरामद हथियारों में क्या-क्या शामिल था?
बरामद जखीरे में विदेशी निर्मित MP-09 राइफल, CMG, मॉडिफाइड .303 राइफल, सात पिस्तौलें, आठ सिंगल-बैरल बंदूकें, 14 12-बोर बंदूकें, एक रॉकेट, दो हैंड ग्रेनेड, एक मोर्टार बम, दो लैंड माइन, एक इम्प्रोवाइज्ड फ्रैगमेंटेशन माइन, चार डेटोनेटर और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस शामिल थे। इसके अलावा गाड़ियाँ, चंदे की रसीदें और गुप्त दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए गए।
तापहोउ गांव में क्या हुआ और NH-2 क्यों जाम हुआ?
सेनापति जिले के तापहोउ गांव में सोमवार को दो गुटों के बीच गोलीबारी में CRPF का एक जवान घायल हो गया। इसके बाद उसी गांव में कम से कम दो घरों में आग लगाई गई, जिससे स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे-2 पर जाम लग गया।
चंदेल जिले से हथियार बरामदगी क्यों अहम है?
चंदेल जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और वहाँ कोई बाड़ नहीं है, जिससे यह क्षेत्र हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। इस खुली सीमा के ज़रिए प्रतिबंधित संगठनों तक हथियार पहुँचना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
मणिपुर में उग्रवाद-विरोधी अभियान की मौजूदा स्थिति क्या है?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और मणिपुर पुलिस के संयुक्त दल राज्य के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर बड़े पैमाने पर अभियान जारी रखे हुए हैं। सुरक्षा बल इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे पर आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों को भी सुरक्षा कवर दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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