14 अगस्त 2026
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मणिपुर में 13 उग्रवादी गिरफ्तार, 2,300 कारतूस सहित भारी हथियार जखीरा बरामद

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मणिपुर में 13 उग्रवादी गिरफ्तार, 2,300 कारतूस सहित भारी हथियार जखीरा बरामद

सारांश

मणिपुर में 24 घंटे के भीतर छह जिलों से 13 उग्रवादी गिरफ्तार — इनमें केसीपी, पीएलए, यूएनएलएफ जैसे प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य शामिल। 2,300 कारतूस, हैंड ग्रेनेड और मशीन गन समेत भारी हथियार जखीरा बरामद। 111 नाके सक्रिय, एनएच-37 पर सशस्त्र सुरक्षा जारी।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस , केंद्रीय सुरक्षाबलों और असम राइफल्स ने 14 अगस्त 2026 को संयुक्त अभियान में 13 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारियाँ काकचिंग, बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, थौबल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी — छह जिलों में हुईं।
बरामद हथियारों में 2,300 जिंदा कारतूस , 6 हैंड ग्रेनेड , 1 लाइट मशीन गन , 4 पिस्तौल और 4 वॉकी-टॉकी सेट शामिल।
गिरफ्तार उग्रवादी केसीपी, पीएलए/आरपीएफ, यूएनएलएफ सहित सात प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े।
घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में 111 नाके और चौकियाँ स्थापित; एनएच-37 पर सशस्त्र सुरक्षा जारी।

मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबलों और असम राइफल्स ने 14 अगस्त 2026 को एक संयुक्त अभियान के तहत राज्य के छह जिलों से 13 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार यह पूरी कार्रवाई पिछले 24 घंटों के भीतर अंजाम दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तारियाँ काकचिंग, बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, थौबल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में की गईं। गिरफ्तार उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े बताए गए हैं, जिनमें कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसका राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (आरपीएफ), कांगलेई यावोल कन्ना लुप, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ), पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक और यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी शामिल हैं।

गिरफ्तार लोगों में खुद को लेफ्टिनेंट बताने वाला फुंड्रेइमायुम इबुंगो (41) — जिसे अब्दुल कलाम या अचूम्बा के नाम से भी जाना जाता है — और आरपीएफ/पीएलए का खुद को लांस कॉर्पोरल बताने वाला वाहेन्गबाम अपोइचा मेइतेई (45) — जिसे माइकल के नाम से भी पहचाना जाता है — प्रमुख रूप से शामिल हैं।

बरामद हथियारों का विवरण

काकचिंग, इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में तीन अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान बरामद हथियारों और गोला-बारूद में शामिल हैं: चार पिस्तौल, एक .303 लाइट मशीन गन, तीन राइफल, मैगजीन सहित दो .22 राइफल (एक में टेलीस्कोप), नौ सिंगल-बैरल बंदूकें, दो 12-बोर डबल-बैरल बंदूकें, तेरह 12-बोर सिंगल-बैरल बंदूकें, डेटोनेटर सहित छह हैंड ग्रेनेड, तीन एंटी-रायट ग्रेनेड, रबर की गोलियाँ, आँसू गैस के गोले, 30 मैगजीन, विभिन्न कैलिबर के 2,300 जिंदा कारतूस, 157 खाली खोखे, तीन वायरलेस सेट, चार वॉकी-टॉकी सेट और छह वॉकी-टॉकी चार्जर

उग्रवादियों की आपराधिक गतिविधियाँ

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी हमले, अपहरण, जबरन वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। उनके पास से सब्सक्रिप्शन रसीदें, प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई।

सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कार्रवाई

घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के लिए 111 नाके और चौकियाँ स्थापित की गई हैं। सुरक्षाबल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले वाहनों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवाद-विरोधी अभियानों की तीव्रता लगातार बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

300 कारतूस और हैंड ग्रेनेड जैसे भारी हथियारों की बरामदगी यह सवाल उठाती है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार राज्य में कैसे पहुँचे। जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में एनएच-37 पर सशस्त्र काफिला सुरक्षा और 111 नाकों की तैनाती यह दर्शाती है कि सामान्य जनजीवन अभी भी बाधित है। सुरक्षा अभियानों की सफलता के बावजूद दीर्घकालिक शांति के लिए राजनीतिक समाधान की माँग और तेज होगी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 13 उग्रवादियों की गिरफ्तारी कब और कहाँ हुई?
यह गिरफ्तारी 14 अगस्त 2026 को पिछले 24 घंटों के दौरान मणिपुर के काकचिंग, बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, थौबल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में हुई। मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबलों और असम राइफल्स ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया।
गिरफ्तार उग्रवादी किन प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं?
गिरफ्तार 13 उग्रवादी कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (आरपीएफ), कांगलेई यावोल कन्ना लुप, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ), पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक और यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी से जुड़े हैं। ये सभी भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन हैं।
बरामद हथियारों और गोला-बारूद में क्या-क्या शामिल था?
बरामदगी में चार पिस्तौल, एक .303 लाइट मशीन गन, तीन राइफल, छह हैंड ग्रेनेड, तीन एंटी-रायट ग्रेनेड, 2,300 जिंदा कारतूस, 30 मैगजीन, चार वॉकी-टॉकी सेट और आँसू गैस के गोले शामिल थे। इसके अलावा प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड और सब्सक्रिप्शन रसीदें भी जब्त की गईं।
इन उग्रवादियों पर कौन-से आरोप हैं?
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी हमले, अपहरण, जबरन वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। कई के खिलाफ संगठित आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के साक्ष्य भी मिले हैं।
मणिपुर में अभी सुरक्षा की क्या स्थिति है?
घाटी और पहाड़ी जिलों में 111 नाके और चौकियाँ सक्रिय हैं और इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं के काफिलों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सुरक्षाबल संदिग्ध वाहनों और उग्रवादियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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