मणिपुर में 13 उग्रवादी गिरफ्तार, 2,300 कारतूस सहित भारी हथियार जखीरा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबलों और असम राइफल्स ने 14 अगस्त 2026 को एक संयुक्त अभियान के तहत राज्य के छह जिलों से 13 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार यह पूरी कार्रवाई पिछले 24 घंटों के भीतर अंजाम दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तारियाँ काकचिंग, बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, थौबल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में की गईं। गिरफ्तार उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े बताए गए हैं, जिनमें कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसका राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (आरपीएफ), कांगलेई यावोल कन्ना लुप, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ), पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक और यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी शामिल हैं।
गिरफ्तार लोगों में खुद को लेफ्टिनेंट बताने वाला फुंड्रेइमायुम इबुंगो (41) — जिसे अब्दुल कलाम या अचूम्बा के नाम से भी जाना जाता है — और आरपीएफ/पीएलए का खुद को लांस कॉर्पोरल बताने वाला वाहेन्गबाम अपोइचा मेइतेई (45) — जिसे माइकल के नाम से भी पहचाना जाता है — प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बरामद हथियारों का विवरण
काकचिंग, इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में तीन अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान बरामद हथियारों और गोला-बारूद में शामिल हैं: चार पिस्तौल, एक .303 लाइट मशीन गन, तीन राइफल, मैगजीन सहित दो .22 राइफल (एक में टेलीस्कोप), नौ सिंगल-बैरल बंदूकें, दो 12-बोर डबल-बैरल बंदूकें, तेरह 12-बोर सिंगल-बैरल बंदूकें, डेटोनेटर सहित छह हैंड ग्रेनेड, तीन एंटी-रायट ग्रेनेड, रबर की गोलियाँ, आँसू गैस के गोले, 30 मैगजीन, विभिन्न कैलिबर के 2,300 जिंदा कारतूस, 157 खाली खोखे, तीन वायरलेस सेट, चार वॉकी-टॉकी सेट और छह वॉकी-टॉकी चार्जर।
उग्रवादियों की आपराधिक गतिविधियाँ
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी हमले, अपहरण, जबरन वसूली और प्रतिबंधित संगठनों में युवाओं की भर्ती जैसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। उनके पास से सब्सक्रिप्शन रसीदें, प्रतिबंधित संगठनों के लेटरहेड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के लिए 111 नाके और चौकियाँ स्थापित की गई हैं। सुरक्षाबल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले वाहनों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवाद-विरोधी अभियानों की तीव्रता लगातार बनी हुई है।