26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा में भूमि रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी: तहसीलदार सस्पेंड, सभी जिलों में कड़ी निगरानी के आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा में भूमि रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी: तहसीलदार सस्पेंड, सभी जिलों में कड़ी निगरानी के आदेश

सारांश

ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में भूमि रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने तहसीलदार को तत्काल निलंबित किया और सभी जिलों में कड़ी निगरानी के आदेश जारी किए। यह मामला सरकारी तंत्र में पारदर्शिता की बड़ी चुनौती को उजागर करता है।

मुख्य बातें

ओडिशा राजस्व विभाग ने 26 अगस्त 2025 को सभी जिला कलेक्टरों को भूमि रजिस्ट्रेशन कार्यालयों की कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए।
नुआपाड़ा जिले की कोमना तहसील में धोखाधड़ी उजागर होने पर तहसीलदार एवं सब-रजिस्ट्रार सर्वेश्वर जल को तत्काल निलंबित किया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अधिकारी ने कथित तौर पर निजी स्वार्थी समूहों के साथ मिलकर जमीन का धोखाधड़ीपूर्ण रजिस्ट्रेशन कराया।
सभी जिलों में ADM और जिला रजिस्ट्रार को नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण का आदेश दिया गया।
विभाग ने कहा कि तकनीक के अधिकतम उपयोग से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना राज्य की प्राथमिकता है।

ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने 27 अगस्त 2025 को राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के भूमि रजिस्ट्रेशन कार्यालयों की नियमित और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करें। यह कदम नुआपाड़ा जिले में जमीन रजिस्ट्रेशन से जुड़े एक गंभीर धोखाधड़ी मामले के उजागर होने के बाद उठाया गया है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरबिंद कुमार पाधी ने सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गए एक संदेश में बताया कि नुआपाड़ा जिले की कोमना तहसील में भूमि रजिस्ट्रेशन से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला विभाग के संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, कोमना तहसील में तहसीलदार और सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत सर्वेश्वर जल ने कथित तौर पर अपने निजी स्वार्थ से जुड़े समूहों के साथ मिलकर जमीन के एक बड़े हिस्से का धोखाधड़ी से रजिस्ट्रेशन करवाया।

नुआपाड़ा के जिला कलेक्टर मधुसूदन डैश से मामले की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने सर्वेश्वर जल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

विभाग ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके जिलों के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और जिला रजिस्ट्रार रजिस्ट्रेशन गतिविधियों पर नियमित रूप से नज़र रखें। इसके अतिरिक्त, कलेक्टरों को रजिस्ट्रेशन कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी अनियमितता को समय रहते पकड़ा और रोका जा सके।

विभाग ने यह भी कहा कि ऐसी अनियमितताओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पारदर्शिता पर ज़ोर

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और कानूनसम्मत बनाना उसकी प्राथमिकता है। विभाग ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग करके रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण पर ज़ोर दिया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अनियमितताएँ अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।

आम जनता पर असर

भूमि रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी के ऐसे मामले सीधे आम नागरिकों को प्रभावित करते हैं, विशेषकर उन किसानों और छोटे भूस्वामियों को जो अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज़ीकरण के लिए सरकारी तंत्र पर निर्भर हैं। गौरतलब है कि ओडिशा जैसे राज्य में जहाँ कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के पास है, वहाँ ऐसी धोखाधड़ी के सामाजिक और आर्थिक परिणाम और भी गहरे हो सकते हैं।

क्या होगा आगे

निलंबित तहसीलदार सर्वेश्वर जल के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक मामले की संभावना भी बताई जा रही है। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों में ADM और जिला रजिस्ट्रार स्तर पर नियमित निगरानी तंत्र को तत्काल सक्रिय किया जाएगा। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राज्य अन्य जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की व्यापक समीक्षा करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और डिजिटलीकरण के बावजूद ज़मीनी स्तर पर मिलीभगत की गुंजाइश बनी रहती है। असली सवाल यह है कि क्या औचक निरीक्षण और ADM-स्तरीय निगरानी जैसे प्रशासनिक उपाय उस संरचनात्मक खामी को दूर कर सकते हैं, जो एक तहसीलदार को एकसाथ रजिस्ट्रार और तहसीलदार दोनों की शक्तियाँ देती है। जब तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में चेक-एंड-बैलेंस तंत्र को संस्थागत रूप नहीं दिया जाता, तब तक ऐसे निर्देश केवल प्रतिक्रियात्मक रहेंगे — निवारक नहीं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा के नुआपाड़ा में भूमि रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी का मामला क्या है?
नुआपाड़ा जिले की कोमना तहसील में तहसीलदार एवं सब-रजिस्ट्रार सर्वेश्वर जल ने कथित तौर पर निजी स्वार्थी समूहों के साथ मिलकर जमीन के एक बड़े हिस्से का धोखाधड़ी से रजिस्ट्रेशन करवाया। मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया और जांच शुरू की।
ओडिशा सरकार ने इस धोखाधड़ी के बाद क्या कदम उठाए?
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए कि वे अपने जिलों के ADM और जिला रजिस्ट्रार के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कार्यालयों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण सुनिश्चित करें। दोषी अधिकारी सर्वेश्वर जल को तत्काल निलंबित भी किया गया।
इस मामले में कौन से अधिकारी जिम्मेदार पाए गए हैं?
प्रारंभिक जांच में कोमना तहसील के तहसीलदार एवं सब-रजिस्ट्रार सर्वेश्वर जल का नाम सामने आया है। नुआपाड़ा जिला कलेक्टर मधुसूदन डैश की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित किया; आगे की जांच जारी है।
ओडिशा में भूमि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए क्या योजना है?
राज्य सरकार ने तकनीक के अधिकतम उपयोग को प्राथमिकता देने की बात कही है, ताकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही ADM और जिला रजिस्ट्रार स्तर पर नियमित निगरानी तंत्र को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।
इस तरह की भूमि धोखाधड़ी से आम नागरिकों पर क्या असर पड़ता है?
भूमि रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी सबसे अधिक किसानों, आदिवासियों और छोटे भूस्वामियों को प्रभावित करती है, जो अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज़ीकरण के लिए सरकारी तंत्र पर निर्भर होते हैं। ऐसे मामलों में वैध मालिकाना हक खतरे में पड़ जाता है और कानूनी विवाद लंबे समय तक चल सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले