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ओडिशा बाढ़ संकट: कटक, केंद्रपाड़ा, बालासोर समेत कई जिलों में बहु-विभागीय राहत अभियान तेज

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ओडिशा बाढ़ संकट: कटक, केंद्रपाड़ा, बालासोर समेत कई जिलों में बहु-विभागीय राहत अभियान तेज

सारांश

ओडिशा के सात से अधिक जिलों में बाढ़ का संकट गहराया हुआ है। जल संसाधन विभाग ने खारसुआन नदी के ओवरफ्लो को रेत की बोरियों से रोका, जबकि हाउसिंग विभाग के मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है।

मुख्य बातें

ओडिशा के कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में 30 जुलाई को बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है।
जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए; तटबंधों और नदी प्रणालियों की 24 घंटे निगरानी जारी।
खारसुआन नदी के ओएई-9बी ओवरफ्लो को रेत की बोरियों से सफलतापूर्वक बंद किया गया।
मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बाढ़ प्रबंधन में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कीं।
विभागीय कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय; शहरी जल-निकासी और राहत वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता।

ओडिशा के कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में 30 जुलाई को बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके मद्देनज़र राज्य सरकार के कई विभागों ने बचाव, राहत और पुनर्स्थापना कार्यों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। सड़क संपर्क बहाल करने, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और प्रभावित नागरिकों तक सहायता पहुँचाने की कोशिशें एक साथ चल रही हैं।

जल संसाधन विभाग की तैयारी

ओडिशा जल संसाधन विभाग ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि उसके सभी अधिकारी और कर्मचारी जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से तैनात हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त अधिकारी भेजे गए हैं ताकि लगातार निगरानी और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

वरिष्ठ फील्ड इंजीनियर तटबंधों, नदी प्रणालियों और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी अन्य महत्त्वपूर्ण संरचनाओं की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। माइनर इरिगेशन, मेगा लिफ्ट इरिगेशन, क्वालिटी एश्योरेंस तथा सर्वे एंड इन्वेस्टिगेशन विंग के फील्ड इंजीनियरों को कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में पूरी तरह तैयार रखा गया है।

खारसुआन नदी पर आपातकालीन कार्रवाई

ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन सिस्टम (एमबीबीएस) के चीफ इंजीनियर ने हाल ही में आली ब्लॉक में महादेव मंदिर के निकट खारसुआन नदी के ओएई-9बी ओवरफ्लो वाले हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार, रेत की बोरियों का उपयोग कर उस ओवरफ्लो को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया है।

सभी फील्ड-स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थिति पर निरंतर नज़र रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव उपाय अपनाएँ।

शहरी क्षेत्रों में हाउसिंग विभाग की सक्रियता

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने भी भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ और जल-जमाव की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उपाय तेज किए हैं — विशेष रूप से उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में। विभाग की प्राथमिकताओं में शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा, त्वरित जल-निकासी और राहत वितरण शामिल हैं।

मंत्री का निर्देश और कंट्रोल रूम सक्रिय

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रबंधन में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।

विभागीय कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है और ज़मीनी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखते हुए तत्काल समन्वय सुनिश्चित कर रहा है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और वर्षा की स्थिति के अनुसार राहत अभियान की रणनीति को और अनुकूलित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर बार की प्रतिक्रिया आपातकालीन पैच-वर्क पर निर्भर दिखती है — रेत की बोरियाँ, छुट्टियाँ रद्द, कंट्रोल रूम। असली सवाल यह है कि तटबंध सुदृढ़ीकरण और शहरी जल-निकासी के दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे में निवेश कहाँ है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जैसे जिले हर साल इसी सूची में आते हैं, जो दर्शाता है कि संकट प्रबंधन तो है, लेकिन संकट-निवारण की नीति अभी भी कागज़ों पर ही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में बाढ़ से कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं?
30 जुलाई को कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। उत्तरी ओडिशा के जिलों में शहरी जल-जमाव की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है।
ओडिशा सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए हैं और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने आपातकालीन उपाय तेज किए हैं और सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।
खारसुआन नदी के ओवरफ्लो को कैसे रोका गया?
ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन सिस्टम के चीफ इंजीनियर ने आली ब्लॉक में ओएई-9बी ओवरफ्लो स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद रेत की बोरियों का उपयोग कर ओवरफ्लो को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया।
मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बाढ़ को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और चौबीसों घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रबंधन में लगे सभी कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं और विभागीय कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है।
ओडिशा बाढ़ में आम नागरिकों पर क्या असर पड़ा है?
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और शहरी इलाकों में जल-जमाव की स्थिति बनी हुई है। सरकार नागरिकों की सुरक्षा, त्वरित जल-निकासी और राहत वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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