29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा बाढ़: 2 लाख से अधिक प्रभावित, CM माझी ने बालेश्वर-भद्रक-जाजपुर में IAS अधिकारी तैनात किए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा बाढ़: 2 लाख से अधिक प्रभावित, CM माझी ने बालेश्वर-भद्रक-जाजपुर में IAS अधिकारी तैनात किए

सारांश

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ ने 2 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। CM मोहन चरण माझी ने बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर में वरिष्ठ IAS अधिकारी तैनात किए हैं। NDRF, ODRAF और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर हैं और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

मुख्य बातें

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ से 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित, बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर सबसे बुरी तरह प्रभावित।
CM मोहन चरण माझी ने 29 जुलाई को बाढ़ स्थिति की समीक्षा की; तीन वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रभावित जिलों में तैनात किए गए।
NDRF, ODRAF , अग्निशमन सेवा और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर; SRC कार्यालय और राज्य आपातकालीन केंद्र 24 घंटे सक्रिय।
राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ, एंटी-वेनम और पशु चारा उपलब्ध कराया गया।
प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवज़ा देने और नुकसान के तत्काल आकलन के निर्देश जारी।

ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार, 29 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख रही है और प्रत्येक नागरिक की जान व सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित बताए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और विशेष राहत आयुक्त (SRC) के साथ बाढ़ की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। तीनों सर्वाधिक प्रभावित जिलों — बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर — में तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो निकासी, राहत और बचाव कार्यों की सीधी निगरानी करेंगे।

उन्होंने कहा, 'राज्य के हर नागरिक की जान और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेरी सरकार और मैं लगातार हो रही बारिश और कुछ नदियों में बाढ़ की स्थिति पर हर पल बारीकी से नजर रख रहे हैं।'

राहत व बचाव की तैयारी

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), अग्निशमन सेवा और पुलिस के जवानों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि नदियों के जलस्तर और समग्र बाढ़ स्थिति पर निरंतर नज़र बनी रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में मानसून की बारिश सामान्य से अधिक रही है और कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राहत शिविरों में व्यवस्था

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि सभी राहत शिविरों में सुरक्षित पेयजल, पका हुआ भोजन, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ, सर्पदंश उपचार के लिए एंटी-वेनम और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराया गया है। चोरी और संपत्ति नुकसान को रोकने के लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात्रि गश्त भी बढ़ा दी है।

मुआवज़े का आश्वासन

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए और जिन लोगों के घर व कृषि भूमि प्रभावित हुई है, उन्हें शीघ्र मुआवज़ा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित नागरिकों से अपील की कि वे घबराएँ नहीं और प्रशासन द्वारा जारी सलाहों का पालन करें।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि ओडिशा बाढ़ प्रबंधन में अनुभवी राज्यों में गिना जाता है, फिर भी हर वर्ष मानसून के दौरान तटीय और निचले जिले बुरी तरह प्रभावित होते हैं। राज्य सरकार का प्रशासनिक तंत्र इस बार पहले से सक्रिय दिख रहा है, लेकिन नदियों के जलस्तर और बारिश की तीव्रता पर आने वाले दिनों में कड़ी नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि मुआवज़े का वितरण कितनी तेज़ी से और पारदर्शिता के साथ होता है — क्योंकि ओडिशा में हर मानसून के बाद राहत राशि में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। 2 लाख से अधिक प्रभावित लोगों की संख्या चिंताजनक है, और यदि बारिश जारी रही तो यह आँकड़ा बढ़ सकता है। राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता की असली परीक्षा अगले 72 घंटों में होगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा बाढ़ 2025 में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
29 जुलाई तक ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ से 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित बताए जा रहे हैं।
CM मोहन चरण माझी ने बाढ़ राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
CM माझी ने मुख्य सचिव और विशेष राहत आयुक्त के साथ समीक्षा बैठक की और तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सर्वाधिक प्रभावित जिलों में तैनात किया। NDRF, ODRAF और पुलिस को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
ओडिशा के राहत शिविरों में क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
राहत शिविरों में सुरक्षित पेयजल, पका हुआ भोजन, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ, सर्पदंश के लिए एंटी-वेनम और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात्रि गश्त भी बढ़ाई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवज़ा कब मिलेगा?
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल आकलन करें और घर व कृषि भूमि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मुआवज़ा दें। हालाँकि, वितरण की कोई निश्चित तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी कौन कर रहा है?
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। CM माझी ने बताया कि वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले