ओडिशा बाढ़: बीजेडी का आरोप — सीएम माझी राहत नहीं, प्रचार के लिए गए जाजपुर
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजेडी) ने मंगलवार, 18 अगस्त को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर तीखा हमला बोला। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि यह दौरा राहत कार्यों की समीक्षा के बजाय राजनीतिक प्रचार से अधिक प्रेरित था, और बाढ़ पीड़ितों तक सूखा राशन व पॉलीथीन शीट जैसी बुनियादी सामग्री भी समय पर नहीं पहुँची।
बीजेडी के आरोप: क्या कहा प्रवक्ता ने
भुवनेश्वर के शंख भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेडी के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुँचाने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूखा और पका हुआ भोजन तक कई परिवारों को नहीं मिल सका।
मोहंती ने कहा, 'मुख्यमंत्री का यह दौरा बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा साबित हुआ।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब ओडिशा के कई जिले बाढ़ की चपेट में थे, उस दौरान मुख्यमंत्री दिल्ली में कार्यक्रमों और भोज में व्यस्त थे।
जाजपुर दौरे पर सवाल
बीजेडी नेता ने कहा कि बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जाजपुर जिले का दौरा महत्वपूर्ण था, लेकिन उनके अनुसार यह दौरा पीड़ितों की समस्याएँ सुनने के बजाय राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित दिखाई दिया। मोहंती ने आरोप लगाया कि बीजेडी विधायक प्रमिला मल्लिक और सुजाता साहू मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार कर रही थीं, परंतु उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भाजपा नेताओं के साथ किया।
मोहंती के अनुसार, 'मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच कम समय बिताया और सम्मान समारोहों में ज्यादा समय दिया।'
मोटरसाइकिल प्रकरण: सोशल मीडिया रील का आरोप
बीजेडी प्रवक्ता ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूरज सूर्यवंशी की उस तस्वीर का भी उल्लेख किया जिसमें वे मोटरसाइकिल चला रहे थे और मुख्यमंत्री उनके पीछे बैठे थे। मोहंती का आरोप था कि यह सब केवल सोशल मीडिया रील बनाने के लिए किया गया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिना हेलमेट मोटरसाइकिल की सवारी यातायात नियमों का उल्लंघन है — और पूछा कि क्या राज्य परिवहन विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
बीजेडी के इन आरोपों पर राज्य सरकार या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन आरोपों का जवाब किस प्रकार देती है और प्रभावित परिवारों तक राहत वितरण में सुधार होता है या नहीं।