3 अगस्त 2026
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ओडिशा बाढ़ पर बीजेडी का हमला: CM माझी की दिल्ली यात्रा के दौरान 7 मौतें, सरकार पर देरी का आरोप

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ओडिशा बाढ़ पर बीजेडी का हमला: CM माझी की दिल्ली यात्रा के दौरान 7 मौतें, सरकार पर देरी का आरोप

सारांश

ओडिशा में बाढ़ ने 7 जानें लीं और हज़ारों एकड़ फसल बर्बाद की — लेकिन बीजेडी का आरोप है कि CM माझी बाढ़ के चरम पर दिल्ली में थे। यह सवाल अब राज्य की आपदा प्रबंधन प्राथमिकताओं पर सीधी चुनौती बन गया है।

मुख्य बातें

बीजू जनता दल (बीजेडी) ने 2 अगस्त को ओडिशा सरकार पर बाढ़ राहत में देरी का आरोप लगाया।
बाढ़ में 7 लोगों की मौत , 1,380 पालतू जानवर मरे और हज़ारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हुई।
बीजेडी का आरोप — CM मोहन चरण माझी संकट के दौरान नई दिल्ली में वरिष्ठ BJP नेताओं के साथ थे।
लेनिन मोहंती ने कहा कि विपक्ष की बार-बार चेतावनियों के बावजूद सरकार ने तत्परता नहीं दिखाई।
CM माझी ने शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों को प्रभावित जिलों की निगरानी के लिए नियुक्त किया।

बीजू जनता दल (बीजेडी) ने रविवार, 2 अगस्त को ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि हालिया बाढ़ संकट के दौरान प्रशासनिक प्रतिक्रिया बेहद विलंबित रही, जिसके चलते 7 लोगों की जान गई, 1,380 पालतू जानवर मारे गए और हज़ारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। विपक्षी दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी बाढ़ की गंभीरता के बावजूद नई दिल्ली में वरिष्ठ BJP नेताओं के साथ थे, और उनके लौटने के बाद ही राहत तंत्र सक्रिय हुआ।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

बीजेडी के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन मोहंती ने एक प्रेस बयान में कहा कि विपक्षी दलों की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद राज्य सरकार ने अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। उनके अनुसार, लगातार भारी वर्षा ने बाढ़ को गंभीर स्तर पर पहुँचा दिया था, लेकिन प्रशासन तब तक सुस्त रहा जब तक मुख्यमंत्री दिल्ली से वापस नहीं लौटे।

डॉ. मोहंती ने कहा, "बीजेडी और अन्य विपक्षी दलों ने बार-बार यह बताया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, लेकिन राज्य सरकार ने वास्तविकता को नहीं समझा। मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने और बाढ़ की गंभीरता को समझने के बाद ही उन्होंने कुछ मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए नियुक्त किया।"

नुकसान का दायरा

बीजेडी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बाढ़ में 7 लोगों की मृत्यु हुई, 1,380 पालतू जानवर काल के गाल में समा गए और हज़ारों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई। पार्टी का कहना है कि समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप से इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा के कई ज़िले मानसून की अत्यधिक वर्षा से पहले से ही जूझ रहे थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

बता दें कि मुख्यमंत्री माझी ने शनिवार को बाढ़ और लगातार बारिश से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की देखरेख के लिए वरिष्ठ मंत्रियों को नियुक्त किया। हालाँकि, बीजेडी का तर्क है कि यह कदम बहुत देर से उठाया गया और इससे पहले ही व्यापक क्षति हो चुकी थी।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि ओडिशा में BJP ने 2024 में सत्ता संभाली थी, जिससे बीजेडी के दो दशकों के शासन का अंत हुआ था। यह पहली बड़ी प्राकृतिक आपदा है जिसमें विपक्षी बीजेडी ने नई सरकार की आपदा प्रबंधन क्षमता पर सीधा सवाल उठाया है। आलोचकों का कहना है कि बाढ़ राहत में देरी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।

आगे क्या होगा

नियुक्त मंत्री अब प्रभावित ज़िलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। बीजेडी ने माँग की है कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवज़ा दे और भविष्य में ऐसी आपदाओं के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें एक ठोस प्रशासनिक सवाल छुपा है — क्या किसी सक्रिय प्राकृतिक आपदा के दौरान मुख्यमंत्री का राजधानी से बाहर रहना स्वीकार्य है? ओडिशा में BJP की यह पहली बड़ी आपदा परीक्षा है, और विपक्ष का यह हमला उसी कमज़ोरी को निशाना बना रहा है जो पिछली सरकारों पर भी लगाई जाती रही है। गौरतलब है कि बीजेडी खुद दो दशकों तक सत्ता में रही और उस दौरान भी बाढ़ प्रबंधन पर सवाल उठते थे। असली मुद्दा दलगत राजनीति से परे है — ओडिशा में हर मानसून बाढ़ की पुनरावृत्ति होती है, फिर भी प्रारंभिक चेतावनी से राहत तक की प्रतिक्रिया-श्रृंखला कमज़ोर बनी रहती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजेडी ने ओडिशा सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
बीजेडी ने आरोप लगाया है कि ओडिशा सरकार ने बाढ़ संकट पर बहुत देर से प्रतिक्रिया दी। पार्टी का कहना है कि CM मोहन चरण माझी बाढ़ की गंभीरता के बावजूद नई दिल्ली में थे और उनके लौटने के बाद ही राहत कार्य शुरू हुए।
ओडिशा बाढ़ में कितना नुकसान हुआ?
बीजेडी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार बाढ़ में 7 लोगों की मौत हुई, 1,380 पालतू जानवर मारे गए और हज़ारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। पार्टी का कहना है कि समय पर कार्रवाई से इस नुकसान को कम किया जा सकता था।
CM मोहन चरण माझी ने बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
CM माझी ने शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों को बाढ़ और भारी बारिश से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए नियुक्त किया। हालाँकि, विपक्ष का तर्क है कि यह कदम बहुत देर से उठाया गया।
डॉ. लेनिन मोहंती कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
डॉ. लेनिन मोहंती बीजू जनता दल के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बार-बार बाढ़ की गंभीरता के बारे में चेतावनी दी, लेकिन सरकार ने तब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जब तक CM दिल्ली से नहीं लौटे।
ओडिशा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब क्या हो रहा है?
CM माझी द्वारा नियुक्त वरिष्ठ मंत्री अब प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। बीजेडी ने माँग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और भविष्य के लिए स्पष्ट आपदा प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल बनाया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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