2 अगस्त 2026
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मणिपुर में 24 घंटे में 9 उग्रवादी गिरफ्तार, 6 IED नष्ट; हथियारों का जखीरा बरामद

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मणिपुर में 24 घंटे में 9 उग्रवादी गिरफ्तार, 6 IED नष्ट; हथियारों का जखीरा बरामद

सारांश

मणिपुर में 24 घंटे के भीतर 9 उग्रवादी गिरफ्तार और 6 IED नष्ट — यह छह ज़िलों में एक साथ चलाए गए संयुक्त अभियान का नतीजा है। म्यांमार की खुली सीमा से सटे मोरेह इलाके से मिला हथियारों का जखीरा बताता है कि सीमा पार से हथियारों की आपूर्ति अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के संयुक्त अभियान में 2 अगस्त 2026 को 24 घंटों के भीतर 9 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए।
गिरफ्तारियाँ थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट — छह ज़िलों में हुईं।
पकड़े गए उग्रवादी KCP, PLA/RPF, NSCN-खापलांग और PREPAK से जुड़े हैं; अपहरण व जबरन वसूली में शामिल थे।
तेंगनौपाल के मोरेह क्षेत्र से 9 mm पिस्टल, डबल-बैरल बंदूक, 6 रेडियो सेट, 2 हैंड ग्रेनेड और 6 IED बरामद; सभी IED मौके पर नष्ट।
DGP मुकेश सिंह ने 1892 में स्थापित मणिपुर राइफल्स की प्रथम बटालियन का निरीक्षण किया।
राज्यभर में 111 नाके और चेकपॉइंट सक्रिय; इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर काफिला सुरक्षा जारी।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 2 अगस्त 2026 को खुफिया सूचनाओं पर आधारित समन्वित अभियानों में पिछले 24 घंटों के भीतर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया तथा भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और 6 शक्तिशाली IED बरामद कर उन्हें मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी साझा की।

मुख्य घटनाक्रम: कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई

मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के संयुक्त अभियान में थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट — छह ज़िलों से गिरफ्तारियाँ की गईं। पकड़े गए उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से संबद्ध हैं, जिनमें कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसका राजनीतिक संगठन रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खापलांग तथा पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी अपहरण और जबरन वसूली जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे। उग्रवादी संगठन इस वसूली को प्रायः 'चंदा' कहकर संचालित करते हैं।

बरामदगी: हथियार, दस्तावेज़ और विस्फोटक

सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से आपत्तिजनक दस्तावेज़, चंदे की रसीदें, नकदी, प्रतिबंधित संगठनों की मुहरें और लेटरहेड, बाओफेंग कम्युनिकेशन हैंडसेट तथा अन्य सामग्री ज़ब्त की।

एक अलग संयुक्त अभियान में तेंगनौपाल ज़िले के मोरेह पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एक वन क्षेत्र — जो म्यांमार की खुली सीमा से सटा है — से हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। इसमें एक 9 mm पिस्टल, एक डबल-बैरल बंदूक, 6 रेडियो सेट, 2 हैंड ग्रेनेड और 6 शक्तिशाली IED शामिल थे। बम निरोधक दस्ते ने मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी IED को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

DGP का ऐतिहासिक बटालियन दौरा

इन अभियानों के बीच पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कानून-व्यवस्था और खुफिया विभाग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के साथ इम्फाल स्थित मणिपुर राइफल्स की प्रथम बटालियन का निरीक्षण किया। यह राज्य की सबसे पुरानी सशस्त्र इकाइयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1892 में हुई थी और इसका 134 वर्ष का गौरवशाली इतिहास है।

दौरे के दौरान DGP को मणिपुर पुलिस के संस्थागत इतिहास की जानकारी दी गई। उन्होंने क्वार्टर गार्ड, ऑफिसर्स क्लब, बैंक्वेट हॉल, ट्रांसपोर्ट विंग, परेड ग्राउंड, चर्च, मंदिर, कैंटीन और पेट्रोल पंप सहित कई प्रमुख सुविधाओं का निरीक्षण किया। बटालियन के अधिकारियों और जवानों के साथ हुई बातचीत में तैनाती नियमों, नियमित निरीक्षण और आधुनिक पुलिसिंग की ज़रूरतों के अनुरूप सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई।

राज्यव्यापी सुरक्षा इंतज़ाम

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और मणिपुर पुलिस ने राज्य के बाहरी, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हैं। सुरक्षा ढाँचे के तहत घाटी और पहाड़ी ज़िलों में 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं, जो उग्रवादियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखते हैं।

सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले ट्रकों सहित वाहनों को एस्कॉर्ट प्रदान कर रहे हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।

पुलिस की जनता से अपील

मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाले फर्जी वीडियो और भ्रामक सामग्री से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर अफवाहें सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना सकती हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में दीर्घकालिक जातीय तनाव के बीच सुरक्षा बल निरंतर दबाव में काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन अभियानों की गति और दायरा बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हथियारों की निर्बाध आवाजाही का रास्ता बनी हुई है। गिरफ्तारियाँ और बरामदगियाँ परिचालन सफलता हैं, लेकिन छह अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों का एक ही दिन में पकड़ा जाना यह भी दर्शाता है कि ये संगठन अभी भी सक्रिय और विकेंद्रित हैं। जब तक सीमा प्रबंधन और म्यांमार के साथ खुफिया-साझेदारी को मज़बूत नहीं किया जाता, तब तक ऐसे अभियान लक्षणों का उपचार करते रहेंगे, मूल कारण का नहीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 2 अगस्त को कितने उग्रवादी गिरफ्तार हुए और कहाँ से?
2 अगस्त 2026 को 24 घंटों के भीतर मणिपुर के छह ज़िलों — थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट — से कुल 9 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए। ये सभी प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे और अपहरण व जबरन वसूली में शामिल बताए गए हैं।
मणिपुर में बरामद IED को कैसे नष्ट किया गया?
तेंगनौपाल ज़िले के मोरेह क्षेत्र के एक वन इलाके से 6 शक्तिशाली IED बरामद हुए। बम निरोधक दस्ते ने मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए इन्हें मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय और नष्ट कर दिया।
मणिपुर में कौन-से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं?
इस अभियान में गिरफ्तार उग्रवादी KCP (कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी), PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी), RPF (रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट), NSCN-खापलांग और PREPAK (पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक) से जुड़े थे। ये सभी भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन हैं।
मणिपुर में सुरक्षा बल किस तरह के इंतज़ाम कर रहे हैं?
राज्य में घाटी और पहाड़ी ज़िलों में 111 नाके और चेकपॉइंट स्थापित हैं। इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवश्यक वस्तुओं के काफिले को सुरक्षा दी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
DGP मुकेश सिंह ने मणिपुर राइफल्स बटालियन का दौरा क्यों किया?
पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने 1892 में स्थापित और 134 वर्ष पुराने इतिहास वाली मणिपुर राइफल्स की प्रथम बटालियन का निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य बटालियन की सुविधाओं का जायज़ा लेना, अधिकारियों से संवाद करना और आधुनिक पुलिसिंग की ज़रूरतों के अनुरूप सुधारों पर चर्चा करना था।
राष्ट्र प्रेस
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