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धनबाद स्टेशन पर RPF का बड़ा एक्शन: 18.28 किलो गांजा जब्त, ₹9.14 लाख की खेप के साथ तस्कर गिरफ्तार

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धनबाद स्टेशन पर RPF का बड़ा एक्शन: 18.28 किलो गांजा जब्त, ₹9.14 लाख की खेप के साथ तस्कर गिरफ्तार

सारांश

आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने धनबाद स्टेशन पर सियालदह-जम्मूतवी एक्सप्रेस से ₹9.14 लाख का गांजा पकड़ा। बेतिया का एक युवक गिरफ्तार, दो साथी फरार — खेप फतेहपुर पहुँचाई जानी थी।

मुख्य बातें

आरपीएफ ने 22 जून को ऑपरेशन नारकोस के तहत धनबाद रेलवे स्टेशन पर 18.280 किलोग्राम गांजा जब्त किया।
बरामद गांजे की अनुमानित कीमत ₹9.14 लाख ; 18 पैकेट तीन पिट्ठू बैगों में छुपाए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी कृष्णा , निवासी मधुरी गौरीपुर, पश्चिम चंपारण (बेतिया) ; साथी लाल कुमार और रोहित कुमार फरार।
खेप उत्तर प्रदेश के फतेहपुर पहुँचाई जानी थी; तीनों को ₹1,500 और यात्रा खर्च का आश्वासन था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत राजकीय रेल थाना, धनबाद में मामला दर्ज; जाँच अवर निरीक्षक सिद्धेश्वर बरुली को सौंपी गई।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 22 जून को ऑपरेशन नारकोस के तहत धनबाद रेलवे स्टेशन पर 18.280 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹9.14 लाख आँकी गई है। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए।

कैसे हुई कार्रवाई

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, सियालदह-जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच की नियमित निगरानी के दौरान एक युवक तीन पिट्ठू बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में देखा गया। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट धनबाद और अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर युवक को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की। तीनों बैगों की तलाशी में 18 पैकेट गांजा मिला, जिसका कुल वजन 18.280 किलोग्राम पाया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

गिरफ्तार युवक ने अपनी पहचान पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले के मधुरी गौरीपुर निवासी कृष्णा के रूप में बताई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसके साथ लाल कुमार और रोहित कुमार भी थे, जिन्होंने अपने बैग उसे ट्रेन में चढ़ाने के लिए सौंपे थे। कार्रवाई शुरू होते ही दोनों मौके से भाग निकले।

तस्करी का नेटवर्क और मुआवज़ा

आरोपी कृष्णा के बयान के अनुसार, यह गांजे की खेप उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक अज्ञात व्यक्ति को पहुँचाई जानी थी। तीनों तस्करों को इस काम के बदले ₹1,500 नकद, भोजन और यात्रा खर्च देने का आश्वासन दिया गया था। आरपीएफ ने गांजे के अलावा आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन भी जब्त किया है।

कानूनी कार्रवाई

उपनिरीक्षक पालिक मिंज की लिखित शिकायत के आधार पर राजकीय रेल थाना, धनबाद में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जाँच अवर निरीक्षक सिद्धेश्वर बरुली को सौंपी गई है।

धनबाद में बढ़ते नशा-विरोधी अभियान

गौरतलब है कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में हाल के महीनों में गांजा तस्करी के विरुद्ध लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, रेलवे यार्ड और शहरी इलाकों में की गई कई कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हो चुके हैं और तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे मार्गों के ज़रिए अंतर-राज्यीय नशा तस्करी पर केंद्र सरकार की नज़र तेज़ हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 में वाहक बना रहा है। चिंताजनक यह है कि दो मुख्य संदिग्ध फरार हैं, जो असली आपूर्ति शृंखला के अब भी सक्रिय रहने का संकेत देते हैं। आरपीएफ के अभियान सराहनीय हैं, लेकिन जब तक ऊपरी नेटवर्क को तोड़ा नहीं जाता, वाहकों की गिरफ्तारी से तस्करी पर दीर्घकालिक अंकुश लगना मुश्किल है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद रेलवे स्टेशन पर कितना गांजा जब्त हुआ और इसकी कीमत क्या है?
आरपीएफ ने 22 जून को धनबाद स्टेशन पर 18.280 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹9.14 लाख आँकी गई है। यह गांजा सियालदह-जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच में तीन पिट्ठू बैगों में 18 पैकेट के रूप में छुपाया गया था।
ऑपरेशन नारकोस क्या है?
ऑपरेशन नारकोस रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का एक नशा-विरोधी अभियान है, जिसके तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नियमित निगरानी और छापेमारी की जाती है। धनबाद में यह अभियान आरपीएफ और अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम चला रही है।
गिरफ्तार तस्कर कौन है और उसके साथी कहाँ हैं?
गिरफ्तार आरोपी का नाम कृष्णा है, जो पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले के मधुरी गौरीपुर का निवासी है। उसके दो साथी — लाल कुमार और रोहित कुमार — कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गए और अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं।
यह गांजा कहाँ पहुँचाया जाना था?
आरोपी कृष्णा के बयान के अनुसार, यह खेप उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक अज्ञात व्यक्ति को पहुँचाई जानी थी। तीनों वाहकों को इसके बदले ₹1,500 नकद, भोजन और यात्रा खर्च देने का वादा किया गया था।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
उपनिरीक्षक पालिक मिंज की शिकायत पर राजकीय रेल थाना, धनबाद में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जाँच अवर निरीक्षक सिद्धेश्वर बरुली को सौंपी गई है और आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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