क्या टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने तस्करों को पकड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- आरपीएफ ने टाटानगर रेलवे स्टेशन पर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की।
- गिरफ्तार तस्करों के पास 6.08 किलोग्राम गांजा था।
- गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.5 लाख रुपए है।
- तस्करी का नेटवर्क ओडिशा से बिहार तक फैला हुआ था।
- आरपीएफ द्वारा भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जमशेदपुर, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की विशेष टीम ने रविवार को मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनसे कुल 6.08 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.5 लाख रुपए आंकी गई है।
आरपीएफ के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी के निर्देश पर की गई। लगातार मिल रही खुफिया सूचनाओं के आधार पर टाटानगर स्टेशन पर निगरानी को बढ़ाया गया था।
इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों के चलते दो युवकों को रोका गया। उनके पास से अवैध गांजा मिलने पर प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि तस्करी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ओडिशा के तुसरा क्षेत्र से ट्रेन संख्या 18006 समलेश्वरी एक्सप्रेस के माध्यम से गांजा लेकर टाटानगर पहुंचे थे। योजना के अनुसार, इस गांजे को पटना होते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले तक पहुंचाया जाना था। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान शर्मा यादव और सत्यनारायण साहनी के रूप में हुई है, जो बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रूपही टांड क्षेत्र के निवासी हैं।
आरपीएफ ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद गांजे के साथ रेल थाना टाटानगर को सौंप दिया है। इस संबंध में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के माध्यम से हो रही नशे की तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।