सेंट्रल रेलवे ने नागपुर और कलबुर्गी में ड्रग तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ किया, 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त

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सेंट्रल रेलवे ने नागपुर और कलबुर्गी में ड्रग तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ किया, 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त

सारांश

सेंट्रल रेलवे की आरपीएफ ने नागपुर और कलबुर्गी में की गई दो कार्रवाइयों में कुल 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई ने एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

आरपीएफ ने 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई नागपुर और कलबुर्गी में की गई।
तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है।
तस्कर का नाम शाहिद खान है।
यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सेंट्रल रेलवे की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने इस महीने नागपुर और कलबुर्गी में दो अलग-अलग अभियानों में 43 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए। इनकी कुल कीमत लगभग 12.82 लाख रुपए बताई गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन कार्रवाइयों से ट्रेन मार्गों के माध्यम से चल रहे एक ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि यह कार्रवाई आरपीएफ और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) के संयुक्त अभियान के तहत की गई। उन्होंने कहा कि निगरानी और संयुक्त जांच अभियान के दौरान दोनों टीमों ने समन्वय के साथ यह सफलता हासिल की।

प्रेस रिलीज के अनुसार, ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने एक तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और दो अलग-अलग अभियानों में 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए।

पहली कार्रवाई 6 फरवरी को नागपुर रेलवे स्टेशन पर की गई। आरपीएफ की टीम स्टेशन पर निगरानी कर रही थी, तभी उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया जो दो बैग लेकर जा रहा था। टीम में एक इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और दो आरपीएफ कर्मी शामिल थे। संदेह होने पर टीम ने उस व्यक्ति को रोककर बैग की जांच की।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान बैग से गांजा के 9 पैकेट बरामद हुए, जिसका कुल वजन 24.80 किलोग्राम था। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 3.72 लाख रुपए बताई गई है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम शाहिद खान बताया, जो मध्य प्रदेश के भिंड का निवासी है। उसने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि वह यह नशीला पदार्थ ग्वालियर ले जा रहा था। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर बरामद गांजे के साथ नागपुर में जीआरपी को सौंप दिया गया।

इससे पहले 3 फरवरी को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने विशेष सूचना के आधार पर कलबुर्गी रेलवे स्टेशन पर कोणार्क एक्सप्रेस की जांच की।

तलाशी के दौरान टीम को कोच बी-1 की बर्थ नंबर 41 के नीचे एक लावारिस बैग मिला। गवाहों की मौजूदगी में जब बैग खोला गया तो उसमें गांजा के 18 बंडल पाए गए। इनका कुल वजन 18.20 किलोग्राम था और इसकी अनुमानित कीमत लगभग 9.10 लाख रुपए बताई गई।

बरामद नशीले पदार्थों को तय प्रक्रिया के अनुसार सील कर दिया गया है और इस मामले में वाडी पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान सेंट्रल रेलवे आरपीएफ और जीआरपी के बीच बेहतरीन तालमेल और रेलवे नेटवर्क के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी को खत्म करने की उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और अगर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दें या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके सूचना दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

रेलवे प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने की अपील की है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपीएफ ने कितने नशीले पदार्थ जब्त किए?
आरपीएफ ने कुल 43 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
कहाँ पर यह कार्रवाई की गई?
यह कार्रवाई नागपुर और कलबुर्गी में की गई।
इन नशीले पदार्थों की कीमत क्या है?
इनकी कुल कीमत लगभग 12.82 लाख रुपए बताई गई है।
तस्कर का नाम क्या है?
तस्कर का नाम शाहिद खान है, जो मध्य प्रदेश के भिंड का निवासी है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से क्या अपील की है?
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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