सहरसा में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: दो ट्रेनों से 14 किलो गांजा और 18.75 लीटर शराब बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सहरसा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 30-31 अगस्त 2026 की रात को दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में 14.02 किलोग्राम गांजा और 18.75 लीटर विदेशी शराब जब्त की। बरामद प्रतिबंधित सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹7.25 लाख बताई गई है। दोनों मामले आबकारी विभाग को सौंप दिए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
राज्य रानी एक्सप्रेस से गांजा बरामद
पहली जब्ती तब हुई जब 30 अगस्त को 'रेल मदद' सेवा के माध्यम से ट्रेन नंबर 15509, राज्य रानी एक्सप्रेस में एक लावारिस बैग की सूचना मिली। सहरसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मिश्रा और कॉन्स्टेबल संजय कुमार को तलाशी का निर्देश दिया।
जब ट्रेन सहरसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुँची, तो आरपीएफ टीम ने कोच डी-04 की तलाशी ली। लावारिस बैग में 14.02 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹7 लाख आँकी गई है। इसके बाद आबकारी विभाग को सूचित किया गया और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद जब्त माल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
वैशाली एक्सप्रेस के इलेक्ट्रिक बॉक्स में छिपी शराब
दूसरे ऑपरेशन में समस्तीपुर की क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच से मिली सूचना के आधार पर ट्रेन नंबर 15566, वैशाली एक्सप्रेस में शराब की तस्करी की जानकारी मिली। पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने मानसी और ललितग्राम के बीच तैनात आरपीएफ एस्कॉर्ट टीम को सतर्क कर दिया।
रात लगभग 11:14 बजे जब वैशाली एक्सप्रेस सहरसा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुँची, तो आरपीएफ कर्मियों ने जनरल कोच नंबर 255975/सी की छत पर लगे इलेक्ट्रिक बॉक्स की तलाशी ली। बॉक्स के अंदर रॉयल स्टैग ब्रांड की 25 बोतलें छिपाई हुई मिलीं, जिनकी कुल मात्रा 18.75 लीटर और अनुमानित कीमत लगभग ₹25,000 बताई गई। यह शराब भी बाद में सहरसा आबकारी विभाग को सौंप दी गई।
बिहार में ट्रेन तस्करी पर बढ़ती निगरानी
गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से ट्रेनों के जरिए शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब आरपीएफ ने रेल मार्गों पर अवैध सामग्री की आवाजाही रोकने के लिए अपनी निगरानी और खुफिया नेटवर्क को और सक्रिय किया है।
आरपीएफ के अनुसार, दोनों जब्ती के मामले आबकारी विभाग को सौंप दिए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इन ऑपरेशन्स ने रेल तस्करी रोधी प्रयासों में खुफिया-आधारित कार्रवाई की प्रभावशीलता को एक बार फिर रेखांकित किया है।