ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला: 'मानसिक संतुलन खो गया, खुद NDA के अध्यक्ष बन गए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 22 अगस्त को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे 'डिप्रेशन में हैं और उनका मानसिक संतुलन खो गया है।' लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजभर ने सीट-बंटवारे विवाद, जाट समाज पर टिप्पणी और 'वंदे मातरम' जैसे कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
सीट-बंटवारे पर राजभर का तंज
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने खुद को 'एनडीए का राष्ट्रीय अध्यक्ष' मान लिया है। उन्होंने कहा, 'एक दिन अखिलेश यादव ने 73 सीटें आरएलडी को और 39 सीटें भारतीय समाज पार्टी को दे दीं। अखिलेश ने संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल सहित चारों को ट्वीट किया — और एक ही दिन बाद 3 सीटों पर आ गए।' राजभर के अनुसार यह व्यवहार उनकी राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है।
जाट समाज पर टिप्पणी और चौधरी चरण सिंह का संदर्भ
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के नेता जयंत चौधरी पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर राजभर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव ने जाट समाज का अपमान किया है। जिस जाट समाज ने मुलायम सिंह को मुख्यमंत्री बनाया, आज उसी समाज पर उनकी ओर से उंगली उठाई जा रही है।' राजभर ने यह भी याद दिलाया कि चौधरी चरण सिंह ने मुलायम सिंह यादव को नेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि 'इसका खामियाजा अखिलेश यादव को भुगतना पड़ेगा।'
'वंदे मातरम' विवाद पर राजभर का रुख
'वंदे मातरम' के विरोध के मुद्दे पर राजभर ने कहा कि विपक्षी नेता 'सत्ता के इतने भूखे हैं कि वे हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि जो नेता संविधान की शपथ लेकर 'वंदे मातरम' का विरोध करते हैं, वे 'कानून के खिलाफ जाते हैं' और ऐसे में उनके विरुद्ध कार्रवाई भी होगी।
बाबा रामदेव और सुरक्षा व्यवस्था पर बयान
योग गुरु बाबा रामदेव पर तंज कसते हुए राजभर ने अन्ना हजारे के आंदोलन का उल्लेख किया और कहा कि पुलिस की लाठीचार्ज के दौरान रामदेव 'सलवार-सूट पहनकर भाग गए।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि 'अगली बार वे क्या पहनेंगे।' उत्तर प्रदेश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा बढ़ाए जाने पर राजभर ने बताया कि उन्हें भी सुरक्षा प्रदान की गई है और खुफिया ब्यूरो (IB) की खतरे की रिपोर्ट के आधार पर विपक्षी सहित अन्य नेताओं को भी सुरक्षा दी गई है।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति और सीट-बंटवारे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ी हुई है। राजभर की सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी है। आने वाले चुनावी मौसम में इस तरह के बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज कर सकते हैं।