ओपी राजभर के बयान पर सपा नेता आशुतोष वर्मा बोले — 'हमने कोई चुनौती नहीं दी, यह अखिलेश की सलाह थी'
सारांश
मुख्य बातें
सपा नेता आशुतोष वर्मा ने 10 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें राजभर ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव के गृह क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत सकते हैं। वर्मा ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी की ओर से कोई चुनौती नहीं दी गई — बल्कि यह अखिलेश यादव की एक सलाह थी।
राजभर के बयान पर सपा का स्पष्टीकरण
आशुतोष वर्मा ने कहा, 'मेरा मानना है कि जब एक मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच बातचीत हो रही हो तो बीच में कूदना नहीं चाहिए। हमने कोई चुनौती नहीं दी है।' उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव ने साफ-साफ एक सलाह दी है — 'जब दिन में चार बार आपकी ओर से राम की बात की जाती है तो राम का आशीर्वाद लेने आ जाएं। राम का आशीर्वाद उनको अयोध्या से लेना चाहिए।'
सीजेपी प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर सपा का रुख
वर्मा ने सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि देशभर से लोग इससे जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, जिसमें ज्ञानेश कुमार के नाम का 'मुखौटे के तौर पर' इस्तेमाल किया गया — हालाँकि यह आरोप सपा की ओर से है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वर्मा ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार की ओर से दिल्ली में प्रवेश करने से ट्रेनों और गाड़ियों को रोका गया है और 50,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'इससे ही समझा जा सकता है कि वे कितना डर गए हैं। यह समय भाजपा की विदाई का है।'
युवाओं की पार्टी के रूप में सपा की पहचान
सीजेपी प्रदर्शन में युवाओं की भागीदारी के संदर्भ में वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी नैतिक रूप से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, 'नेताजी हमेशा कहते थे ये पार्टी कभी बूढ़ी नहीं होगी। सपा ने खुद को नई पीढ़ी के लिए तैयार कर लिया है।'
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने ओपी राजभर के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह चुनौती अखिलेश यादव की ओर से दी गई है और इसका जवाब सीएम योगी को देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ को राजभर समाज को जवाब देना चाहिए, जिसके साथ कथित तौर पर धोखा हुआ है।
सुरेंद्र राजपूत ने जंतर-मंतर पर जाने वाले प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि देशभर के युवा वहाँ जा रहे हैं और 'जेन-जी' पीढ़ी इस आंदोलन से जुड़ रही है। उन्होंने ट्रेनें रद्द किए जाने और बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने के दावों को 'लोकतंत्र पर हमला' बताया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आगे का परिदृश्य
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। ओपी राजभर का बयान और उस पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकती है।