कर्नाटक BJP का दूध-दही मूल्य वृद्धि के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान, विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार को दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दूध और दही की बढ़ती कीमतों के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने 31 अक्टूबर 2026 को दावनगेरे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने दीपावली और कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर मूल्य वृद्धि को जनता के लिए 'उपहार' की तरह परोसा है।
मूल्य वृद्धि का ब्यौरा
विजयेंद्र के अनुसार, राज्य सरकार ने दूध की कीमत में ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि की है, जबकि दही की कीमतों में भी इज़ाफ़ा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस सरकार पेट्रोल, शराब, दूध और स्टांप शुल्क की कीमतें लगातार बढ़ाती आई है।
BJP नेता ने यह भी चेतावनी दी कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में बस किराए में भी वृद्धि करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, बाइक टैक्सियों और पार्किंग में भी आम नागरिकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ लादा जा रहा है।
किसान बनाम उपभोक्ता: BJP की दलील
विजयेंद्र ने स्वीकार किया कि दूध की कीमतों में वृद्धि से किसानों को लाभ होगा, लेकिन साथ ही कहा कि किसानों की मदद का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। उनके अनुसार, राज्य सरकार को दूध पर सब्सिडी बढ़ानी चाहिए थी और अतिरिक्त खर्च स्वयं वहन करना चाहिए था।
उन्होंने दावा किया कि दूध उत्पादकों को देय लगभग ₹1,700 करोड़ की सब्सिडी अभी भी लंबित है, जो राज्य सरकार की वित्तीय विफलता को उजागर करती है।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि बसों के लिए डीजल खरीदने के पैसे नहीं हैं — BJP ने तीखा पलटवार किया। विजयेंद्र ने कहा कि BJP पिछले छह महीनों से राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग कर रही है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से खाली जेबें दिखाकर BJP की माँग का ही जवाब दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल खरीदने में असमर्थता इस बात का संकेत है कि राज्य का खजाना खाली हो रहा है।
गन्ना उत्पादकों और अन्य मुद्दे
विजयेंद्र ने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं के समाधान में राज्य सरकार की विफलता की भी आलोचना की और इस मुद्दे से निपटने के सरकार के तरीके को 'हास्यास्पद' बताया। उन्होंने हरियाणा में किसानों को दिए जा रहे विशेष पैकेज का हवाला देते हुए कर्नाटक सरकार से गन्ना उत्पादकों की चिंताओं को गंभीरता से संबोधित करने का आग्रह किया।
इसके अलावा, कांग्रेस नेता उग्रप्पा के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान वाल्मीकि समुदाय के लिए आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल न होने पर विरोध की धमकी दी थी — विजयेंद्र ने कांग्रेस पर राजनीतिक नाटकबाजी का आरोप लगाया।
BJP की चेतावनी और आगे की राह
विजयेंद्र ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मूल्य वृद्धि वापस नहीं ली गई और अतिरिक्त खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना बंद नहीं किया गया, तो BJP पूरे कर्नाटक में अपना आंदोलन और तेज कर देगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महंगाई को लेकर आम परिवारों में असंतोष बढ़ रहा है।