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नंदिनी दूध दाम वृद्धि: बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कहा — 8-10 नहीं, केवल 2-3 रुपये बढ़ाए सरकार

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नंदिनी दूध दाम वृद्धि: बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कहा — 8-10 नहीं, केवल 2-3 रुपये बढ़ाए सरकार

सारांश

कर्नाटक सरकार नंदिनी दूध के दाम 8-10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने पर विचार कर रही है — बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने इसे नंदिनी के इतिहास की सबसे बड़ी वृद्धि बताते हुए विरोध किया है और सहकारिता मंत्री को पत्र लिख 2-3 रुपये की सीमित बढ़ोतरी की माँग रखी है।

मुख्य बातें

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने 27 सितंबर 2026 को कर्नाटक सरकार से नंदिनी दूध के दाम 2-3 रुपये प्रति लीटर से अधिक न बढ़ाने की माँग की।
सरकार के प्रस्तावित 8-10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को एसोसिएशन ने नंदिनी के इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोतरी बताया।
एसोसिएशन ने सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को औपचारिक पत्र भेजा।
अत्यधिक वृद्धि से होटल, बेकरी, मिठाई दुकान, आइसक्रीम पार्लर समेत फूड इंडस्ट्री पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
एसोसिएशन ने चेताया कि महँगे नंदिनी दूध की जगह अन्य राज्यों के दूध की माँग बढ़ सकती है, जिससे कर्नाटक का डेयरी सेक्टर प्रभावित होगा।
किसानों की उत्पादन लागत के लिए सब्सिडी देने का सुझाव भी दिया गया।

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने 27 सितंबर 2026 को कर्नाटक सरकार से आग्रह किया कि नंदिनी दूध के दामों में प्रस्तावित 8-10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को वापस लिया जाए और इसे अधिकतम 2-3 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रखा जाए। एसोसिएशन का कहना है कि बड़ी मूल्यवृद्धि से होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और अन्य खाद्य व्यवसायों पर गंभीर आर्थिक दबाव पड़ेगा, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुँचेगा।

सरकार को लिखा पत्र

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में एसोसिएशन ने रेखांकित किया कि होटल उद्योग लंबे समय से बड़ी मात्रा में नंदिनी दूध खरीद रहा है, जिससे राज्य के डेयरी किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होता है। एसोसिएशन ने यह भी स्वीकार किया कि डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ हद तक मूल्य संशोधन जरूरी हो सकता है — लेकिन प्रस्तावित बढ़ोतरी अत्यधिक है।

इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोतरी का खतरा

एसोसिएशन ने चेताया है कि 8-10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि नंदिनी दूध के इतिहास में सबसे बड़ी एकल मूल्यवृद्धि होगी। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही महँगाई की मार झेल रहा खाद्य उद्योग अपनी परिचालन लागत को नियंत्रित करने में संघर्ष कर रहा है। एसोसिएशन के अनुसार, इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, मिठाई की दुकानों, आइसक्रीम पार्लर और दूध आधारित अन्य व्यवसायों पर पड़ेगा।

आम उपभोक्ताओं पर असर

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि दूध की लागत में तीव्र वृद्धि होने पर कारोबारियों को मजबूरन चाय, कॉफी, मिठाई और दुग्ध-उत्पादों के दाम भी बढ़ाने होंगे। गौरतलब है कि ये उत्पाद आम नागरिकों की दैनिक ज़रूरतों का हिस्सा हैं, इसलिए यह वृद्धि केवल व्यावसायिक समस्या नहीं, बल्कि घरेलू बजट पर भी असर डालने वाली है।

नंदिनी की खपत घटने का जोखिम

एसोसिएशन ने एक और महत्त्वपूर्ण चेतावनी दी है — यदि नंदिनी दूध के दाम अत्यधिक बढ़े, तो अन्य राज्यों से आने वाले सस्ते दूध की माँग बढ़ सकती है। इससे नंदिनी की बाज़ार हिस्सेदारी घटेगी, जो कर्नाटक के समग्र डेयरी सेक्टर के लिए प्रतिकूल होगा। यह विरोधाभासी स्थिति है — किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम अंततः नंदिनी की बिक्री घटाकर उन्हीं किसानों को नुकसान पहुँचा सकता है।

एसोसिएशन की सिफारिशें

एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष दो प्रमुख सुझाव रखे हैं। पहला, दूध की कीमत में बढ़ोतरी को 2-3 रुपये प्रति लीटर तक सीमित किया जाए। दूसरा, डेयरी किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत की भरपाई के लिए उन्हें सब्सिडी या अन्य सरकारी सहायता दी जाए, ताकि किसान और उद्योग — दोनों का संतुलन बना रहे। कर्नाटक सरकार की ओर से इस पत्र पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर एक वास्तविक नीतिगत दुविधा है — डेयरी किसानों को उचित मूल्य दिए बिना सेक्टर टिकाऊ नहीं है, और भारी मूल्यवृद्धि से उपभोक्ता नंदिनी छोड़ सकते हैं। असली सवाल यह है कि क्या कर्नाटक सरकार के पास किसान-सब्सिडी और मूल्य-संयम को एक साथ साधने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है। अब तक सरकार ने इस पत्र पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो खुद एक संकेत है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने नंदिनी दूध के दामों पर क्या माँग रखी है?
एसोसिएशन ने कर्नाटक सरकार से माँग की है कि नंदिनी दूध के दाम में अधिकतम 2-3 रुपये प्रति लीटर की ही बढ़ोतरी की जाए। सरकार के प्रस्तावित 8-10 रुपये के इज़ाफे को एसोसिएशन ने होटल और फूड इंडस्ट्री के लिए असहनीय बताया है।
नंदिनी दूध के दाम बढ़ने से होटल उद्योग पर क्या असर पड़ेगा?
दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, मिठाई दुकानों और आइसक्रीम पार्लरों की परिचालन लागत बढ़ेगी। इससे कारोबारियों को चाय, कॉफी और दुग्ध-उत्पादों के दाम भी बढ़ाने होंगे, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने किसे पत्र लिखा और उसमें क्या कहा?
एसोसिएशन ने कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को पत्र लिखा। पत्र में होटल उद्योग के नंदिनी दूध के बड़े खरीदार होने का हवाला देते हुए दाम वृद्धि को 2-3 रुपये तक सीमित करने और किसानों को सब्सिडी देने की अपील की गई।
नंदिनी दूध महँगा होने पर कर्नाटक के डेयरी सेक्टर पर क्या जोखिम है?
एसोसिएशन के अनुसार, अत्यधिक वृद्धि से दूसरे राज्यों के सस्ते दूध की माँग बढ़ सकती है, जिससे नंदिनी की बाज़ार हिस्सेदारी घटेगी। यह कर्नाटक के डेयरी किसानों के लिए भी प्रतिकूल होगा।
क्या कर्नाटक सरकार ने इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
27 सितंबर 2026 तक कर्नाटक सरकार की ओर से बेंगलुरु होटल एसोसिएशन के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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